अमर उजाला ब्यूरो
बहादुरगढ़।
प्रसिद्ध फुटवीयर कंपनी एक्वालाइट के मालिक से पांच करोड़ की रंगदारी मांगने के मामले का रविवार को नए अंदाज में खुलासा हो गया। इसमें एक पूर्व सरपंच की गिरफ्तारी के बाद पूरे मामले के मास्टरमाइंड रहे दिल्ली पुलिस के एएसआई ने गिरफ्तारी के डर से जहर खा लिया। इससे उसकी मौत हो गई। बताया गया है कि मृतक एएसआई फैक्टरी मालिक का नजदीकी था। पुलिस के खुलासे के बाद पता चला है कि एएसआई ने ही पूरे घटनाक्रम की कहानी लिखी थी। मामले की गहराई से जांच की जा रही है। गिरफ्तार पूर्व सरपंच को सोमवार को अदालत में पेश किया जाएगा।
गौरतलब है कि एमआइई में 1589-90 में चल रही एक्वालाइट के मालिक से पिछले दिनों फैक्टरी के गेट पर एक पत्र देकर पांच करोड़ की रंगदारी मांगी गई थी। इस मामले की जांच पुलिस के सीनियर व जूनियर अधिकारी कर रहे थे। रविवार को इस मामले का खुलासा पुलिस अधिकारियों ने कर दिया। जैसे ही इसका खुलासा हुआ तो पुलिस भी हैरान रह गई। मामले के तीन आरोपी निकले। उनमें एक तो निलौठी गांव का पूर्व सरपंच सत्ते और दूसरा दिल्ली पुलिस का एएसआई राजेंद्र निकला। तीसरा शख्स आपराधिक प्रवृत्ति का युवक धर्मेंद्र उर्फ धर्मा है, वह रोहतक के रुड़की का रहने वाला है। पुलिस ने पूर्व सरपंच सत्ते को रविवार को गिरफ्तार कर लिया है। दिल्ली पुलिस के एएसआई राजेंद्र को अपनी गिरफ्तारी का आभास पहले ही हो गया था। इस डर के चलते उसने घर पर ही रविवार की दोपहर जहर निगल लिया। इससे उसकी हालत गंभीर हो गई। उसे शहर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया। इसका पता लगते ही पुलिस भी सकते में आ गई। थाना शहर से तुरंत टीम अस्पताल में पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए शहर के नागरिक अस्पताल में भेजा गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हेड कांस्टेबल राजेंद्र के परिजनों ने जो बयान दर्ज कराएं हैं उसमें उन्होंने कहा है कि राजेंद्र ने जहर किन परिस्थितियों में खाया, इसका उन्हें कुछ नहीं पता, लेकिन पुलिस अभी जांच में जुटी हुई है।
इस तरह रची गई थी साजिश
पुलिस के मुताबिक दिल्ली पुलिस के एएसआई राजेंद्र का फैक्टरी मालिक देवेंद्र गुप्ता से काफी मिलना-जुलना था। इस बीच उसने निलौठी गांव के पूर्व सरपंच सत्ते से मिलकर फैक्टरी मालिक से बड़ी रकम वसूलने की आपराधिक साजिश रची। दोनों ने मिलकर एक धमकी भरा पत्र तैयार किया और तीसरे शख्स धर्मेंद्र के जरिये इस पत्र को फैक्टरी मालिक तक पहुंचाया। बाद में उसी पत्र के आधार पर फैक्टरी मालिक ने शिकायत दी, जिस पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। रविवार को इस मामले का खुलासा हुआ।
सुराग मिलने पर पूर्व सरपंच तक पहुंची पुलिस
पुलिस एफआईआर दर्ज करने के तुरंत बाद से इस मामले की छानबीन में जुट गई थी। जांच में पुलिस के हाथ कई अहम सुराग लगे, जिससे पुलिस पूर्व सरपंच सत्ते तक पहुंच गई। उसके बाद खुलासा हुआ कि इसमें एएसआई राजेंद्र का भी हाथ था। इससे पहले कि पुलिस उस तक पहुंचती, उससे पहले ही एएसआई राजेंद्र ने खुद की गिरफ्तारी का आभास हो गया। बताया गया है कि इसी आपाधापी में उसने जहर निगल लिया। परिजनों ने उसकी जान बचाने की काफी कोशिश की, मगर राजेंद्र की जान नहीं बच पाई। पुलिस के मुताबिक राजेंद्र का परिवार शहर के झज्जर रोड पर स्थित वक्फ बोर्ड कॉलोनी में रहता है और मूल रूप से राजेंद्र मांडोठी का रहने वाला था।
क्या कहते हैं अधिकारी
एसपी बी सतीश बालन का कहना है कि निलौठी के पूर्व सरपंच को इस मामले में गिरफ्तार किया गया था। उसने पूरे मामले का खुलासा किया। इसके बाद पुलिस मामले की तह तक पहुंची और दिल्ली पुलिस के एएसआई राजेंद्र का नाम सामने आया तो खुद की गिरफ्तारी के डर से जहर खाकर जान दे दी। अभी इस मामले में कई अन्य गिरफ्तारी होंगी। पुलिस इस मामले की जांच में जुटी हुई है।
रंगदारी मांगने के मामले में निलौठी का पूर्व सरपंच गिरफ्तार, मामले में शामिल एएसआई ने गिरफ्तारी के डर से खाया जहर
एक्वालाइट कंपनी मालिक से 5 करोड़ की रंगदारी मांगने के मामले का खुलासा
-दिल्ली पुलिस का एएसआई था मास्टरमाइंड, जहर खाकर दी जान
-निलौठी के पूर्व सरपंच की गिरफ्तारी के बाद हुआ खुलासा
-तीन लोगों ने रची थी साजिश