फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

डंपिंग प्वाइंट बिगाड़ रही शहर की आबोहवा

विज्ञापन
विज्ञापन
डंपिंग प्वाइंट बिगाड़ रही शहर की आबोहवा
विज्ञापन

अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी।
कचरे का स्थायी समाधान नहीं होने की वजह से मेन डंपिंग प्वाइंट शहर की आबोहवा प्रदूषित कर रहा है। नगर परिषद ने इस कचरे को ट्रीट करने के लिए अभी तक कोई प्लान तैयार नहीं किया है। परिषद शहर के रानिया जोहड़ के समीप चार एकड़ जमीन की चारदीवारी कर इस कचरे के स्टोरेज पर जरूर काम कर रहा है। इसके लिए 40.42 लाख रुपये का बजट भी निर्धारित किया गया है। इस समय शहर में कचरा स्टोरेज की समस्या विकराल रूप लेती जा रही है। कचरा डालने के लिए शहर में जगह की भी कमी बनी हुई है।
कचरा स्टोरेज प्रबंधन नगर परिषद के लिए चुनौती से कम नहीं है। कलियाणा रोड स्थित एक एकड़ जमीन पर अब कचरा डालने को जगह नहीं बची है। इस जमीन की बार-बार ड्रेसिंग कर कचरे का समायोजन करना पड़ रहा है। बढ़ते कचरे को देखते हुए शहर को कचरा प्लांट या अन्य रिक्साइक्लबिन सिस्टम लगाए जाने की जरूरत है तभी इस समस्या का स्थायी समाधान संभव है।
विज्ञापन

चरखी दादरी अब जिले का रूप ले चुका है। शहर की आबादी करीब 75 हजार से अधिक है। शहर में कुल 21 वार्ड हैं। वार्डों में गत सालों के दौरान बढ़ोतरी हुई है। शहर की आबादी लगातार बढ़ रही है। रिहायशी मकानों व प्रतिष्ठानों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है। कलियाणा रोड व रोहतक रोड स्थित एक दर्जन मिलों व फैक्ट्रियों का कचरा भी लगातार बढ़ता जा रहा है। शहर में नई अनाज मंडी चालू होने से कचरे की मात्रा में दोगुना तक बढ़ोतरी हुई है। नई सब्जी मंडी भी करीब दो साल से शुरू हो चुकी है। इन दोनो मंडियों का रोजाना भारी मात्रा में कूड़ा- कचरा बढ़ रहा है। इतना ही नहीं शहर का बाहरी दायरा भी बढ़ता ही जा रहा है लेकिन कचरे की स्टोरेज की क्षमता नहीं बढ़ाई गई।
शहर में सफाई व्यवस्था वैसे ही चरमराई रहती है। जैसे- तैसे ट्रैक्टर आदि से शहर के वार्डों से तो कचरे का उठान कर लिया जाता है लेकिन इस कचरे का समायोजन करना सिरदर्द बना हुआ है। शहर का काफी कचरा वार्डो के खाली प्लाटों में पड़ा है। नगर परिषद कर्मचारी भी कई बार कचरे को इन खाली प्लाटों में ही डाल देेते हैं जो लगातार शहर की आबोहवा को बिगाड़ रहा है। आवासीय बस्तियां प्रदूषित बनी रहती है।

परिषद इस प्लान पर कर रहा काम
नगर परिषद कचरे का उठान कर उसका समायोजन एवं स्टोरेज करने के लिए जरूरत प्रयासरत है। कई दिनोे तक शहर के भिवानी रोड पर रानिया जोहड़ के समीप कुछ जमीन को कचरा स्टोरेज के लिए प्रयोग किया गया । अब परिषद इस जमीन की चारदीवारी करने की प्लानिंग में है। नगर परिषद ने गत जनवरी माह में इस जमीन की पैमाइश के लिए तहसीलदार को पत्र लिखा था। अब कुछ समय पहले ही इस जमीन की पैमाइश का कार्य भी पूरा किया गया है।
चारदीवारी निर्माण पर 24.82 लाख होगा खर्च
नगर परिषद चेयरमैन संजय छपारिया ने बताया कि नगर परिषद इस स्टोरेज की जगह की चारदीवारी करवाने जा रहा है ताकि कचरे का कम से कम स्टोरेज तो किया जा सके। चारदीवारी के लिए 24.82 लाख का बजट तय किया गया है। इसके साथ यहां ट्रैक्टर और अन्य कचरा वाहन आदि पहुंचने के लिए सड़क का निर्माण भी करवाया जाना। सड़क निर्माण के लिए 15.80 लाख का बजट निर्धारित कर दिया गया है। इस प्रोजेक्ट की टेंडर संबंधी प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।
केवल स्टोरेज स्थायी समाधान नहीं
नगर परिषद शहर से उठान कर कचरे का स्टोरेज तो कर रही है लेकिन यह स्थायी समाधान नहीं है। शहर में रोजाना करीब 400 क्विंटल कचरा बढ़ रहा है। आने वाले कुछ समय में कचरा डालने को भी जगह नहीं बचेगी। कचरा प्रबंधन के लिए दीवार करने से दूषित होने वाले वातावरण पर कोई रोक लगने वाली नहीं है। शहर के आसपास वैसे ही जगह की लगातार कमी बनी हुई है। शहर की महेंद्रगढ़ चुंगी के समीप नगर परिषद की ओे से कूड़ा डाला जा रहा है।
केंद्र सरकार बना रही है कचरे से जैविक खाद
पिछले दिनो केंद्र सरकार ने देश के आठ महानगरों में कचरा से जैविक खाद तैयार के लिए बड़े प्लांट शुरू किए हैं ताकि यूरिया खाद की जगह इस जैविक खाद का फसल में इस्तेमाल किया जा सके। नगर परिषद व जिला प्रशासन को भी शहर के बढ़ते कचरे को देखते हुए उच्चाधिकारियों व सरकार से बात कर इस दिशा में काम करने की जरूरत है ताकि शहर की आबोहवा प्रदूषित न होने पाए इस कचरे का भी साथ-साथ समायोजन हो सके।
-----------------
इस कचरे का ट्रीटमेंट किया जाना चाहिए। लगातार बढ़ता स्टोरेज ठीक नहीं है। इससे शहर की आबोहवा खराब हो रही है। आने वाले समय में प्रदूषित वायु से शहरवासियों को काफी मुश्किलें झेलनी पड़ेंगी। कचरे को रिसाइक्लबिन भी किया जा सकता है। मौजूदा वातावरण में कचरा आने वाले समय में और ज्यादा बढ़ेगा। -डॉ. आरएन यादव, पर्यावरणविद
कचरे का जमाव होने से दुर्गंध फैलने पर लोगों को श्वास संबंधी परेशानी होती है। इससे अलर्जी होने लगती है। आंखों में भी जलन होने लगती है। लोगों को इससे बचाव करना चाहिए तथा मुंह और आंखों पर कपड़ा ढककर दुर्गंध वाले एरिया से गुजरना चाहिए। - डॉ. रणदीप पूनिया, सीएमओ
कचरे से वायु प्रदूषित होती है। इससे लोगों में श्वास संबंधी ज्यादा रोग बढ़ते हैं। फेफड़ों पर भी बुरा असर पड़ता है। व्यक्ति को स्वस्थ रहने के लिए सबसे पहले शुद्व हवा की जरूरत होती है ताकि ऑक्सीजन की मात्रा कम न होने पाए। - डॉ. संजीव मडिया
नगर परिषद को ट्रीट प्लांट के प्रोजेक्ट पर काम करना चाहिए। इस समय शहर की आबोहवा लगातार खराब हो रही है। नगर परिषद को इस दिशा में काम करना चाहिए। - युवा समाज सेवी, रिंपी फौगाट
नगर परिषद फिलहाल स्टोरेज की जगह चारदीवारी करने जा रही है। इसके लिए टेंडर लगा दिए गए हैं। कचरा डालने के लिए सड़क का भी निर्माण करवाया जाना है। वर्क ऑर्डर हो गए हैं। - संजय छपारिया, चेयरमैन, नगर परिषद
-------------------------------------------------------------------
ज्यादा प्रभावित एरिया
इस कचरे से शहर के वार्ड चार के अलावा महेंद्रगढ़ चुंगी एरिया, पुराना गोशाला रोड, स्लम बस्ती एरिया, कालेज रोड बस्ती, अनाज मंडी एरिया व सब्जी मंडी एरिया ज्यादा प्रभावित हो रहा है। इस एरिया में दुर्गंध ज्यादा बनी रहती है।
=======================
=बस्ती के लोगों से बातचीत==
1-महेंद्रगढ़ चुंगी के समीप नगर परिषद कर्मचारी लगातार कूड़ा डाल रहे हैं जिसके कारण लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। नगर परिषद को इस कचरे का स्थायी समाधान करना चाहिए। इस समय शहर की आबोहवा खराब हो रही है। - सुनील महेंद्रगढ़ रोड निवासी
2- नगर परिषद की ओर से डाले जा रहे इस कूड़े की मात्रा लगातार बढ़ती जा रही है। महेंद्रगढ़ चुंगी से गुजरते समय मुंह पर कपड़ा ढांप कर गुजरना पड़ता है। चुंगी के पास गउशाला बस्ती, प्रोफेसर कालोनी रोड, कालेज रोड, सब्जी मंडी आदि एरिया का ज्यादा प्रदूषित हो रहा है। इस कचरे का जल्द ही स्थायी समाधान करना चाहिए। कचरे का प्लांट भी लगाया जा सकता है। - विशाल डबास, महेंद्रगढ़ रोड बस्तीवासी
3-महेंद्रगढ़ चुंगी के समीप से प्रतिदिन सैकड़ों की सं ख्या में स्कूली बच्चों का आवागमन होता है। खुले में पड़े कूड़े के कारण बच्चों को काफी दिक्कतें उठानी पड़ती है। आसपास गंदगी बनी रहती है। दूर तक बदबू फैल रही है। इस कचरे का शहर से बाहर निपटान होना चाहिए। कचरे का ट्रीट करने के लिए व्यवस्था करनी चाहिए। - केला देवी वासी महेंद्रगढ़ चुंगी
4-खुले में पड़े कूड़े के कारण लावारिश पशुओं का जमावड़ा लगा रहता है। जिसके कारण लोगों को सांस लेने में भी परेशानी होती है। आसपास दुर्गंध बनी रहती है। गंदगी से बच्चों, महिलाओं व बुजुर्गों को ज्यादा परेशानी हो रही है। श्वास संबंधी परेशानी भी बढ़ जाती है। - मुकेश देवी, वार्ड चार
5-नगर परिषद अधिकारी लोगों के स्वास्थ्य के प्रति कोई ध्यान नहीं दे रहे है। खुले में पड़े कूड़े के कारण शहर की आबोहवा खराब हो रही है। जिसके कारण सेहत पर प्रतिकूल असर पड़ता है। बीमारियां फैलने का भी अंदेशा बना हुआ है। 24 घंटे दुर्गंध बनी रहती है। - निर्मला वार्ड चार वासी
विज्ञापन

6-नगर परिषद अधिकारी को महेंद्रगढ़ चुंगी के समीप कूड़ा डालने के लिए कई बार अवगत करा चुका हूं लेकिन नगर परिषद लगातार यहीं कूड़ा डाल रहे हैं। जिसके कारण इस एरिया के लोग ज्यादा परेशान हैं। - दिनेश जांगड़ा, वार्ड-4, पार्षद
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें