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मुआवजा बढ़ाने की मांग : धरने पर बैठे 17 गांवों के किसानों को मिला छह गांवों का समर्थन

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अमर उजाला ब्यूरो
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चरखी दादरी। इस्माइलाबाद से गंगहेड़ी तक बनने वाले एनएच-152 डी के लिए अधिग्रहीत जमीन का कलेक्टर रेट बढ़वाने की मांग को लेकर 17 गांवों के किसानों का धरना दूसरे दिन भी जारी रहा। बुधवार को करीब आधा दर्जन गांवों के मौजिज लोग समर्थन देने धरनास्थल पर पहुंचे। इस दौरान जल्द सुनवाई न होने पर महापंचायत बुलाने का निर्णय लिया गया। वक्ताओं ने कहा कि महापंचायत के दौरान आगामी रूपरेखा तैयार की जाएगी और कलेक्टर रेट में संशोधन की मांग पूरी नहीं हुई तो फिर अन्य कदम उठाए जाएंगे।
राष्ट्रीय राजमार्ग के लिए 17 गांवों की जमीन अधिग्रहीत की जानी है। इन जमीनों के किसान तय कलेक्टर रेट से संतुष्ट नहीं हैं। उनका कहना है कि उन्हें प्रति एकड़ दो करोड़ रुपये मुआवजा राशि दी जाए। इसे लेकर मंगलवार से 17 गांवों के किसानों ने मंगलवार से धरना शुरू कर दिया था। किसानों का कहना है कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं की जाती तब तक धरना लगातार जारी रहेगा। किसानों का कहना है कि एनएच के दायरे में इन गांवों के किसानों की करीब 700 एकड़ से अधिक जमीन अधिग्रहीत होगी और इसके बदले उन्हें बेहद कम मुआवजा दिया जा रहा है।
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विभिन्न गांवों के किसान बुधवार को धरनास्थल पर एकत्र हुए। ये किसान भारत भूमि बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले धरना दे रहे हैं। यह धरना रामनगर गांव के समीप शुरू किया गया है। वक्ताओं ने कहा कि इन किसानों के साथ न्याय नहीं किया जा रहा है। उनकी जमीन के कलेक्टर रेट में सुधार की आवश्यकता है। किसान नेता रमेश दलाल ने बताया कि किसानों की मांग कानूनी प्रावधानों के तहत है। इस संबंध में गत सोमवार को जिला राजस्व अधिकारी राजकुमार से मुलाकात भी की गई थी और कानूनी दस्तावेज दिखाकर उनसे तय कलेक्टर रेट में सुधार की मांग की थी। किसानों ने स्पष्ट किया कि अगर उनकी मांग पूरी नहीं होती है तो अगली रणनीति पर चर्चा के लिए महापंचायत बुलाई जाएगी।

पूर्व मंत्री और पूर्व विधायक पहुंचे समर्थन देने
धरने के दूसरे दिन पूर्व कैबिनेट मंत्री सतपाल सांगवान और पूर्व विधायक रणबीर महेंद्रा अपना समर्थन देने पहुंचे। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि इन किसानों की मांगें जायज हैं और जिला प्रशासन को डिमांड प्रदेश सरकार तक पहुंचाकर पूरी करानी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसानों की लड़ाई में वो उनके साथ हैं।
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इन गांवों का मिला समर्थन
किसानों के धरने को समर्थन देने खातीवास से अनूप सिंह, विनोद मौड़ी, राजीव सरपंच रामनगर, सोनू पहल दातोली, रजनीश चिड़िया, राजबीर टिकाण कलां, लीला राम मकड़ाना, कैप्टन आजाद रानीला, सूरजभान झिंझर, जोगेंद्र समसपुर, ढिल्लू ढाणी फौगाट, कलीराम पूर्व सरपंच मकड़ानी, धर्मपाल सूबेदार खातीवास आदि धरनास्थल पर समर्थन देने पहुंचे।
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