झज्जर। महाराणा प्रताप बागवानी विश्वविद्यालय करनाल के रीजनल सेंटर का जिला के गांव रईया में जल्द ही निर्माण कार्य प्रारंभ होगा। वीरवार को बागवानी रीजनल सेंटर के क्षेत्रीय निदेशक योगेश शर्मा और चीफ इंजीनियर जितेंद्र कुमार ने रईया गांव का दौरा किया और रीजनल सेंटर की प्रस्तावित लगभग 100 एकड़ भूमि की पैमाइश का कार्य पूरा किया। रीजनल सेंटर की चाहरदीवारी के कार्य की टेंडर प्रक्रिया हो चुकी है। साथ अन्य निर्माण कार्य संबंधी प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। महाराणा प्रताप बागवानी विश्व विद्यालय की प्रस्तावित साइट जिला प्रशासन द्वारा रीजनल सेंटर को सौंप दी गई है। बागवानी रीजनल सेंटर की तकनीकी शाखा ने वीरवार को भूमि का कब्जा भी ले लिया है।
साइट का किया गया निरीक्षण
महाराणा प्रताप बागवानी विश्वविद्यालय की टीम के साथ प्रशासन की ओर से नियुक्त बीडीपीओ इकबाल राठी ने बताया कि रीजनल सेंटर के अधिकारियों ने पूरी साइट का निरीक्षण कर अपना कार्य शुरू कर दिया है। ग्राम पंचायत ने भी इस कार्य में पूरा सहयोग किया। रीजनल सेंटर के क्षेत्रीय निदेशक योगेश शर्मा ने कहा कि रीजनल सेंटर रईया गांव की लगभग 100 एकड़ भूमि में तैयार होगा। बागवानी सेंटर के निर्माण होने से क्षेत्र में बागवानी को बढ़ावा मिलेगा। किसानों की आय में कई गुणा की बढ़ोत्तरी होगी। रीजनल सेंटर में देश भर से वैज्ञानिक रिसर्च करेंगे और किसानों को बागवानी के क्षेत्र में अहम मदद करेंगे।
एनसीआर का मिलेगा फायदा
क्षेत्रीय निदेशक योगेश शर्मा ने कहा कि यह क्षेत्र एनसीआर ,दिल्ली व गुड़गांव से साथ सटा हुआ है, और यह बागवानी उत्पाद की बड़ी मार्केट है। घटती जोत के कारण किसानों के पास जमीन कम हो रही है और घटती जोत में बागवानी से किसानों की आय कई गुणा बढ़ाई जा सकती है। इस क्षेत्र के लिए बागवानी का रीजनल सेंटर किसानों के लिए तोहफे का काम करेगा।