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भूपेंद्र व दीपेंद्र हुड्डा ने सरकार पर साधे निशाने

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अमर उजाला ब्यूरो
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बहादुरगढ़।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने बहादुरगढ़ में आयोजित कांग्रेस की सभा में भाजपा सरकार और इनेलो पर जमकर निशाने साधे और दोनों के खिलाफ आरपार की लड़ाई का एलान किया। वह 25 फरवरी से शुरू हो रही अपनी क्रांति रथयात्रा के लिए जन समर्थन मांगने आए थे।
राज्य सरकार को हर मोर्चे पर विफल करार देते हुए पूर्व सीएम ने कहा कि लोगों का विश्वास इस सरकार से उठ चुका है। पूरी तरह से दिशाहीन सरकार है और इनका फंडा है कि बैठक करेंगे, चर्चा करेंगे फिर भोजन करेंगे मगर कोई काम नहीं करेंगे। शहर की सब्जी मंडी में आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन में अपने समर्थक कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए पूर्व सीएम ने भाजपा सरकार पर जमकर हमले बोले। उन्होंने कहा कि कभी निवेश, प्रति व्यक्ति आय और खेलों में अग्रणी रहने वाला हरियाणा आज बढ़ते अपराधों के लिए पहचाना जा रहा है। सरकार हर तरह फेल है। किसानों को यूरिया के लिए भटकना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि उनकी क्रांति यात्रा का मकसद भाईचारा, बदलाव और खुशहाली कायम करना रहेगा।
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हुड्डा ने कहा मैंने दस साल तक हरियाणा को आगे बढ़ाया और भाईचारे की नींव पर एक के बाद एक विकास के नये कीर्तिमान स्थापित किए, लेकिन दुख की बात ये है कि जब से हरियाणा में भाजपा की सरकार आई है उसने विकास और जनहित के मसलों को नजरअंदाज कर पूरे प्रदेश को हिंसा की आग में झोंकने का नया कीर्तिमान स्थापित कर दिया है। भाजपा की असलियत हरियाणा की जनता बहुत करीब से देख चुकी है। लोगों से किए अपने ही वादों से मुकरने के अलावा इन्होंने भाईचारा तोड़ने और लोगों को बांटने का काम किया है। भाजपा सरकार ने 3 साल में 3 बार हरियाणा जलाया है, प्रदेश में 3 बार गोली चली, 3 बार सेना बुलानी पड़ी और 75 लोगों की जान गई। प्रदेश के इतिहास में ऐसा पहले कभी नहीं हुआ।
सरपंच हट सकता है तो सीएम को भी हटाओ
इससे पहले सांसद दीपेंद्र ने एक बाद एक कांग्रेस राज में कराए विकास कार्य गिनवाए और भाजपा सरकार से तीखे सवाल पूछे। पावर प्लांट से लेकर शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में अपनी उपलब्धियां बताई और भाजपा सरकार को अपने काम बताने की चुनौती दी। बहादुरगढ़ में रेलवे अंडर पास का काम लटकाने और मेट्रो योजना में देरी को लेकर भी भाजपा सरकार को आड़े हाथों लिया। सांसद ने आरक्षण आंदोलन में हुए नुकसान का दोष भाजपा सरकार को दिया और कहा कि पराली गांव में जलने पर सरपंच के निलंबित किया जा सकता है तो तीन बार हरियाणा जलने के आरोप में वर्तमान मुख्यमंत्री को भी हटाया जाना चाहिए।
हुड्डा गिरफ्तार किए तो बहेंगी खून की नदियां
बहादुरगढ़ के पूर्व विधायक राजेंद्र जून ने भी कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। उन्होंने मेट्रो समेत बहादुरगढ़ में तमाम बड़ी विकास परियोजनाओं लाने का श्रेय भूपेंद्र सिंह हुड्डा को दिया। पूर्व मुख्यमंत्री हुड्डा पर सीबीआई द्वारा हुड्डा के खिलाफ केस दर्ज करने की उन्होंने निंदा की और कहा कि चौ. भूपेद्र सिंह हुड्डा को गिरफ्तार किया गया तो हरियाणा में खून की नदियां बह जाएंगी।
कांग्रेस नेता प्रो. वीरेंद्र, पूर्व शिक्षा मंत्री गीता भुक्कल और नगर परिषद अध्यक्ष शीला राठी ने भी कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। पूर्व चेयरमैन तेजबीर दलाल, बिजेंद्र राठी, कुलदीप छिकारा, सतपाल राठी, राजू पहलवान, सचिव सुरेंद्र छिल्लर, संदीप राठी और कई नगर पार्षद इस मौके पर मौजूद रहे। सभा का संचालन, डॉ. एसके मलिक, राजू पहलवान व भूरू पहलवान ने किया।
-फोटो 9 : बहादुरगढ़ में कांग्रेस की सभा को संबोधित करते पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा।
-फोटो 10 : सभा में मंच पर मौजूद दीपेंद्र हुड्डा, बिजेंद्र राठी, भूपेंद्र हुड्डा, राजेंद्र जून व प्रो. वीरेंद्र।
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कांग्रेसियों में दिखाई दी अपनी डफली, अपना राग की हालत
-सम्मेलन में दिखी कांग्रेस की गुटबाजी
अमर उजाला ब्यूरो
बहादरगढ़।
कांग्रेस के स्थानीय कार्यकर्ताओं में चल रही गुटबाजी का नुकसान रविवार को हुए कार्यकर्ता सम्मेलन भी देखने को मिला। स्थानीय सब्जी मंडी के एक शेड में हुई इस सभा की सैकड़ों कुर्सियां खाली पड़ी रहीं। मंच पर अव्यवस्था हावी रही।
कांग्रेस कार्यकर्ता सम्मेलन के पंडाल में करीब 2100 कुर्सियां लगाई गईं थीं। कुर्सियों की कुल 52 पंक्तियों में से प्रत्येक में 40 कुर्सियां लगीं थी, लेकिन पीछे की 20 लाइनें लगभग खाली रहीं। इसके अलावा मोहन नगर की दिशा में 10 लाइनें आधी-आधी खाली रहीं। हां, वह बात अलग है कि पंडाल के अगले हिस्से में और मंच के आसपास करीब 200 लोग खड़े हुए थे। यानी यह साफ तौर पर कहा जा सकता है कि इस कार्यकर्ता सम्मेलन में लगभग 1200 लोग थे।
कांग्रेस कार्यकर्ता सम्मेलन में कम भीड़ होने की वजह गुटबाजी को माना जा रहा है। कार्यकर्ताओं की गुटबाजी पंडाल में लगे बैनरों/फ्लैक्सों से भी उजागर हो रही थी। पूर्व विधायक राजेंद्र जून और उनके समर्थकों और नगर परिषद चेयरपर्सन शीला बिजेंद्र राठी और उनके समर्थकों ने अलग-अलग फ्लैक्स लगाए थे। चेयरपर्सन के बैनरों में पूर्व विधायक राजेंद्र जून का चित्र गायब था। कांग्रेस नेता सतपाल राठी ने तो बड़े सधे हुए शब्दों में सम्मेलन की सफलता पर सवाल भी उठाए।
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कार्यक्रम में मंच पर अव्यवस्था हावी रही। तमाम कार्यकर्ता पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा और सांसद दीपेंद्र हुड्डा को शक्ल दिखाने का प्रयास करते रहे। इन नेताओं के स्वागत में बड़ी फूल माला पहनाते वक्त भी सभी एक-दूसरे से आगे आने की कोशिश करते रहे। जिससे मंच संचालकों को भारी परेशानी हुई। वे लगातार हाथ जोड़कर यह कहते रहे कि इस तरह की अनुशासनहीनता हमारे लिए बड़ी शर्म की बात है। मंच पर नेताओं के हू-हल्लड़ पर दर्शकों ने इन नेताओं की हूटिंग भी कर डाली।

भूपेंद्र और दीपेंद्र हुड्डा ने सरकार पर साधे निशाने
- कांग्रेस की सभा में अपने काम गिनाए और भाजपा सरकार के काम पूछे
- कानून व्यवस्था पर उठाए सवाल, किसानों को बर्बाद करने का लगाया आरोप
- हुड्डा गिरफ्तार किए तो बहेंगी खून की नदियां : राजेंद्र जून
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