अमर उजाला ब्यूरो
झज्जर।
हैफेड के द्वारा जिले की तीनों मंडियों से अब तक 1460 एमटी की खरीद की जा चुकी है। शुक्रवार को हैफेड के ढाकला मंडी से 250 एमटी व झज्जर से 350 एमटी की खरीद की गई। मातनहेल मंडी में हैफेड की ओर से 700 एमटी के टोकन बांटे जा चुके हैं। लेकिन वहां जगह कम पड़ने व बारदाने की कमी के चलते खरीद नहीं हो पाई है। मातनहेल मंडी में शनिवार व रविवार को बाजरे की खरीद की जाएगी। हैफेड द्वारा शनिवार और रविवार को टोकन बांटने का कार्य बंद रखा जाएगा। इन दोनों दिनों केवल उन किसानों का बाजरा खरीदा जाएगा, जिनको पहले टोकन दिए जा चुके हैं। छुट्टियों के चलते इन दोनों की खरीद के लिए हैफेड के द्वारा किसानों को पहले टोकन बांटे जा चुके हैं।
नहीं हुई है लिफ्टिंग
हैफेड के द्वारा भले ही अब तक 1460 एमटी की खरीद की जा चुका है। लेकिन बाजरे के एक भी दाने की लिफ्टिंग का कार्य नहीं किया गया। बाजरे की आवक की वजह से मंडी में अब जगह कम पड़ने लगी है। अगर बारिश होती है तो ऐसी स्थिति में बाजरा खराब होने की पूरी आशंका बनी हुई है। कृषि विभाग के अधिकारियों की मानें तो केवल पांच एमएम बारिश भी हुई तो बाजरे का रंग काला पड़ जाएगा। जिससे उसकी क्वालिटी प्रभावित होती है।
वर्जन
शनिवार और रविवार को बाजरे का उठान करवाया जाएगा। दोनों दिन उठान होने से मंडी में आवक के लिए पूरी जगह हो जाएगी। अब तक 1460 एमटी की खरीद की जा चुकी है।
- सुरेंद्र चौधरी, डीएम, हैफेड।