बौंदकलां। कस्बा में सोमवार रात टूटी डीच ड्रेन के तटबंध को मजबूत करने की कवायद सिंचाई विभाग ने बुधवार से शुरू कर दी। विभाग के एसई व अन्य अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा भी लिया। वहीं, रिहायशी बस्तियों से पानी निकासी का काम भी सिंचाई विभाग ने शुरू कर दिया है। इसके लिए विभाग ने दस-दस क्यूसेक क्षमता के दो पंप सेट भी लगवाए हैं। हालांकि पर्याप्त बिजली आपूर्ति न होने से इस काम में बीच-बीच में रुकावटें आ रही हैं और बिजली सप्लाई बहाल होने पर ही मोटरें चालू हो पा रही हैं। वहीं, ग्रामीणों ने जल्द से जल्द पानी की निकासी कराने की मांग जिला प्रशासन से की है।
ज्ञात रहे कि पांच गांवों को बाढ़ मुक्त बनाने के लिए 10 साल पहले बनाई गई डीच ड्रेन सोमवार रात 25 फीट की दूरी में टूट गई थी। इससे बौंदकलां के अधिकतर रिहायशी क्षेत्रों में पानी घुस गया था। बुधवार को इस संबंध में प्रमुखता से खबर प्रकाशित होने के बाद सिंचाई विभाग के एसई और अन्य अधिकारियों ने जलभराव क्षेत्र का जायजा लिया। विभागीय अधिकारियों ने हरकत में आते हुए सुबह से ही गांव के बाहरी क्षेत्र में ड्रेन के किनारों पर मिट्टी डलवाने का काम शुरू करवा दिया गया ताकि डीच ड्रेन के तंटबंधों को मजबूत किया जा सके। इसके लिए जेई समेत सिंचाई विभाग के लगभग सभी बेलदारों को विभाग ने काम पर लगा दिया। इसके साथ ही दादरी रोहतक मुख्य मार्ग पर सिंचाई विश्राम गृह के समीप बौंदकलां डिस्ट्रीब्यूटरी पर मैकेनिकल विभाग द्वारा जल निकासी के लिए 10-10 क्यूसेक क्षमता के दो पंप सेट लगाए गए हैं। उनसे भी जल निकासी की जा रही है। जिससे रिहायशी बस्तियों से पानी का स्तर कम हो सकें। वहां पर मौजूद ऑपरेटर ने बताया कि बार-बार बिजली गुल होने से पंप सेट बंद हो जाते हैं और इससे पानी वापस बैक मार जाता है।
अधिकारियों से लगाई पानी निकासी की गुहार
जलभराव क्षेत्र का निरीक्षण के लिए सिंचाई विभाग के एसई राजेश खत्री, डीडीपीओ विशाल सिंह, खंड पंचायत एवं विकास अधिकारी नरेंद्र मल्होत्रा, एसडीओ सिंचाई विभाग विकास सहरावत पहुंचे। ग्रामीण देवेंद्र कुमार, सुनीता, शीला, बलजीत, सुमन, सुधीर और विष्णु ने अधिकारियों से कहा कि प्रशासन दो दिन में जलभराव क्षेत्रों से पानी की निकासी करवाएं।