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एक दिन में सिमटा नगर परिषद का गोवंश पकड़ो और अतिक्रमण हटाओ अभियान

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चरखी दादरी। शहर को लावारिस गोवंश और अतिक्रमण से निजात दिलाने की योजना नगर परिषद की सिरे नहीं चढ़ा पाई। अभियान एक दिन में ही सिमटकर रह गए। शहर में गोवंशों पकड़ो अभियान गत 24 जनवरी के बाद से ही नहीं चला है। वहीं, नंदीशाला के समीप रहने वाले लोगों ने नप कर्मचारियों पर ही टैग लगे गोवंशों को रात के समय बाहर निकालने के आरोप लगाएं हैं। वहीं, अतिक्रमण हटाओ अभियान के नाम पर भी महज खानापूर्ति की जा रही है। मंगलवार को अभियान के दौरान जहां अतिक्रमण को अनदेखा किया गया तो वहीं बुधवार को नप टीम बाजारों में पहुंची ही नहीं। इससे पहले मंगलवार को चेयरमैन ने बुधवार को सख्ती के साथ अभियान चलाने का दावा किया था।
नगर परिषद द्वारा चलाया गया गोवंश पकड़ो अभियान एक दिन में ही सिमट कर रह गया। नप द्वारा दो वर्ष पूर्व शुरू की गई नंदीशाला में 570 गोवंश छोड़कर टैगिंग की गई थी। उस दौरान नंदीशाला में दो पशु चिकित्सकों व तीन चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई थी लेकिन 18 माह बाद नंदीशाला मेें केवल 123 पशु रह गए थे। वहां के स्थानीय निवासियों का कहना है कि गोवंश की देखभाल न होने से कुछ की मौत हो गई जबकि कुछ गोवंशों को कर्मचारियों ने ही मौका पाकर नंदीशाला से निकाल दिया। टैग लगे जो पशु सड़कों पर घूम रहे हैं वो नंदीशाला से ही बाहर निकले हैं।
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गत 24 जनवरी को नगर परिषद ने दोबारा से गोवंश पकड़ो अभियान शुरू किया था। पहले ही दिन 82 पशु पकड़े गए थे और इन्हें नंदीशाला में छोड़ा गया था। नंदीशाला में चारे के प्रबंध सहित अन्य इंतजाम न होने से पार्षदों ने अभियान का विरोध किया था। इस दौरान ईओ के साथ भी तीखी नोक-झोंक हुई थी। इसके बाद से ही नगर परिषद ने गोवंश पकड़ो अभियान नहीं चलाया है। अभी भी शहर की सड़कों पर 500 से अधिक गोवंश घूम रहे हैं। ये गोवंश आए दिन होने वाले सड़क हादसों का कारण बन रहे हैं।

- गोवंश को सड़कों पर खुला घूमने से आमजन को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। नंदीशाला में तैनात कर्मचारी ही रात के समय गोवंशों को बाहर निकाल देते हैं।
लख्मीचंद, प्रधान, अग्रवाल वैश्य समाज
- नंदीशाला में गोवंश के लिए नगर परिषद को चारे सहित अन्य सुविधाएं मुहैया करानी चाहिए लेकिन ऐसा नहीं है। टैग लगे गोवंशों को मौका पाकर नंदीशाला से बाहर निकाला जा रहा है।
महावीर, पुराना दिल्ली रोड निवासी
- सड़क पर घूम रहे गोवंश सड़क हादसों का कारण बन रहे हैं। नंदीशाला में भी पुख्ता प्रबंध नहीं है और मौका पाकर कर्मचारी ही इन्हें बाहर निकाल दते हैं। सड़कों पर टैग लगे काफी गोवंश घूम रहे हैं।
संतोष कुमार, पुराना दिल्ली रोड निवासी
- गोवंश की देखभाल न होने से नंदीशाला में कई गोवंश मर चुके हैं। नंदीशाला में न तो पशु चिकित्सक है और न चारे की व्यवस्था। नगर परिषद सड़कों पर घूम रहे गोवंशों को भी नहीं पकड़ रही है।
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राजू, पुराना दिल्ली रोड निवासी ..
अतिक्रमण और गोवंश पकड़ो अभियान अगले सप्ताह से हम चलाएंगे। अगर वहां तैनात कर्मचारी गोवंशों को बाहर निकाल रहे हैं तो इसकी भी जांच कराई जाएगी। नंदीशाला में हर माह चारे के लिए नगर परिषद 50 हजार रुपये दे रही है।
संजय छपारिया, चेयरमैन, नगर परिषद
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