टॉयलेट की दूसरी किस्त के इंतजार में 326 परिवार, कर्ज लेकर बना चुके हैं टॉयलेट
झज्जर। कर्ज लेकर टॉयलेट बनाना मेहनत-मजदूरी करने वाले परिवारों के लिए संकट का कारण बन गया है। नपा ने शहर को ओडीएफ फ्री बनाने की जल्दबाजी में इन परिवारों को एक किस्त जारी कर दी। वहीं दूसरी किस्त जल्द जारी करने का आश्वासन देकर इनसे टॉयलेट बनवा दिए। मेहनत-मजदूरी करने वाले इन परिवारों ने इस उम्मीद में टॉयलेट कर्ज लेकर बना लिए कि नपा से किस्त मिलेगी तो लौटा देंगे। लेकिन अब सात माह के बाद भी इन लोगों को दूसरी किस्त नहीं मिल पा रही। ऐसे में टॉयलेट के लिए उठाया गया यह छोटा सा कर्ज इनके लिए आफत का कारण बना हुआ है।
यूसी नहीं भेज रहा नपा
शहरी निकाय के निदेशालय के द्वारा दूसरी किस्त की राशि इसलिए अटकाई गई है कि उन्हें पहले वाली ग्रांट का यूटिलाईजेशन सर्टिफिकेट नहीं मिला है। ऐसे में वे तब तक दूसरी किस्त जारी नहीं करेंगे, जब तक वे नपा के द्वारा यूसी नहीं भेजी जाएगी। नपा पूरी ग्रांट की यूसी इसलिए नहीं भेज पा रहा क्योंकि पहले की 29 लाख रुपये की ग्रांट में से 2 लाख रुपये अभी बाकी हैं। जब तक नए लोगों को 2 लाख रुपये की यह पहली किस्त जारी नहीं होगी, वे ऐसा नहीं कर सकते।
14 हजार रुपये मिलती है सहायता राशि
शहर में टॉयलेट बनाने के लिए आमजन को नपा के द्वारा 14 हजार रुपये बतौर सहायता राशि के दिए जाते हैं। नपा के द्वारा पहली किश्त एडवांस में तथा दूसरी किस्त निर्माण के बाद जारी की जाती है। दोनों ही किश्त में नपा के द्वारा 7-7 हजार रुपये जारी किए जाते हैं। झज्जर शहर के 326 लोगों को दूसरी किस्त के तौर पर 22 लाख 82 हजार दिए जाने हैं, जो कि पेंडिंग हैं।