अमर उजाला ब्यूरो
झज्जर।
गांव खेड़ी-खुम्मार में अपने पोते को स्कूल छोड़कर घर जा रहे एक व्यक्ति की गहरे स्माग में ट्रक की चपेट में आने से मौत हो गई। जबकि दो लोग घायल हो गए। हादसे के लिए स्पीड ब्रेकर न होने के कारण ट्रक की तेज गति को जिम्मेदार ठहराते हुए ग्रामीणों ने सड़क के बीच में पेड़ रखकर जाम लगा दिया और स्पीड ब्रेकर बनवाने की मांग की। प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा आश्वासन मिलने के करीब तीन घंटे बाद ग्रामीणों ने जाम खोला। खेड़ी खुम्मार गांव में ग्रामीण कैलाश अपने पौते को स्कूल छोड़ने के बाद घर लौट रहा था। रास्ते में झज्जर-जहाजगढ़ रोड पर गहरे स्मॉग की वजह से धुंधलका छाया हुआ था और वह जहाजगढ़ की ओर से तेज गति में आ रहे एक ट्रक की चपेट में आ गया। कैलाश ट्रक के पहियों तले आकर कुचला गया और उनकी घटना स्थल पर ही मौत हो गई।
वहीं, बाइक सवार गांव मांडोठी निवासी सोनू और कैलाश के चाचा का पुत्र सत्यवान भी हादसे में घायल हो गए। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से दोनों घायलों को झज्जर के सामान्य अस्पताल पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद डाक्टरों ने दोनों को पीजीआई रोहतक के लिए रेफर कर दिया। कैलाश सरकारी कर्मचारी था। हादसा होनेे के बाद ट्रक चालक अपने ट्रक को मौके पर छोड़कर फरार हो गया। जिस ट्रक से हादसा हुआ उसकी बाइक सवार के अलावा एक पेड़ को भी टक्कर लगी। जिससे पेड़ उखड़ गया। बताया गया है कि यह हादसा स्मॉग में ट्रक की तेज गति के कारण हुआ। हादसे की जानकारी मिलते ही गांव लोगों में रोष फैल गया। भड़के ग्रामीणों ने रोड पर स्पीड ब्रेकर बनाए जाने की मांग को लेकर झज्जर-जहाजगढ़ मार्ग पर जाम लगा दिया। लोगों ने सूखे दरख्त के लक्कड़ सड़क पर डालकर रास्ता रोक दिया। जो करीब तीन घंटे तक लगा रहा।
ग्रामीणों का कहना है कि इस सड़क पर वाहन काफी तेज गति से चलते हैं। स्पीड ब्रेकर न होने के कारण वाहन चालक स्पीड पर पर्याप्त नियंत्रण नहीं रखते। जिससे हादसे होते हैं। पहले भी कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। स्पीड ब्रेकर होता तो स्मॉग में भी ट्रक की गति नियंत्रित रहती और मंगलवार को हादसा न होता।
वर्जन
झज्जर थाना प्रभारी सुमित कुमार अपने सहयोगियों के साथ मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझा-बुझाकर जाम खुलवाने का प्रयास किया। काफी देर की मान-मनुहार और उनकी समस्या का जल्द समाधान कराने के प्रयास का आश्वासन दिया तो करीब तीन घंटे बाद ग्रामीणों ने जाम खोला। पुलिस को जाम खुलवाने में क्रेन की मदद भी लेनी पड़ी। इसके बाद ही इस मार्ग पर यातायात सामान्य हो पाया। थाना प्रभारी ने बताया कि घायलों में एक की हालत गंभीर बताई जा रही है।
- हादसे के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने तीन घंटे लगाया जाम
- ग्रामीणों ने की स्पीड ब्रेकर बनाने की मांग