पूर्व सैनिक लोस चुनाव का करेंगे बहिष्कार
बहादुरगढ़। जिले के पूर्व सैनिकों ने कैप्टन छत्र सिंह यादव की अध्यक्षता में एक बैठक की। बैठक की शुरुआत में शहीद-ए-आजम भगत सिंह को श्रद्धांजलि दी गई। इस दौरान फैसला लिया गया कि इस बार पूर्व सैनिक लोकसभा चुनावों का पूर्णतया बहिष्कार करेंगे। सबका सैनिक संघर्ष कमेटी के महासचिव कपिल फौजी सिलानी ने कहा कि चुनाव में पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों की मांगों को लोकसभा उम्मीदवार के समक्ष रखना है और पूर्व सैनिकों की मांगों के ऊपर लोकसभा उम्मीदवार की स्थिति जाननी है। लोकसभा उम्मीदवार के पूर्व सैनिकों की मांगों के ऊपर विचार जानने के बाद अगर कोई लोकसभा उम्मीदवार अपने घोषणा पत्र में जवानों की मांग लिखने को तैयार होता है तो जिले के पूर्व सैनिक दोबारा से बैठक कर फैसला लेंगे। उसके बाद लोकसभा उम्मीदवार को लिखित समर्थन देंगे और चुनाव में प्रचार भी करेंगे। कैप्टन जय सिंह राठी ने कहा कि जिले के पूर्व सैनिकों का एक बहुत बड़ा परिवार है और उनके सुख-दुख की मांगो को लोकसभा उम्मीदवार के समक्ष रखेंगे अगर उम्मीदवार पूर्व सैनिको की मांगों को संसद में उठाने और संघर्ष करने का वादा करता है तो वे उसका साथ देंगे। बैठक में कैप्टन कपूर सिंह, हवलदार बलबीर सिंह, सूबेदार बलबीर सिंह, सार्जेंट विष्णु पंडित, सूबेदार कुलदीप सिंह, हवलदार बलवंत सिंह, रामकिशन फौजी, कपिल फौजी सिलानी, हवलदार ईश्वर सिंह, हवलदार महेंद्र, सूबेदार ओमप्रकाश, सूबेदार नसीब सिंह, सूबेदार महाबीर सिंह, कैप्टन सतबीर सिंह, हवलदार बेगराज सिंह, कैप्टन जयसिंह राठी, कैप्टन राजेंद्र सिंह, हवलदार जयपाल सिंह, हवलदार नरेश सिंह आदि मौजूद रहे।
ये हैं सैनिकों की मांगे
शहीद सैनिकों के परिवारों को मिलने वाली राशि 5 करोड़ की जाए। सैनिक की वीरांगनाओं और अफसरों की वीरांगनाओं की पेंशन एक समान हो। युद्ध में घायल जवान की मेडिकल पेंशन 18 हजार और युद्ध में घायल सेना ऑफिसर की मेडिकल पेंशन 2 लाख 52 हजार से ज्यादा है। यह दोनों भी बराबर किए जाएं। मिलिट्री सर्विस पे जवान को 5200 और सेना के आफिसर को 15 हजार 5000 रुपये दिए जा रहे हैं। लेह लद्दाख जैसे एरिया में हाई अल्टी अलाउंस आफिसर्स को जवान से पांच गुना ज्यादा दिया जा रहा है यह एक बराबर किया जाए। स्पेशल पुलिस ऑफिसर पूर्व सैनिकों को पुलिस में पक्का किया जाए। कारगिल से पहले के युद्धों और ऑपरेशनों में शहीद हुए सेना और पेरामिल्ट्री जवानों के परिवारों को कम से कम 10 लाख तक की आर्थिक सहायता दी जाए। पेरामिल्ट्री के जवानों की पेंशन बहाल की जाए और जो सुविधाएं शहीद होने पर सेना के जवान को मिलती है वह सब सुविधाएं पैरामिलिट्री के सैनिकों को मिले। सेना में अहीर रेजीमेंट बनाई जाए।