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डेयरी फार्मिंग पर फोकस करें किसान, लोन का ब्याज सरकार भरेगी: धनखड़

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अमर उजाला ब्यूरो
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झज्जर।
हरियाणा स्वर्ण जयंती पशुधन प्रदर्शनी के समापन समारोह में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ ने कहा कि आने वाले पांच साल के बाद हरियाणा की कोई बछड़ी ऐसी नहीं होगी, जो कि दस किलो से कम दूध देने वाली हो और ना ही कोई कटड़ी 15 किलो से कम दूध देने वाली होगी। पशुपालन व्यवसाय को एक उद्योग का दर्जा देते हुए जल्दी ही राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के 27 हजार करोड़ के बाजार में छोटा प्रदेश होते हुुए भी हरियाणा दूध, फल, फूल, मछली, ताजा सब्जी की आपूर्ति करने वाले राज्य के रूप में बड़ी भूमिका निभाएगा।
मंत्री ने कहा कि सरकार किसान की आय बढ़ाने की दिशा में तेजी से प्रयास कर रही है। प्रदेश में 50 गाय या 50 भैंस की डेयरी खोलने वाले किसान को पर्याप्त ऋण दिलवाया जायेगा और इसका ब्याज सरकार देगी। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री ने अपने संबोधन ने कहा कि दुग्ध क्रांति को बढ़ावा देने के लिए पशुपालकों को हर साल नौ करोड़ रुपये के इनाम दिए जा रहे हैं। 18 किलो से अधिक दूध देने वाली भैंस को हर साल 30 हजार रुपये और 15 किलो दूध देने वाली गाय को 20 हजार रुपये सालाना प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। मुर्रा नस्ल को सरकार ने इतना प्रोत्साहन दिया है कि अब ये कहावत हो चली है, जिसके घर में मुर्रा, उसका बड़ा तुर्रा। राज्य स्तरीय इस पशु प्रदर्शनी के आयोजन से किसान इतने उत्साहित हुए हैं कि अपनी गाय भैंस, भेड बकरी, ऊंट व घोड़े को इनाम दिलवाने के लिए उनमें स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का संचार होगा। सरकार ने पहला पशु मेला रोहतक के गांव बहु अकबरपुर में पिछले साल आयोजित किया था, जिसमें देशी गाय ने रैंप पर कैटवॉक की थी। उसके बाद झज्जर में आयोजित हुए तीन दिवसीय स्वर्ण जयंती पशुधन मेले में पशुपालकों का उत्साह देखने लायक था।
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भैंसा मालिक को ढाई लाख सहायता राशि
ओमप्रकाश धनखड़ ने कहा कि पशुधन प्रदर्शनी में एक हजार करोड़ से अधिक की गैलक्सी सर्वश्रेष्ठ पशुओं के रूप में इकट्ठी हुई है। जिसको हजारों दर्शकों ने अपने कैमरे में कैद कर दुनिया भर में इंटरनेट के माध्यम से वायरल किया। जिसके परिणामस्वरूप दुनिया भर में इस आयोजन को प्रशंसा मिली हैं। स्वयं केंद्रीय कृषि मंत्री राधामोहन कृष्ण ने भी इसको इंटरनेशनल मेला बताया। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार ने किसानों को तीन हजार करोड़ रुपये मुआवजे के रूप में देकर एक रिकार्ड कायम किया है। कृषि मंत्री ने मेले में आए एक झोटे के मरने पर उसके पालक को ढाई लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की।
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