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अब पशु दुग्ध प्रतियोगिता के लिए पशुपालक को मिलेगा अलग से कोड नंबर

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अमर उजाला ब्यूरो
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चरखी दादरी।
अब पशु दुग्ध प्रतियोगिताएं पुराने पैटर्न पर नहीं होंगी। पशुपालन विभाग की ओर से सभी दुग्ध प्रतियोगिताएं ऑनलाइन होंगी। परिणाम भी ऑनलाइन घोषित होगा। इसके लिए विभाग ने पोर्टल तैयार कर लिया है। पशुपालक को पोर्टल पर अपना पंजीकरण करवाना होगा। इतना ही नहीं पशुपालकों के लिए मिनी डेयरी की सुविधा भी ऑनलाइन दी जाएगी। जिले में इस समय 1.98 लाख पशु हैं।
विभाग की ओर से समय-समय पर दुग्ध प्रतियोगिताएं आयोजित करवाई जाती हैं। ये प्रतियोगिताएं अब तक मैनुअल होती रही हैं। पशुपालन विभाग के अधिकारी गांवों में जाकर दुग्ध प्रतियोगिताएं करवाते हैं। इसके आयोजन में समय भी ज्यादा लगता था और बजट भी अधिक खर्च होता रहा है। वहीं, पशुपालकों को भी कठिनाई झेलनी पड़ती थी। कई बार लगातार दो से तीन दिन तक दुग्ध प्रतियोगिता होने पर व्यवस्था करने में परेशानी होती थी। विभाग की ओर से भैंस व गाय दुग्ध प्रतियोगिताएं करवाई जाती हैं विजेता पशुपालकों को पुरस्कार दिया जाता है। अब पशुपालन विभाग ने दुग्ध प्रतियोगिता आयोजित करने के पुराने ढर्रे को छोड़ दिया है। पुराने पैटर्न को विभाग छोड़ने जा रहा है। सब्सिडी जारी करने के लिए भी पुराना पैटर्न बदला गया है। जिले के पशुपालक दुग्ध प्रतियोगिताओं में बढ़ चढ़कर भाग लेते रहे हैं। जिले की गाय राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में भी समय-समय पर बाजी मार चुकी हैं।
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इस प्रकार होगा परिणाम घोषित
अब पशु पालन विभाग ऑनलाइन दुग्ध प्रतियोगिता करवाएगा। इसके लिए एक पोर्टल तैयार किया गया है। प्रतियोगिता में भाग लेने से पहले पशुपालक को इस पोर्टल पर पंजीकरण करना होगा। बाद में संबंधित पशु के दूध की मात्रा सहित पूरा डाटा फीड करना होगा। तत्पश्चात विभाग चिकित्सकों द्वारा इस डाटा को वेरिफाई किया जाएगा। पशुपालक को कोड नंबर दिया जाएगा। इसके बाद डाटा के आधार पर ऑनलाइन परिणाम घोषित किया जाएगा।
बैंक खाते में मिलेगी पुरस्कार की राशि
विजेता पशुपालक को पुरस्कार की राशि सीधे बैंक खाते के जरिये जारी की जाएगी। मैनुअल प्रतियोगिताओं के दौरान पशुपालकों को पुरस्कार राशि प्राप्त करने में कार्यालयों के बार-बार चक्कर लगाने पड़ते थे तथा इसमें भ्रष्टाचार होने भी शिकायतें मिलती रहती थी।
सभी सब्सिडी सुविधा भी ऑनलाइन मिलेगी
पशुपालक को अब सभी प्रकार की सब्सिडी भी ऑनलाइन मिल सकेंगी। पशु बीमा योजना, सब्सिडी व अन्य पशुपालकों की सुविधाएं ऑनलाइन मिलेंगी। मिनी डेयरी स्थापित करने के लिए बजट राशि प्रदान करने के लिए भी ऑनलाइन सुविधा रहेगी। जिले में इस समय 1.98 लाख पशु हैं, जिनमें गाय, भैंस, भेड़, बकरी, ऊंट, घोड़ा आदि विभिन्न पशु कैटेगरी शामिल हैं।
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वर्जन
अब सभी दुग्ध प्रतियोगिताएं ऑनलाइन होंगी। पशुपालक को सभी प्रकार की सब्सिडी भी ऑनलाइन मिलेंगी। इसके लिए पशुपालन विभाग ने अलग से पोर्टल तैयार कर लिया हैं।
- डॉ. महा सिंह, पशुपालन विभाग।
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