फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सत्र से पहले कृषिमंत्री बोले खरीदेंगे बाजरा, अधिकारियों को शाम तक नहीं मिले आदेश

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

झज्जर।
विपक्ष के हंगामे का डर कहें या फिर खरीद करवाने के लिए चंडीगढ़ पहुंचे आढ़तियों को लालीपॉप देने की कवायद। कृषि मंत्री ओपी धनखड़ ने सोमवार को विधानसभा सत्र शुरू होने से पूर्व बाजरा खरीद करने की घोषणा कर दी। लेकिन ग्राउंड रिपोर्ट यह है कि देर शाम तक ऐसा कोई आदेश अधिकारियों के पास नहीं पहुंचा जिसमें बाजरा खरीद शुरू करवाने की बात कही गई हो। जिसके चलते ऊहापोह की स्थिति बनी हुई है। बाजरा खरीद को लेकर संशय के बादल छंटते हुए नजर नहीं आ रहे हैं। आढ़तियों और किसानों को भय सता रहा है कि तीन दिन का विधानसभा सत्र खत्म होने के बाद कहीं कृषि मंत्री की यह घोषणा जुमला भर बनकर न रह जाए।
शाम को अधिकारियों ने बुलाए आढ़ती
कृषि मंत्री की घोषणा के बाद अधिकारियों ने धरनारत आढ़तियों और किसानों को बुलाया। हालांकि तब तक कोई लिखित आदेश अधिकारियों तक नहीं पहुंचा था। अधिकारी भी खरीद को लेकर अपना होमवर्क पूरा कर रहे थे कि अगर खरीद करनी पड़ जाए तो उन्हें ज्यादा दिक्कत न आए। इस दौरान अधिकारियों ने आढ़तियों से चर्चा करते हुए कहा कि अगर खरीद शुरू होती है तो केवल मंडी में पड़ा बाजरा ही खरीदा जाएगा, इसके अलावा एक दाना भी नहीं खरीदा जाएगा।
विज्ञापन

मंडी में पड़ा है आठ हजार मीट्रिक टन बाजरा
बिक्री के लिए झज्जर की अनाज मंडी में किसानों का आठ हजार मीट्रिक टन बाजरा पड़ा हुआ है, यानि जो खरीद सरकार द्वारा की गई है, उससे अधिक बाजरा अभी भी मंडी में पड़ा है। स्थानीय व्यापारी 1200 से 1250 रुपये प्रति क्विंटल के भाव में बाजरे की खरीद कर रहे हैं। जबकि सरकारी खरीद में किसानों को प्रति क्विंटल 1425 रुपये का भाव मिल रहा है। जिसके चलते किसानों का सरकारी खरीद की ओर अधिक रुझान है।

वर्जन
खरीद के बाद ही खत्म होगा धरना
बाजरा खरीद के लिए कृषि मंत्री ओपी धनखड़ से भी मिल चुके हैं। उन्होंने खरीद के लिए घोषणा तो कर दी है। लेकिन सोमवार शाम तक खरीद शुरू नहीं हुई। अधिकारियों ने उन्हें शाम को मीटिंग के लिए बुलाया था। जिसमें अधिकारियों ने साफ नहीं किया कि कब से बाजरे की खरीद शुरू होगी। लेकिन उनका फैसला अटल है कि बाजरा खरीद के बाद ही धरना खत्म किया जाएगा।
विज्ञापन

- हरेंद्र सिलाना, पूर्व अनाज मंडी प्रधान झज्जर।

निदेशालय से नहीं मिले खरीद करने के आदेश : शर्मा
बाजरा खरीद को लेकर निदेशालय की ओर से कोई आदेश नहीं मिले हैं। उनसे इस बारे में केवल आवक पूछी गई है। जिसकी रिपोर्ट उन्होंने निदेशालय के पास भेज दी है। झज्जर जिले की मंडियों में इस समय आठ हजार एमटी बाजरा बिना खरीद के रखा हुआ है।
- अशोक शर्मा, डीएफएससी, झज्जर।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें