फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

घटने की बजाय कस्बा में बढ़ा जलस्तर, रात को छत पर सोकर गुजारी ग्रामीणों ने रात

विज्ञापन
विज्ञापन
बौंदकलां। डीच ड्रेन टूटने के 48 घंटे बाद भी बौंदकलां कस्बे से पानी की निकासी नहीं हो पाई है। मंगलवार शाम को पानी का स्तर कम होने की बजाय और बढ़ गया। इसके चलते ग्रामीणों को रात छत पर बितानी पड़ी। वहीं, जिला प्रशासन की तरफ से पानी निकासी के लिए किए प्रबंध नाकाफी साबित हो रहे हैं। इस समय घरों में भी दो से तीन फुट पानी जमा है। जलभराव के चलते पशु पालकों के लिए जहां मवेशियों को बांधने की समस्या पैदा हो गई है तो वहीं, चारे का प्रबंध भी नहीं हो पा रहा है। उपायुक्त ने बुधवार शाम तक पानी निकासी का दावा किया था लेकिन मौजूदा हालातों को देखकर अभी कम से कम तीन से चार दिन कस्बा के लोगों को जलभराव से राहत मिलती नजर नहीं आ रही।
विज्ञापन

सोमवार को दिन के समय डीच ड्रेन ओवरफ्लो चल रही थी, वहीं देर शाम कई जगह से ड्रेन टूट गई। इस कारण खेतों में जमा पानी भी ड्रेन की रास्ते गांव की ओर रुख कर गया। सोमवार को प्रशासन ने डीच ड्रेन से पानी के बहाव को रोकने के लिए मिट्टी भरवाकर कट्टे लगवाएं थे। लेकिन मंगलवार दोपहर को कट्टे लगाने के बाद भी करीब पांच से छह फीट एरिया में ड्रेन का पानी आबादी की ओर तेज गति से बहने लगा था। इसके बावजूद प्रशासन ने इस ओर ध्यान नहीं दिया और शाम होते-होते गांवों की गलियों व घरों में पहुंचे पानी का स्तर और बढ़ गया। यह सिलसिला बुधवार सुबह तक जारी था। वहीं, ग्रामीणों के समस्या से अवगत कराने के बाद सिंचाई विभाग ने ड्रेन को दुरुस्त कराने का तर्क दिया लेकिन ग्रामीणों का तर्क है कि प्रशासन जलभराव से उन्हें निजात दिलाने के लिए कोई पुख्ता कदम उठाता नजर नहीं आ रहा। इससे ग्रामीणों में रोष पनप रहा है।
प्रशासन द्वारा गांवों से पानी की निकासी करवाकर इसे खेतों में छोड़ा जा रहा है। रिहायशी क्षेत्र की पानी निकासी के लिए एक ट्रैक्टर किलसर तालाब पर लगाया गया है। वहीं, यहां लगी बिजली की मोटर को नहीं चलाया जा रहा है। निमड़ी मोड़ पर दो ट्रैक्टरों से पानी की निकासी हो रही है। शाम 4 बजे बाबा हरदयाल दास मंदिर के पास में एक ट्रैक्टर पानी की निकासी के लिए लगाया गया है। इसके अलावा किसी भी रिहायशी क्षेत्र में पानी की निकासी का कोई प्रबंध नहीं किया गया है जिसके चलते जलस्तर बढ़ चुका है। ड्रेन टूटने के चलते वार्ड-5 के मिरानपाना, आसलानपाना, गढ़ी पाना, डोबी तालाब का क्षेत्र, डागवाला तालाब का क्षेत्र, रामेश्वर तालाब का क्षेत्र, वाल्मीकि बस्ती, किलसर तालाब, डूंगला तालाब, फिरणी व निमड़ी रोड के पास स्थित घरों व ऊण रोड की बस्ती के क्षेत्र में पानी घरों में भर गया है। मुख्य रास्तों पर भी तीन से साढ़े तीन फीट तक पानी जमा होने के कारण लोगों को खेतों में जाने व जरूरी सामान खरीदने के लिए पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है। इसके साथ ही स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को भी स्कूल जाने में भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
विज्ञापन


पोता-पोती को भेजा दूसरी जगह
अमर उजाला प्रतिनिधि को वृद्ध लीलूराम ने बताया कि उनके घर में तीन फीट पानी भर गया है। इसके चलते पोता-पोतियों और परिवार के सदस्यों को दूसरी जगह पर भेजा गया है। घर के सामान को भी लेकर जा रहेे हैं। पानी जमा होने से घर को भी नुकसान पहुंच रहा है। प्रशासन द्वारा भी कोई सहायता नहीं की जा रही है। सरपंच तक ने तो यहां आना ही मुनासिफ नहीं समझा है। ग्रामीण नरसिंह ने बताया कि उनके घर के अंदर तीन से लेकर चार फीट पानी भर चुका है। घर के अंदर पानी होने के कारण घरेलू सामान घर की छत पर रखना पड़ रहा है। खाना-पीना भी छत पर करना पड़ रहा है। इसके साथ ही पीने के पानी की भी समस्या बनी हुई है। शौच आदि जाने के लिए भी भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। घरों के चारों ओर पानी जमा होने के कारण घरों में भी नुकसान हो रहा है।

बुधवार को बढ़ा है पानी का स्तर
ग्रामीण नरेश सिंह और महेंद्र सिंह ने बताया कि सोमवार रात को अचानक से ड्रेन टूटने के कारण पानी का बहाव गांव की ओर हो गया। देखते ही देखते पानी घरों में जमा हो गया। बुधवार को भी पानी का स्तर पहले से बढ़ चुका है। मवेशियों के लिए पशुचारे में भी पानी भरने से समस्या पैदा हो गई है। घरों के अंदर तीन फीट तक पानी भर चुका है। ऐसे में उनको घरों की छत पर सोना पड़ता है। पानी से होकर ही जाना पड़ता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें