अमर उजाला ब्यूरो
बहादुरगढ़।
भाजपा सरकार के राज में किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए अनाप शनाप तुगलकी फरमानों का सामना करना पड़ रहा है। इससे किसान की अपनी फसलें सरकारी खरीद के अभाव में कम दामों पर बेचने को मजबूर है। यह बात इनेलो प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य नरेश जून ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कही।
इनेलो नेता ने कहा कि सरकार की शह पर आज अधिकारी किसानों की पूरी फसल खरीदने के बजाय तरह तरह के कानून थोपकर किसानों को परेशान व आर्थिक रूप से बर्बाद करने का काम कर रहे हैं। प्रदेश के कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ चुनाव जीतने से पहले किसानों के नाम पर राजनीति करते हुए किसानों की आमदनी दुगनी करने, स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट को लागू करवाने, किसानों की फसलों की उचित दामों पर खरीद कराने सहित अनेक वादे करते थे।
नरेश जून ने कहा कि कितने शर्म की बात है कृषि मंत्री के जिले में ही किसान अपनी सरसों की फसल बेचने के लिए अधिकारियों द्वारा जारी किए गए तुगलकी फरमानों का सामना कर परेशान हो रहे है तो पूरे प्रदेश में किसान कितनी तकलीफ फसल बेचने के लिए उठाते होंगे। इनेलो नेता नरेश जून ने कृषि मंत्री व अधिकारियों को चेताते हुए कहा कि जिले में सरसों की खरीद के लिए जारी किए गए इन किसान विरोधी नियमों को वापस लेकर किसानों की सरसों की एक एक दाने की खरीद करने का काम करें नहीं इनेलो पार्टी किसानों के साथ सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करने से गुरेज नहीं करेगी।
इस अवसर पर मास्टर रणधीर सांगवान, रणबीर जून माजरा, अंकित, सुरेश बामडोली, रविंद्र माजरा, राजेश सौलधा, जोगेंद्र जून, मिंटू पंडित, वीरेंद्र सराय आदि कार्यकर्ता मौजूद रहे।