अमर उजाला ब्यूरो
झज्जर।
रक्षाबंधन पर्व पर प्रदेश सरकार द्वारा बहनों को फ्री यात्रा करवाने की घोषणा पर रोडवेज अधिकारियों ने पलीता लगा दिया। बहनों को रोडवेज बसों की भारी कमी खली तो बहनों को रोडवेज के अलावा निजी वाहनों में भी असुरक्षित सफर करने को मजबूर होना पड़ा। रोडवेज डिपो की बसें बूथ से गायब सी नजर आई, जिसके चलते महिलाओं में रोष साफ देखने को मिला।
महिलाओं ने आरोप लगाया कि रोडवेज के अधिकारियों ने जानबूझकर उन्हें परेशान करने के लिए बसों को कर्मशाला में खड़ा करवा दिया। जिसके चलते उन्हें तय समय पर बसें ही नहीं मिली। वहीं, निजी बस संचालकों के द्वारा भी चक्करों में कटौती की गई थी। जिस पर भी विभाग के द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई। जिसका खामियाजा महिलाओं के भुगतना पड़ा।
राखी पर्व की रही धूम
सोमवार को बहन-भाई के प्रेम का त्योहार रक्षाबंधन धूमधाम से मनाया गया। बहनों ने भाई की कलाई पर राखी बांध के उनके मंगल भविष्य व सुख समृद्धि की कामना की तो भाइयों ने भी बहनों की रक्षा का वचन दिया और उपहार भेंट किए। देश की सीमाओं पर तैनात सैनिक भाईयों को बहनों ने डाक के जरिये राखी व रक्षासूत्र भेजें और फोन पर भाईयों का हाल-चाल जाना।
बाजार में सोमवार को मिठाईयों और राखियों की जमकर खरीदारी हुई। जिसके कारण बाजारों में भीड़भाड़ रही और दुकानदारों के चेहरे पर खुशी साफ नजर आई। इस बार बाजार में फैंसी राखियों की भरमार रही। चाइनीज राखियों की तुलना में बहनों ने भाई की कलाई पर भारत में बनी राखियां या फिर रक्षासूत्र धागा सूती बांधा और बहनों ने फौजी भाईयों को खासतौर से भारतीय राखियां ही भेजी और चाइनीज राखियों का बहिष्कार किया।
राखी बांधने का सिलसिला तो बड़े सवेरे ही शुरू हो गया था, जो दोपहर बाद तक जारी रहा। लेकिन बहनों ने खासतौर से पंडितों द्वारा बताए गए शुभ मुहूर्त में ही राखियां बांधी। वहीं गांव कबलाना, झांसवा में दंगल और मेला का आयोजन किया गया। कई अन्य स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित हुए, जिसका लोगों ने खूब लुत्फ उठाया और मेलों में जमकर खरीददारी की।
जेल प्रबंधन ने भेंट किए औषधीय पौधे
रक्षाबंधन पर्व पर झज्जर की दुलीना जेल में इस बार एक नई पहल शुरू की गई। इस नई पहल के तहत दुलीना जेल में बंदियों ने अपने प्रयास से पहले तो पौधों की नर्सरी तैयार की और बाद में उसी नर्सरी में से सोमवार को रक्षाबंधन पर्व पर जेल में बंद अपने भाई की कलाई पर राखी बांधने आई बहनों को यह पौधे उपहार स्वरूप दिए गए। दुलीना जेल के अधीक्षक दयानंद मंदोला ने कहा कि प्रबंधन बंदियों द्वारा तैयार की गई पौधों की नर्सरी को खुशहाली का प्रतीक माना है। जो भाई अपनी कलाई पर रक्षासूत्र बंधवाकर उसकी जीवन भर उसकह सुरक्षा का संकलप लेता है। जेल में बंद उसी भाई ने इस बार अपनी बहन को भेंटस्वरूप यह औषधीय पौधे दिए हैं। ताकि उसकी बहन के जीवन में हमेशा खुश रहे।
उधर, रक्षाबंधन पर्व पर जेल प्रबंधन प्रदेश के विभिन्न स्थानों से आई बहनों को जेल में बंद उनके बंदी भाईयों से मिलवाने के लिए काफी अच्छे इंतजाम किए थे। यही वजह रही कि बड़े ही व्यवस्थित ढंग से बहनों ने जेल में बंद अपने बंदी भाईयों की कलाई पर राखी बांधी और उनका मुंह मीठा करवा कर उनके दीर्घायु होने की कामना की।
- जिले में धूमधाम से मनाया गया रक्षा बंधन का पर्व
- दुलीना जेल प्रबंधन ने बहनों को भेंट किए औषधीय पौधे