अमर उजाला ब्यूरो
बहादुरगढ़।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि राज्य की भाजपा सरकार हर मोर्चें पर विफल है। तीन साल के कार्यकाल के दौरान भी मनोहर लाल को सरकार चलाने का तजुर्बा नहीं आया है। प्रदेश में पहले भी 9 मुख्यमंत्री रह चुके हैं मगर मौजूदा सरकार के तीन साल के कार्यकाल के दौरान जितनी मौतें हुईं उतनी पहले कभी नहीं हुईं। ये बात उन्होंने वीरवार को पूर्व विधायक राजेंद्र जून के कार्यालय में मीडिया कर्मियों से बातचीत करते हुए कही।
पूर्व सीएम ने कहा कि सरकार अगर प्रकाश कमेटी की रिपोर्ट पर अमल करती तो पंचकूला में हुई हिंसा की घटना नहीं होती। सरकार ने अपने वोट बैंक के लिए पंचकूला को आगजनी की भेंट चढ़ने दिया। उन्होंने प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर तीन साल में भी मनोहर लाल को सरकार चलाना नहीं आया तो फिर कब आएगा। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस प्रकार से प्रदेश में हिंसक घटनाएं हो रही हैं उसको देखते हुए नैतिकता के आधार पर मनोहर लाल को मुख्यमंत्री के पद से त्यागपत्र दे देना चाहिए। हुड्डा ने कहा कि प्रदेश का विकास कराने व जनता को सुविधाएं देने में भाजपा सरकार विफल साबित हुई है। जनता से अनेक झूठे वादे करके सत्ता में आने वाली प्रदेश की वर्तमान सरकार अपने सभी चुनावी वादों को भूल कर किसान, व्यापारी, आमजन, कर्मचारी व श्रमिक सभी वर्गों को परेशान और बर्बाद करने में लगी है।
यहां पहुंचने पर राजेंद्र सिंह जून, पूर्व चेयरमैन तेजवीर दलाल, श्रीनिवास गुप्ता, डॉ. एसके मलिक, राजू नागपाल, सतपाल राठी, सीटू बराही, कुलबीर नंबरदार, सचिव सुरेंद्र छिल्लर, कृष्ण गुलिया और संजय पहलवान ने पूर्व मुख्यमंत्री का स्वागत किया। राजपाल मांडोठी, राजकुमार जाखड़, सत्ते कानोन्दा, राजेंद्र जून माजरा, नफे जून, धर्मपाल जून और बलवान दहिया भी इस अवसर पर मौजूद रहे।
- प्रकाश कमेटी की रिपोर्ट लागू होती तो नहीं होती हिंसा