फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

स्थाई मिलने तक रोहतक मेडिकल स्टाफ की मदद से पटरी पर लाई जाएंगी जिला की स्वास्थ्य सेवाएं

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

चरखी दादरी।
लंबे इंतजार के बाद वीरवार को डॉ. जितेंद्र कादयान ने वीरवार को चरखी दादरी जिले के पहले सीएमओ का कार्यभार संभाल लिया। पहले ही दिन उन्होंने अस्पताल परिसर निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं की नब्ज टटोली। इसके बाद पत्रकारों से सीएमओ रूबरू हुए। उन्होंने बताया कि जब तक जिले में स्थाई रूप से मेडिकल स्टाफ की तैनाती नहीं हो जाती तब तक समीपवर्ती जिलों के मेडिकल स्टाफ की स्वास्थ्य सेवाओं को पटरी पर लाने में मदद ली जाएगी। इस संबंध में एसीएस (एडिशनल चीफ सेक्रेटरी) ने बुधवार को ही आदेश जारी किए हैं। इन आदेशों के तहत रोहतक जिले का मेडिकल स्टाफ चरखी दादरी जिले के स्वास्थ्य केंद्रों पर अपनी सेवाएं देगा। जरूरत के मुताबिक आगामी दो-तीन रोज में ही सूची तैयार कर सीएमओ उच्चाधिकारियों को भेज देंगे।
सीएमओ जितेंद्र कादयान सुबह करीब साढ़े नौ बजे सिविल अस्पताल अपना कार्यभार संभालने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने एसएमओ अनिता गुलिया सहित अन्य स्टाफ से बातचीत की और मौजूदा स्टाफ की स्थिति व सेवाओं का जायजा लिया। इसके बाद सीएमओ ने सिविल अस्पताल का निरीक्षण भी किया। सबसे पहले उन्होंने इमरजेंसी कक्ष का जायजा लिया और इसके बाद ऑपरेशन थिएटर, रक्त जांच लैब और डिलीवरी केंद्र सहित वार्डों में पहुंचे। सीएमओ के ज्वाइन करने के बाद बाढड़ा विधायक सुखविंद्र मांढ़ी सहित भाजपा जिला अध्यक्ष रामकिशन शर्मा और नगर परिषद चेयरमैन संजय छपारिया भी सिविल अस्पताल पहुंचे।
विज्ञापन

सिविल अस्पताल स्टाफ ने सीएमओ को बताया कि जिले में तीन सीएचसी और नौ पीएचसी केंद्र हैं। इनमें से कुछ में स्टाफ की कमी है। वहीं बौंदकलां सीएचसी में भी स्टाफ और चिकित्सा सुविधाओं का अभाव है। एसएमओ अनिता गुलिया ने सीएमओ को बताया कि जिला मुख्यालय अस्पताल सौ बेड का है और वर्तमान में यहां चार चिकित्सक तैनात हैं। अस्पताल परिसर में कुछ स्टाफ नर्सों सहित डिप्टी सिविल सर्जन और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के पद खाली हैं, इसके चलते स्वास्थ्य सेवाएं पटरी पर नहीं आ रही। स्टाफ सदस्यों ने बताया कि चरखी दादरी जिले का मुख्य सिविल अस्पताल 172 गांवों को कवर करता है और 70 हजार की शहरी आबादी सहित गांवों की करीब आठ लाख की जनसंख्या इस पर निर्भर है। सुविधाओं और स्टाफ की कमी के चलते जिला मुख्यालय अस्पताल महज रेफर केंद्र बन रह गया है। बीते कुछ माह में हुए बड़े हादसों के दौरान तो यहां की व्यवस्थाओं की सारी पोल खुल गई।

सीएमओ जल्द करेंगे स्टाफ की तैनाती
सीएमओ जितेंद्र कादयान ने कहा कि सरकार ने चरखी दादरी जिले की पटरी से उतरी स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार करने के लिए ही उन्हें यहां भेजा है। उन्होंने कहा कि सरकार की प्लानिंग है कि सौ बेड के सिविल अस्पताल में जिला स्तर की चिकित्सा सेवाएं जल्द से जल्द लोगों को मुहैया हो सके। इस संबंध में अतिरिक्त मुख्य सचिव ने छह जून को स्वास्थ्य विभाग को पत्र जारी किया है। पत्र के मुताबिक जब तक स्थाई स्टाफ की तैनाती नहीं हो जाती तब तक समीपवर्ती जिलों में तैनात मेडिकल स्टाफ की चरखी दादरी जिले में मदद ली जाएंगी और इनकी तैनाती जरूरत के मुताबिक सीएमओ को करनी होगी।

स्पेशलिस्टों की होगी तैनाती
सीएमओ जितेंद्र कादयान ने बताया कि रोहतक से जो मेडिकल स्टाफ चरखी दादरी जिले में भेजा जाएगा उनमें स्पेशलिस्ट और डेंटल सर्जन भी शामिल है। उन्होंने बताया कि सिविल अस्पताल में महिलाओं के ऑपरेशन की सुविधा भी जल्द शुरू कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि अगले एक-दो दिन में ही जरूरतों की सूची तैयार की ली जाएगी।
विज्ञापन


जल्द मिलेंगी सुविधाएं : सीएमओ
अन्य जिलों में भी हम संपर्क करेंगे और जहां स्टाफ पूरा होगा वहां से वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर चरखी दादरी में स्टाफ बुलाया जाएगा। एसीएस इस संबंध में पत्र जारी कर चुके हैं। मौजूदा स्टाफ मेहनती है और सभी मिलकर प्रयास करेंगे कि चरखी दादरी जिला मुख्यालय अस्पताल में सभी चिकित्सा सेवाएं मुहैया जल्द से जल्द मुहैया करवाए।
डॉ. जितेंद्र कादयान, सीएमओ
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें