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सरसों खरीद में देरी होने पर किसानों ने नारेबाजी कर जताया रोष

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सरसों खरीद में देरी होने पर किसानों ने नारेबाजी कर जताया रोष
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चरखी दादरी। नए शेड्यूल के बावजूद समय पर सरसों खरीद नहीं होने से रविवार को अनाज मंडी में किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। किसानों ने मंडी प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर रोष जाहिर किया और सरसों खरीदने की मांग की। खरीद एजेंसी अधिकारियों ने बताया कि रविवार को भी करीब एक हजार किसानों को टोकन जारी किए गए और करीब 700 क्विंटल सरसों की खरीद की गई। उन्होंने बताया कि बारदना की कमी के चलते सरसों खरीद देरी से शुरू हो पाई। हैफेड फिल्ड इंस्पेक्टर राम नारायण ने बताया कि बारदाना के रूप में 15 बैग रविवार शाम तक मंडी पहुंच जाएगें।
उल्लेखनीय है कि इन दिनों मंडी में सरसों बेचने आए किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पिछले दो दिनों से सरसों खरीद बेहद धीमी गति से हो रही है। शनिवार को भी करीब 500 किसानों को टोकन जारी किए गए थे लेकिन खरीद कार्य दोपहर बाद शुरू हो पाया था। शाम तक किसानों की करीब 300 क्विंटल सरसों की खरीद ही हुई थी। इसके बाद 90 फीसदी किसान टोकन नंबर लेकर घर लौट गए थे। रविवार सुबह ये किसान अपनी सरसों बेचने मंडी पहुंचे। घंटों इंतजार करने के बाद भी जब खरीद कार्य शुरू नहीं किया गया तो किसान भड़क उठे। उन्होंने मंडी प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। इस पर खरीद एजेंसी अधिकारियों ने उन्हें खरीद में देरी का कारण बारदाना की कमी बताया। रविवार दोपहर करीब दो बजे के बाद खरीद कार्य शुरू हो पाया। किसानों ने मंडी परिसर में बिजली पानी जैसी मुलभूत सुविधाए नहीं मिलने पर गहरी नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने प्रशासन के आला अधिकारियों से सरसों खरीद में बरती जा रही अनियमताओं पर अंकुश लगाने की मांग की है।
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खरीद के इंतजार में पिछले चार दिनों से सरसों से भरी ट्रैक्टर ट्राली के साथ मंडी में ठहरा हूं। मंडी प्रबंधक बारदाना आने के बाद भी खरीद शुरू करने के लिए बोल रहा है। चोरी के डर से सरसों को छोड़कर कहीं खाने-पीने के लिए भी नहीं जा सकते।
-शमशेर सिंह, पैंतावास निवासी
पिछले दो दिनों से देख रहा हूं कि रात को सरसों से भरे वाहन परिसर में आकर खाली हो रहे हैं। वहीं, लगातार चार दिनों से खरीद का इंतजार करने वाले किसानों की सरसों नही खरीदी जा रही। मंडी प्रशासन की अव्यवस्थाओं का खामियाजा हमें भुगतना पड़ रहा है।
राजकुमार, रूदड़ौल निवासी
मंडी परिसर में सरसों बेचने के लिए पिछले दो दिनों से इंतजार कर रहा हूं। पूरी रात यहां मच्छर काटते हैं। मंडी में न तो पीने का पानी है और न ही शौचालय की सुविधा है। मंडी परिसर में सरसों की खरीद नहीं होने से काफी परेशान हूं।
लवली, पैंतावास कलां निवासी

पिछले तीन दिनों से सरसों खरीद नहीं होने से ट्रैक्टर का किराया भी बढ़ता जा रहा है। मंडी प्रबंधक किसानों की समस्याओं से अनजान है। मंडी में लगातार बढ़ती चोरी की घटनाओं को देखते हुए पूरी रात सरसों की रखवाली करनी पड़ रही है।
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रमेश, बलाली निवासी

हमारे पास बारदाने की कमी होने के कारण खरीद में थोड़ी देरी हो रही है। वैसे रविवार देर शाम तक बारदाना के लिए 15 हजार बैग पहुंचने की उम्मीद है। रविवार को एक हजार किसानों को हमने टोकन जारी किए और करीब 700 क्विंटल सरसों की खरीद की गई।
- रामनारायण सिंह, फिल्ड इंस्पेक्टर, हैफेड
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