अमर उजाला ब्यूरो
बहादुरगढ़।
एक बार फिर बिजली निगम की लापरवाही सामने आई है। निगम की ओर से एक उपभोक्ता को 74 लाख से अधिक तो दूसरे को 18 हजार का बिल भेज दिया गया है। इतना ज्यादा बिल आने पर उपभोक्ता बेहद परेशान हैं। बिल ठीक कराने के लिए अब उपभोक्ता बार-बार निगम कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं।
पिछले काफी समय से बिजली के बिलों में त्रुटि की समस्या बनी हुई है। कभी लोगों को बिल नहीं मिलते तो कभी बिल हजारों, लाखों रुपये में पहुंचते हैं। दरअसल, निगम द्वारा बिलों की ऑनलाइन प्रक्रिया करने के बाद से यह समस्या उत्पन्न हुई है। पिछले दिनों ही बराही रोड पर एक सैलून में लगभग 65 लाख का बिल भेजा गया था। अब लाइनपार के निवासी दो परिवारों को लगभग साढ़े 74 लाख व 18 हजार के बिल भेजे गए हैं। इससे ये उपभोक्ता परेशान हैं।
लाइनपार के शास्त्री नगर निवासी राजवती चतुर्वेदी का कहना है कि उनका बिजली का बिल 500 से 800 के बीच आता है। कभी हजार रुपये से ऊपर नहीं आया। अबकी बार घर पर बिल नहीं पहुंचा तो काफी इंतजार के बाद ऑनलाइन चेक किया गया। ऑनलाइन बिल देखा तो उनके पांव तले जमीन सरक गई। बिल एक या दो हजार नहीं बल्कि 74 लाख 32 हजार 391 रुपये था। इसके बाद से वह और उसके पति सूर्यनाथ चतुर्वेदी बेहद परेशान हैं। अब बिल ठीक कराने के लिए बार-बार निगम दफ्तर के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं, मगर बिल को ठीक नहीं किया जा रहा। एक तो अधिक बिल आने से परेशान हैं, ऊपर से निगम अधिकारी चक्कर कटवा रहे हैं। निगम अधिकारी इस ओर ध्यान दें और उनका बिल ठीक करे।
रीडिंग के हिसाब से समय पर मिलें बिल
उधर, लाइनपार के नेताजी नगर स्थित इंदू जोशी के यहां भी औसत से कहीं अधिक 18 हजार का बिल आया है। इंदू जोशी के मुताबिक, उनका बिजली बिल हमेशा 1000 रुपये से नीचे रहा है। मगर इस बार कई गुणा लगभग 18 हजार रुपये का बिल आया है। अब बिल ठीक कराने के लिए निगम आफिस गए तो अधिकारी कहते हैं एप्लीकेशन लिख कर लाओ। फिर एप्लीकेशन दी तो कहा कि सत्यापित करेंगे। वह तीन-चार चक्कर लगा चुकी है, मगर बिल ठीक नहीं किया जा रहा। उन्होंने कहा कि सारे कामकाज छोड़कर कर निगम कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। बिल बनाने वाले साफ्टवेयर में दिक्कत हो या फिर जो भी कमी हो, निगम उसे ठीक करे। उपभोक्ता को क्यों परेशान किया जाता है। बिजली के रीडिंग के हिसाब से समय पर मिलने चाहिए।
अधिकारी बोले
बिजली निगम के एक्सईएन एसके जैन ने कहा कि साफ्टवेयर में खराबी आने की वजह से इस तरह की दिक्कत हो जाती है। उपभोक्ताओं को घबराने की जरूरत नहीं है। जिसके साथ भी यह समस्या है, वह सोमवार को उनके कार्यालय में मिले। समस्या का समाधान कर दिया जाएगा।