चरखी दादरी। आवासीय बस्ती, स्कूल, धर्मशाला, तालाब और मंदिरों के ऊपर से गुजरने वाली हाई वोल्टेज की तार हटाए जाने के प्रपोजल को करीब 10 माह बाद भी स्वीकृति नहीं मिल पाई है। ऐसे में आए दिन हादसों का अंदेशा बना रहता है। इतना ही नहीं काफी प्लाट धारकों को अब भवन निर्माण में भी दिक्कतें आ रही हैं। निगम अधिकारियों का तर्क है कि जैसे ही प्रोजेक्ट को मंजूरी मिलेगी इस पर काम शुरू करवा दिया जाएगा। जिले के गांवों और शहर के सार्वजनिक भागों में इस समय हाई वोल्टेज की लाइन गुजर रही है। इसमें समय- समय पर हादसे भी होते रहते हैं। अधिकतर गांवों में तालाबों, स्कूलों, धर्मशालाओं व अन्य सार्वजनिक भवन के ऊपर से बिजली की तारें गुजर रही हैं। इतना ही नहीं लालडोरा की सीमा से भी हाई वोल्टेज की तारें गुजर रही हैं। प्रत्येक गांव की लाल डोरा सीमा है। इस सीमा में रहकर ग्रामीणों को मकान निर्माण करना होता है लेकिन पिछले कई सालों में आबादी लगातार बढ़ रही है ऐसे में भवन निर्माण भी लगातार हो रहे हैं। अब तो भवन निर्माण लाल डोरा की सीमा से भी बाहर होने लगे हैं क्योंकि लाल डोरा की सीमा में मकान बनाने के लिए जगह ही नहीं बची है ऐेसे में लोग इस लाल डोरा की सीमा से बाहर गांव के साथ लगते खेतों में मकान बनाने लगे हैं। ऐसे में अधिकतर गांवों में लाल डोरा की सीमा से बाहर भी अब काफी आबादी बढ़ गई है। गांव मिसरी में राजकीय स्कूल के ऊपर से तारें गुजर रही हैं। पांडवान गांव में यही समस्या है।
इसी प्रकार शहर की आबादी बढ़ने पर यहां भी नई कालोनियां आबाद हुई हैं लेकिन नगर परिषद की लाल डोरा सीमा में अब तक कोई बदलाव एवं विस्तार नहीं किया गया है। इसकी सीमा का दायरा नहीं बढ़ाया जा सका है। शहर की कई बाहरी कालोनियों में मकानों के ऊपर से बिजली की हाई वोल्टेज की तारें गुज रही हैं लेकिन बिजली निगम ने यह लाइनें कई बाहरी कालोनियों में तो भवन निर्माण से पहले ही डाल दी थी बाद में यहां भवन बने हैं। वैसे अब नगर परिषद बनने पर शहर के लालडोरा की सीमा को बढ़ाए जाने की सख्त जरूरत बनी हुई है।
करीब 10 माह पहले तैयार की थी यह प्लान
बिजली निगम ने यह प्लान करीब 10 माह पहले तैयार की थी। इसके तहत जिले के सभी गांवों में स्थित तालाबों, धर्मशाला भवन, स्कूल, कालेज भवन, लाल डोरा सीमा और अन्य सार्वजनिक भागों से गुजर रही हाई वोल्टेज की तारें को हटाया जाने की प्लानिंग है। करीब 10 माह पहले निगम ने इसके प्रोजेक्ट संबंधी प्रपोजल तैयार कर हैड ऑफिस भेजा था लेकिन आज तक इस फाइल पर अमल नहीं हो सका है। हर साल आवासीय बस्ती बढ़ रही है ऐसे में अब आबादी एरिया लगातार बढ़ रहा है। खासकर शहर की बाहरी कालोनियों में स्थिति ज्यादा खराब है क्योंकि इन कालोनियों से हाई वोल्टेज की तारें गुजर रही हैं। कालोनियों के बीच से 11 हजार के अलावा मेन फीडर की तारें भी गुजर रही हैं।
कोट
जैसे ही इस प्रोजेक्ट को मंजूरी मिल जाती है इस पर तत्परता से काम शुरू कर दिया जाएगा। जल्द ही लोगों की यह समस्या दूर कर दी जाएगी। कुलदीप सिंह, एसडीओ, बिजली निगम