अमर उजाला ब्यूरो
झज्जर।
भाजपा के जिला प्रभारी वीर कुमार यादव ने नगरपालिका कार्यालय में बैठक कर विपक्ष को एक नया मुद्दा दे दिया। नियम व कायदों का पाठ पढ़ाने वाले भाजपाइयों ने सरकारी भवन में मीटिंग कर नियमों की धज्जियां उड़ा दी। वीरवार को जब नपा कार्यालय के भवन में भाजपा के प्रभारी द्वारा मंडल अध्यक्षों की मीटिंग लेने की बात पार्षदों को पता लगी तो कुछ पार्षद व पार्षद प्रतिनिधि नगर पालिका कार्यालय में पहुंच गए। यहां उन्होंने नपा चेयरमैन प्रतिनिधि उमेश नंदवानी से इस बारे में खूब बहस की। वहीं पार्षदों ने करीब एक घंटे तक कार्यालय में खूब बवाल किया।
सरकारी भवन में मीटिंग को लेकर गलती कर बैठे भाजपाइयों ने बाद में खूब तर्क दिए। वहीं भाजपा के प्रभारी ने तो मामले को संभालने के लिए अपने कार्यकर्ताओं को सरकार की भूमिका से ही नवाज दिया।
ये बोले पार्षद
1. वार्ड 2 के पार्षद हेमंत भगाना ने कहा कि जब दुष्यंत चौटाला की सभा पर डीइओ को सस्पेंड किया जा सकता है तो यहां उसे सस्पेंड किया जाए, जिसने किसी पार्टी के कार्यक्रम के लिए यहां पर कार्यक्रम की इजाजत दी है। सरकारी दफ्तर में भाजपा के लोग कैसे मीटिंग कर सकते हैं।
2. वार्ड एक के पार्षद महाबीर गुर्जर ने कहा कि सरकारी कार्यालय में लोग अपनी समस्याओं व दूसरी चीजों को लेकर आते हैं। यहां पर किसी पार्टी की मीटिंग के चलते कार्य प्रभावित होता है। मामले के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
सुविधा नहीं असुविधा पैदा कर रहे हैं भाजपाई : गीता भुक्कल
पूर्व शिक्षामंत्री और झज्जर शहर विधायक गीता भुक्कल ने कहा कि भाजपाई इस समय जनता के लिए केवल असुविधा पैदा कर रहे हैं। सरकारी कार्यालयों को इस प्रकार से राजनीति का अड्डा बनाया जाना बड़ा ही दुर्भाग्यपूर्ण है। भाजपा के बड़े नेता चिंतन करने दूसरे प्रदेश में जाते हैं लेकिन स्थानीय नेता लोगों को परेशान करने सरकारी कार्यालयों में बैठक कर रहे हैं।
नहीं थी जानकारी, गया था डीसी की बैठक में
मुझे तो मीटिंग की जानकारी ही नहीं है। मैं तो डीसी की मीटिंग में गया हुआ था। जब मैं कार्यालय पहुंचा तब तक सभी लोग वहां से जा चुके थे।
-नरेंद्र सैनी, सचिव, नपा झज्जर।
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सीधी बात में कई बार बदले भाजपा प्रभारी के सुर
सवाल - मीटिंग में क्या रणनीति बनाई गई?
जवाब-भाजपा को हर बूथ पर जिताना है।
सवाल- सरकारी कार्यालय में पार्टी की मीटिंग क्या सही है?
जवाब- हम सरकारी योजनाओं को सिरे चढ़ाने के लिए मीटिंग कर रहे थे।
सवाल- अभी तो आप बूथ पर चुनाव जीतने के बात कर रहे थे?
जवाब- नहीं इसमें हमारा यह भी एजेंडा था कि कैसे बूथ लेवल तक विकास करवाएं।
सवाल- क्या आपको पहले से पता था सरकारी कार्यालय में मीटिंग रखी गई है?
जवाब-मैं आपके अनुकूल जवाब नहीं दूंगा।
सवाल- मीटिंग के सरकारी भवन में होने का आपको पहले पता था, सिर्फ हां या ना?
जवाब-भाजपा का कार्यकर्ता सरकार की भूमिका में है।
सवाल- आपकी परिभाषा में सरकार और भाजपा पार्टी एक ही हैं?
जवाब -ये आपका विषय हो सकता है, मेरा नहीं।
सवाल-जींद में इसी विषय पर डीईओ सस्पेंड हुई है तो यहां पर ऐसा क्यों?
जवाब-आप कितनी बार पूछिए, मेरा जवाब यही रहेगा।
विपक्षी बोले- दुष्यंत सभा करें तो कार्रवाई और भाजपा करे तो कुछ नहीं
भाजपा जिला प्रभारी बोले- सरकार की भूमिका में हैं भाजपा कार्यकर्ता
फ्लैग-भाजपा ने नपा कार्यालय में बैठक की तो विपक्षी पार्षदों का हंगामा