अमर उजाला ब्यूरो
झज्जर।
खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने जिले के बुुजुर्गों को बड़ी राहत दी है। अब बुजुर्ग अपने परिवार में किसी भी परिजन को अपना नोमिनी बनाकर राशन डिपो पर भेजकर अपने लिए राशन मंगवा सकते हैं। इतना ही नहीं अकेले रहने वाले बुजुर्ग अपने पड़ोसी को भी ये सुविधा दे सकते हैं। बुजुर्गों के नोमिनी बुजुर्ग के लिए राशन डिपो पर जाकर राशन ले सकेंगे। उन्हें ही बायोमीट्रिक मशीन पर अपना अगूंठा लगाना होगा। हालांकि नोमिनी बनकर राशन लेने वाले व्यक्ति को बुजुर्ग का आधार कार्ड डिपो पर साथ लेकर जाना अनिवार्य होगा। इसके लिए बुजुर्ग को एक शपथपत्र विभाग के पास जमा करवाना होगा। जिसके बाद वो अपने परिजन या पड़ोसी को भी अपना नोमिनी बनाकर राशन ले सकते हैं।
जिले में साढे़ तीन लाख से अधिक लाभार्थी
खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के औपचारिक आंकड़ों के मुताबिक झज्जर जिले में 339 राशन डिपो है। इसके अलावा जिले में करीब 89 हजार के राशन कार्ड हैं। जिनके माध्यम से लगभग साढ़े तीन लाख लोग राशन लेते हैं। इनमें से तकरीबन 30 हजार से अधिक लोग 60 साल की उम्र से अधिक के हैं। ऐसे में विभाग की ये नई पहल निश्चित तौर पर बुजुर्गों के लिए काफी फायदेमंद होगी।
इस वजह से दी बुजुर्गों को राहत
1. अधिकतर बुजुर्गों के हाथों में झुर्रियां पड़ने से बायोमीट्रिक मशीन में निशान नहीं मिलते।
2. अधिक उम्र के बुजुर्गों को चलने-फिरने में तकलीफ होती है और राशन डिपो तक जाना परेशानी भरा होता है।
3. हाथों की अंगुलियों के निशान मिट जाते हैं जिसके कारण बायोमीट्रिक मशीन में फिंगरप्रिंट स्वीकार ही नहीं करता।
98 फीसदी लाभार्थी आधार कार्ड से जुड़े
जिले के लगभग 98 प्रतिशत लाभार्थी आधार कार्ड से जुड़े हुए हैं। ऐसे में आधार कार्ड सभी के पास हैं। बुजुर्गों की स्थिति में आधार कार्ड काफी फायदेमंद होगा। क्योंकि जिन बुजुर्गों के अंगुलियों के निशान अभी मिट चुके हैं। उनके अंगुलियों के निशान आधार कार्ड लेते समय लिए जा चुके हैं। ऐसे में उनके हिस्से का राशन भले ही उनके नोमिनी लेकर जाएं, लेकिन विभाग के रिकार्ड में उन्हीं बुजुर्ग के खाते में गिना जाएगा। इससे व्यवस्था बिगड़ने का अंदेशा नहीं रहेगा।
बुजुर्गों के फिंगर प्रिंट न मिलने से होती थी परेशानी
दरअसल, बुजुर्गों के फिंगर प्रिंट बायोमीट्रिक मशीन पर नहीं मिलने से राशन डिपो संचालक बुजुर्ग को राशन देने से मना कर देते थे। इससे बुजुर्गों को परेशानी उठानी पड़ती थी। राशन डिपो संचालक अपने स्थान पर उचित थे। क्योंकि बायोमीट्रिक मशीन में एंट्री के आधार पर ही डिपोधारक को राशन का स्टॉक दिखाना पड़ता था। ऐसे में सरकार की इस नई व्यवस्था से राशन डिपो संचालक और बुजुर्ग दोनों की परेशानी दूर हो जाएगी।
वर्जन
विभाग द्वारा लागू की गई नोमिनी व्यवस्था से जिले भर के हजारों बुजुर्गों को लाभ होगा। खासकर वो लोग, जो अधिक उम्र होने के कारण राशन डिपो तक नहीं जा सकते या जिनके अंगुलियों के निशान मिट या धुंधले पड़ गए हैं। इसका उन्हें फायदा होगा।
- अशोक शर्मा, डीएफएससी, झज्जर।
- राशन लेने के लिए खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने लागू की नोमिनी व्यवस्था
- बायोमीट्रिक मशीनों पर बुजुर्गों को आती है कई बार परेशानी, जिले के हजारों लोगों को होगा फायदा