बहादुरगढ़। सांपला से गुरुग्राम जाने के लिए हरियाणा रोडवेज की बस में सवार हुए एक किशोर और रोडवेज के उड़नदस्ते के बीच उस समय बहस हो गई, जब टीम रोहतक-दिल्ली मार्ग पर आसौदा मोड़ के नजदीक चेकिंग के लिए पहुंची। हुआ यूं कि किशोर बस में सांपला से सवार हो गया और जब उड़नदस्ते ने किशोर से टिकट दिखाने को कहा तो वह टिकट दिखाने के बजाय अपने आपको खिलाड़ी बताने लगा। किशोर ने खुद को स्पोर्ट्स अथॉरिटी आफ इंडिया (साईं) का खिलाड़ी बताया। किशोर की मां ने फ्लाइंग पर उसके बेटे गौरव का मोबाइल छीनने का आरोप लगाया।
गुरूग्राम के प्रेम नगर निवासी कृष्णा पत्नी कुलदीप सिंह ने बताया कि उसका बेटा गौरव रविवार की सायं सांपला से गुरूग्राम के लिए चला था। जैसे ही वह सांपला से हरियाणा रोडवेज की बस में सवार हुआ तो आसौदा मोड़ के नजदीक रोडवेज के उड़नदस्ते ने चेकिंग के लिए गाड़ी को रुकवाया। टीम ने बस में सवार गौरव से भी टिकट दिखाने के लिए कहा तो वह टिकट नहीं दिखा पाया। गौरव की मां कृष्णा के मुताबिक उसका बेटा स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया में कबड्डी की प्रैक्टिस करता है। सरकार की ओर से भी खिलाड़ियों को बस में सफर करने के लिए छूट दी गई है और साईं की तरफ से उसे एडमिशन होने का पत्र भी दिया गया है। जोकि चेकिंग टीम को गौरव की तरफ से दिखाया गया मगर उन्होंने उसकी एक न सुनते हुए उसका मोबाइल और वह पत्र भी अपने पास रख लिया। सोमवार को कृष्णा बहादुरगढ़ के बस स्टैंड पर रोडवेज के अधिकारियों से इस संबंध में मुलाकात के लिए पहुंची और अधिकारियों को बेटे के साथ हुई आपबीती बताई। महिला ने बताया कि आगामी 30 अक्तूबर को केरल में होने वाले खेलों में भी गौरव भागीदारी करेगा। पूर्व में भी कई राज्य व राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग लेकर पदक जीत चुका है।
क्या बोले अधिकारी
बहादुरगढ़ बस स्टैंड के एसएस जगबीर सिंह का कहना है कि उन्हें महिला की ओर से शिकायत दी गई है। शिकायत को उच्चाधिकारियों के पास भेज दिया गया है। इस मामले में उच्चाधिकारी ही कोई कार्रवाई करेंगे। रही बात मोबाइल फोन लेने की तो वह टीम द्वारा इसलिए लिया गया है ताकि किशोर रोडवेज के कार्यालय में पहुंच जाए। जुर्माना भुगतने के बाद उसे मोबाइल फोन वापस दे दिया जाएगा।