नप की निष्क्रियता: पेमेंट नहीं करने पर ठेकेदार ने शौचालयों पर लगाए ताले
अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी।
दुकानदारों और राहगीरों की सुविधा के लिए शहर में बनाए शौचालय का लाभ आमजन को नहीं मिल पा रहा है। नवनिर्मित दो शौचालयों के गेट पर ठेकेदार ने पेमेंट का भुगतान अटकने पर ताले जड़ दिए हैं। जुलाई माह के मध्य में ये शौचालय बनकर तैयार हो गए थे लेकिन अब तक ठेकेदार ने इन्हें नगर परिषद को हैंडओवर नहीं किया है। इसका कारण पेमेंट भुगतान में नप अधिकारियों द्वारा लेट-लतीफी करना है। अब पेमेंट का भुगतान होने के बाद ही ठेकेदार इन तालों की चाबियां अधिकारियों को थमाने का तर्क दे रहा है। वहीं, शौचालयों की सुविधा से अब तक महरूम लोगों को परेशानियां ही उठानी पड़ रही हैं जबकि एक सितंबर से नगर परिषद ने शहर को खुले में शौच से मुक्त करार दिया है। अब नप अधिकारी जल्द ही शौचालयों की तालाबंदी के पेच को सुलझाने का तर्क दे रहे हैं। पिछले करीब दो माह से मामला ठंडे बस्ते में पड़ा होने के कारण आमजन को ही परेशानियों से दो-चार होना पड़ रहा है। वहीं, पुरानी सब्जी मंडी के समीप बनाया शौचालय पर भी अभी ताला जड़ा हुआ है। विधायक राजदीप सहित सहित नगर परिषद चेयरमैन संजय छपारियां भी यहां का जायजा ले चुके हैं लेकिन हालात जस के तस बने हैं।
मार्च माह में नगर परिषद ने शहर में करीब छह शौचालयों का निर्माण कराने की प्लानिंग तैयार की थी। नप सूत्रों की मानें तो उस समय करीब छह लाख की लागत से छह शौचालयों का निर्माण कराने की योजना बनाई गई थी। इसके बाद टेंडर अलॉटमेंट संबंधी औपचारिकताएं पूरी कर नगर परिषद ने शौचालयों का निर्माण शुरू करवाया था। यह प्लानिंग महज दो शौचालयों के निर्माण तक ही सीमित रह गई। निर्माण एजेंसी की मानें तो एस्टीमेट के हिसाब से निर्धारित ग्रांट में छह की बजाय दो से तीन शौचालयों का ही निर्माण हो पाया। इसके बाद अन्य चार शौचालयों के निर्माण की फाइल जहां अधर में लटक गई तो वहीं बनकर तैयार दो शौचालयों को भी अब तक प्रयोग में नहीं लाया जा सका है। नगर परिषद ने कोर्ट रोड स्थित शौचालय को तोड़कर इसका आधुनिक ढंग से निर्माण करवाया जबकि एक शौचालय एपीजे कॉलेज मोड़ के समीप बनवाया गया। अब तक ये शौचालय ढिलाई के चलते शो-पीस ही बने नजर आ रहे हैं। ठेकेदार का कहना है कि बार-बार नप कार्यालय के चक्कर काटने के बावजूद पेमेंट का भुगतान नहीं किया गया। इससे खफा होकर ही इन दोनों शौचालयों को ताले जड़े हैं। नप सूत्रों की मानें तो ठेकेदार के पेमेंट का भुगतान करने के बाद ही चाबियां थमाने के तर्क पर नगर परिषद अधिकारी हरकत में आए हैं और एक-दो दिन में ही बिल तैयार संबंधी कार्यवाही शुरू की जाएगी।
विधायक के निर्देशों के बावजूद पुरानी सब्जी मंडी शौचालय पर लटका ताला
करीब डेढ़ माह पूर्व विधायक राजदीप फौगाट ने पुरानी सब्जी मंडी समीप स्थित बदहाल शौचालय और सफाई व्यवस्था का जायजा लिया था। इस दौरान विधायक को यहां गंदगी के ढेर मिले थे जबकि शौचालय पर भी ताला जड़ा मिला था। स्थानीय लोगों ने इस लापरवाही की जानकारी विधायक को भी दी थी। इसके बाद नप चेयरमैन और अधिकारी भी मौके पर पहुंचे थे और व्यवस्था में सुधार का आश्वासन दिया था। इसके बावजूद यहां के हालात नहीं बदले और अब भी शौचालयों पर ताला लटका हुआ है।
लोग बोले: शौचालय निर्माण तो पूरा, ताला खुलने के बाद मिलेगी राहत
नगर परिषद ने कोर्ट रोड पर शौचालय तो बना दिया लेकिन अब तक आमजन इसके प्रयोग से अछूता है। पुराना शौचालय कम से कम प्रयोग तो हो पा रहा था। शौचालय का जल्द से जल्द नगर परिषद ताला खुलवाएं। - दयानंद, कोर्ट रोड रेहड़ीधारक
कोर्ट रोड पर पहले जो शौचालय था वो जर्जर था। इसके चलते स्थानीय दुकानदारों को परेशानियां उठानी पड़ रही थीं। नगर परिषद ने नया शौचालय तो बनवा दिया लेकिन अब तक इसका फायदा आमजन को नहीं पहुंचा है। - ललित, कोर्ट रोड दुकानदार
शौचालय की सुविधा नहीं होने से परेशानियां झेलनी पड़ रही है। शौचालय तो बनकर तैयार है लेकिन ताला लगा होने से प्रयोग में नहीं आ पा रहा। इस संबंध में नगर परिषद से भी हम शिकायत कर चुके हैं। - अमर सिंह, दुकानदार
आमजन की सुविधाओं के लिए शौचालय तो बनवा दिया लेकिन अब तक गेट का ताला नहीं खुला है। समीप केवल एक ही सार्वजनिक शौचालय है लेकिन वो भी प्रयोग में नहीं आ पा रहा। इससे लोगों को परेशानियां हो रही है। - बाबूलाल, दुकानदार
वर्जन::
मैंने जेई को इस संबंध में निर्देश दे दिए हैं। एक-दो दिन में ही बिल तैयार कर हम आगामी कार्रवाई कर देंगे। ठेकेदार से मेरी बात चुकी है और जल्द ही शौचालयों को प्रयोग में लाने का हम हरसंभव प्रयास करेंगे। - हरी किशन शर्मा, एमई नगर परिषद
वर्जन::
करीब 15 जुलाई को शौचालयों का निर्माण पूरा हो गया था और तब से ही मैं नप कार्यालय के चक्कर लगा रहा हूं। पेमेंट का भुगतान होने के तुरंत बाद ताला खोल दूंगा। - प्रदीप कुमार, ठेकेदार