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जिले को बजट से आस: सालों पुरानी मांग चढ़ेंगी परवान

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जिले को बजट से आस: पुरानी मांग पूरी हुईं तो विकास को लगेंगे पंख
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चरखी दादरी।
इस माह वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु द्वारा पेश किए जाने वाले बजट से चरखी दादरी जिले को काफी उम्मीदें हैं। क्षेत्रवासियों को सालों से लंबित पड़े प्रोजेक्ट इस बजट में परवान चढ़ने की संभावना है। वहीं, चरखी दादरी जिले का पहला बजट भी मनोहर सरकार जारी कर सकती है। इसके बिना जिले में विकास कार्य व व्यवस्थाएं प्रशासन नहीं बना पा रहा। बजट-2018 में जिले के श्यामेसर तालाब जीर्णोद्वार, सीसीआई फाटक अंडरपास या एफओबी, रोहतक फाटक आरओबी, नगर परिषद नया कार्यालय भवन व खेल स्टेडियम की मुख्य उम्मीदें हैं। इसके अलावा चंपापुरी स्थित आर्य महाविद्यालय में महिला कॉलेज खोलने की मांग भी शिक्षामंत्री तक खाप प्रतिनिधि पहुंचा चुके हैं। यह मांग भी इस बार पूरी होने की संभावना है।
मनोहर सरकार ने चरखी दादरी को करीब सवा साल पहले जिला बनाया था। इसके बाद से ही जिला विकास कार्यों के लिए दिए जाने वाले बजट से वंचित है। ऐसे में जिला मुख्यालय होने के बावजूद ज्यादातर सुविधाएं अभी उपमंडल स्तरीय ही हैं। बजट के अभाव में प्रशासन व्यवस्थाएं नहीं कर पा रहा और जिला इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी से बुरी तरह जूझ रहा है। जिले के प्रमुख लोगों का कहना है कि इस बजट में सरकार चरखी दादरी जिले के बजट का निर्धारण करने के साथ विकासपरक प्रोजेक्टों को भी हरी झंड़ी दिखा देगी और इसके बाद ही चरखी दादरी जिले के रूप में नजर आएगा। इस समय जिले को एक बड़े खेल स्टेडियम की दरकार है और जिला प्रशासन ने इसकी तैयारियां पूरी कर रखी हैं। सरकार ने अब तक स्टेडियम के लिए बजट निर्धारित नहीं किया है। हालांकि इसके निर्माण की अनुमति सरकार पहले ही दे चुकी है। इसके अलावा करीब सात करोड़ से नगर परिषद का नया कार्यालय, शहर में पार्कों की संख्या में बढ़ोतरी सहित विकास कार्यों से जुड़े अन्य प्रोजेक्ट इसमें परवान चढ़ने की उम्मीद है।
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बाक्स: ये अटके प्रोजेक्ट चढ़े परवान तो मिले जनता को राहत
प्रोजेक्ट नंबर एक:- पांच साल से लंबित है सीसीआई फाटक पर आरयूबी बनाने की मांग
पांच साल पहले कांग्रेस सरकार में सीसीआईए फाटक को बंद कर दिया गया था। इसके बाद से करीब 20 हजार की आबादी इससे प्रभावित है। गांधी नगर सहित करीब आधा दर्जन कॉलोनियों के लोग यहां अंडरपास बनाने की मांग उठा रहे हैं लेकिन अब तक ये प्रोजेक्ट परवान नहीं चढ़ पाई है। कुछ माह पहले ट्रेन रोकने पर इनेलो विधायक सहित कुछ पार्षदों पर भी मामला दर्ज हुआ था। प्रशासन ने इसके लिए पांच माह का समय दिया था, लेकिन अब तक सरकार की तरफ से बजट जारी नहीं किया। अंडरपास या एफओबी नहीं होने से स्कूली बच्चा बुजुर्ग व महिलाएं अपनी जान जोखिम में डालकर यहां गड़ी ट्रेनों के नीचे से होकर गुजरने को मजबूर हैं।
प्रोजेक्ट नंबर दो:- मुख्यमंत्री की शयामेसर तालाब की घोषणा डेढ़ साल बाद भी कागजों तक सिमटी
चरखी दादरी को जिले का दर्जा देने की घोषणा के साथ ही मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने एतिहासिक श्यामसर तालाब का जीर्णोद्घार कराने की भी घोषणा की थी। नगर परिषद ने करीब आठ माह पूर्व गुरुग्राम के आर्किटेक्ट से इसकी ड्राइंग व इस्टीमेट तैयार करवाकर सरकार को भेजा है। आर्किटेक्ट के मुताबिक इस पर करीब 17 करोड़ की लागत आएगी। सरकार के पाले में यह फाइल जाकर अटक गई है और सरकार ने अब तक इसका बजट तक मंजूूर नहीं किया है। ऐसे में इस बजट में जिले को यह सौगात मिलने की उम्मीद है।
प्रोजेक्ट नंबर तीन:- दस करोड़ का बजट सैकड़ों वाहन चालकों को जाम से दिलाएगा निजात
पीडब्लयूडी विभाग ने रोहतक रोड फाटक पर आरओबी बनाने की प्लानिंग तैयार कर सरकार को करीब दस माह पहले भेजी थी। विभाग के अनुसार यहां आरओबी बनने पर करीब दस करोड़ रुपये लागत आने की संभावना है। इस समय शहर में ढाणी फाटक व रावलधी-भिवानी लिंक मार्ग पर ही आरओबी है और अब शहर को तीसरे आरओबी की दरकार है। दिनभर में रोहतक फाटक करीब 15 से 20 बार बंद होती है और हर बार यहां वाहनों की लंबी कतार लग जाती है। फाटक खुलने के बाद भी दस से पंद्रह मिनट यहां जाम में सैंकड़ों वाहन चालक फंसे रहते हैं।
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प्रोजेक्ट नंबर चार:-दशकों पुरानी महिला महाविद्यालय की मांग हो सकती है पूरी
शहर में महिला महाविद्यालय की कमी पिछले कई वर्षों से छात्राएं झेल रही हैं। जिले की छात्राएं अपनी पढ़ाई जारी रखने के लिए रोहतक, कुरूक्षेत्र, हिसार या भिवानी के कॉलेजों में दाखिला लेने का मजबूर हैं। रोहतक रोड स्थित संस्कृत महाविद्यालय की जमीन पर महिला महाविद्यालय खोलने की फैसला विभिन्न खापों के पदाधिकारी ले चुके हैं। महिला महाविद्यालय खोलने के लिए वो जमीन देने को तैयार हैं और इस संबंध में शिक्षामंत्री रामबिलास शर्मा को भी ज्ञापन सौंप चुके हैं। यहां बिल्डिंग पहले से तैयार होने के चलते महिला महाविद्यालय खोलने में ज्यादा खर्च भी नहीं आएगा। इस बजट में यह मांग भी पूरी होने की उम्मीद है।
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