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वेदप्रकाश वत्स को 63 वोटों से हराकर कृष्ण कादयान बने बार के चौधरी

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अमर उजाला ब्यूरो
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झज्जर।
वेदप्रकाश वत्स को 63 वोटों से हराकर कृष्ण कादियान ने शुक्रवार को बार की चौधर पर कब्जा जमा लिया। वहीं, जितेंद्र छिक्कारा ने भाववेेश यादव को हराकर उपप्रधान के पद पर कब्जा जमाया तो पवन सैनी ने संदीप जाखड़ को हराकर सचिव पद अपने नाम किया। शुक्रवार सुबह 9 बजे ही मतदान शुरू हो गया था। प्रत्याशियों के द्वारा मतदान केंद्र के बाहर अपने-अपने समर्थक खड़े कर रखे थे, जोकि कार्ड देकर वकीलों से वोट की अपील कर रहे थे।
कृष्ण कादियान की जीत वैसे तो पक्की मानी जा रही थी, लेकिन जाट-नॉन जाट के समीकरणों में उलझन बनी हुई थी। करन ग्रेवाल की वोट संख्या 100 से कम रहना कृष्ण कादियान की जीत में बड़ी वजह बनी। चार बजे मतदान प्रक्रिया बंद होने के साथ ही गिनती शुरू कर दी गई। सबसे पहले सचिव पद का रिजल्ट घोषित किया गया, इसके बाद उपप्रधान की गिनती शुरू हुई। सबसे आखिर में प्रधान पद के लिए मतों की गिनती हुई। चुनाव अधिकारियों ने पांच बजकर 25 मिनट पर प्रधान पद का चुनाव परिणाम घोषित किया।
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91 फीसदी हुआ मतदान
बार चुनाव में इस बार मुकाबला कितने कांटे का था, इस बात का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि 630 में से 571 वोट पोल हुए हैं। अगर पोल हुए वोट की प्रतिशतता देखी जाए तो यह करीब 91 प्रतिशत बनता है। प्रधान पद के लिए हुए चुनाव में 3 वोट कैंसिल हुई तथा 2 अधिवक्ताओं ने नोटा का इस्तेमाल किया। उपप्रधान पद के चुनाव में 2 वोट कैंसिल हुई।

किसको कितने वोट मिले
प्रधान मत मिले जीत का अंतर
कृष्ण कादियान 283 63
वेदप्रकाश वत्स 220
करन ग्रेवाल 63

उपप्रधान
जितेंद्र छिक्कारा 296 24
भाववेश यादव 272

सचिव
पवन सैनी 264 109
संदीप जाखड़ 155
नरेंद्र गुलिया 147

गिनती के समय बत्ती गुल
प्रधान पद की गिनती के समय करीब पांच बजे बिजली चली गई। इसके चलते वोटों की गिनती मोबाइल की टॉर्च जलाकर की गई। वहीं, जब अचानक से बिजली कट लगा तो समर्थकों ने एकबारगी हूटिंग भी की। लेकिन वहां मौजूद वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने तुरंत चुप करवा दिया। जीत की खुशी भी कादियान के समर्थकों ने अंधेरे में ही मनाई।
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वर्जन
बार चुनाव में साथी अधिवक्ताओं ने उन्हें जिताया है, वे उसके लिए आभारी हैं। अधिवक्ताओं के हित की लड़ाई के लिए वे सदैव तत्पर रहेंगे। अधिवक्ताओं के लिए नए चैंबर व दूसरी सुविधाएं उपलब्ध करवाना उनकी प्राथमिकता रहेगी। बार लाइब्रेरी के लिए जैनरेटर का प्रावधान किया जाएगा। ताकि वोटों की गिनती के समय दिक्कत दोबारा कभी न आए।
- कृष्ण कादियान, प्रधान झज्जर बार एसोसिएशन
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