बहादुरगढ़। अनाज मंडी में गेहूं की आवक लगातार हो रही है लेकिन मौसम ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। एजेंसियों के आधे-अधूरे इंतजाम के कारण मंडी में रखा हजारों क्विंटल गेहूं बारिश में भीगता रहा। वहीं अधिकारियों ने दावा किया कि मंडी में रखे गेहूं को तिरपाल से ढका गया है। बहादुरगढ़ की अनाज मंडी में 28 मार्च से सरसों की खरीद चल रही है। यह खरीद 20 अप्रैल तक जारी रहेगी। इस दौरान अब मंडी में गेहूं की खरीदारी भी शुरू हो गई है। मंडी में अब सरसों की आवक न के बराबर है, लेकिन गेहूं काफी मात्रा में पहुंच रहा है। चाहे सड़क हो फड़ हो या खाली मैदान, सभी तरफ गेहूं के कट्टे और खुले में पड़ा है। मंगलवार और बुधवार को मौसम विभाग की ओर से बारिश की संभावना जताई गई थी, लेकिन अधिकारियों के लापरवाही के कारण खुले में रखे गेहूं से भरे कट्टे और सरसों भीगती रही। अधिकारियों की ओर से गेहूं को तिरपाल से ढकने के लिए कवायद तो जरूर शुरू की गई, लेकिन वह इंतजाम नाकाफी रहे, क्योंकि विभाग के पास तिरपाल भी पूरी मात्रा में नहीं थे।
खाद्य आपूर्ति विभाग की ओर से अब तक 3500 क्विंटल गेहूं की खरीद की गई, जिसमें 2500 क्विंटल गेहूं बुधवार को खरीदा गया। उठान न होने के कारण गेहूं मंडी में ही पड़ा रहा। वहीं बहादुरगढ़ और आसौदा की अनाज मंडी में हरियाणा वेयर हाउस की ओर से 22 हजार क्विंटल गेहूं खरीदा गया है। इसमें केवल 3 हजार क्विंटल गेहूं का उठान किया गया है। गेहूं का उठान धीमा होने के कारण वह बारिश में भीग रहा है। बुधवार को बहादुरगढ़ की अनाज मंडी में खाद्य आपूर्ति विभाग की ओर से करीब 1500 क्विंटल सरसों की खरीद की गई। विभाग की ओर से अब तक कुल मिलाकर 2178 क्विंटल सरसों खरीदी गई है। गेहूं खरीद एजेंसियों के अधिकारियों की लापरवाही के कारण गेहूं का उठान नहीं हो पा रहा है।
अब तक 3500 क्विंटल गेहूं की खरीद की जा चुकी है। साथ ही 2178 क्विंटल सरसों की खरीद की गई है। मंडी में रखी सरसों और गेहूं की बोरियों को तिरपाल से ढकवा दिया गया है। कहीं भी गेहूं को भीगने नहीं दिया जाएगा। गेहूं का उठान जल्द ही कराया जाएगा।
सपना, इंस्पेक्टर, खाद्य आपूर्ति विभाग, बहादुरगढ़।