अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी। अंतरराष्ट्रीय महिला पहलवान गीता और बबीता फौगाट के गांव में बनने वाले कुश्ती हॉल निर्माण के लिए चयनित जगह पर ग्रामीणों ने आपत्ति जताई है। ग्रामीणों का तर्क है कि पंचायत और प्रदेश सरकार ने जिस 10 एकड़ जगह का चयन किया है वहां काफी तादाद में हरे पेड़ हैं। अगर इन पेड़ों को काटा जाता है तो गांव की हरियाली को नुकसान पहुंचेगा। इस संबंध में तीन दिन पूर्व ही एक ग्रामीण ने एनजीटी में याचिका स्पीड पोस्ट से भेजी गई है। वीरवार को भी ग्रामीणों ने कुश्ती हॉल निर्माण के लिए चयनित जगह पर पहुंचकर विरोध जताते हुए जगह बदलने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर उनकी मांग पर ध्यान नहीं दिया गया तो बड़े स्तर पर आंदोलन शुरू किया जाएगा।
बता दें कि सीएम मनोहर लाल ने 18 सितंबर 2016 को अंतरराष्ट्रीय महिला पहलवान गीता, बबीता और विनेश फौगाट के पैतृक गांव बलाली में कुश्ती हॉल बनाने की घोषणा की थी। इसके बाद बलाली पंचायत से पंचायत विभाग ने इसके निर्माण के लिए 10 एकड़ जगह मांगी और एक करोड़ 46 लाख रुपये का प्रपोजल तैयार किया गया। लेकिन सीएम की घोषणा के दो साल बाद भी धरातल पर काम शुरू नहीं हो पाया। विभागीय सूत्रों की मानें तो इसकी एक किश्त पंचायत विभाग के पास पहुंच चुकी है।
फिलहाल बलाली गांव की बणी में खड़े पेड़ों पर नंबर डाले गए थे। ग्रामीणों ने बताया कि इन्हें काटने की तैयारी की जा रही है और इससे पर्यावरण को काफी नुकसान पहुंचेगा। इसलिए प्रदेश सरकार इस कुश्ती हॉल निर्माण के लिए जगह बदलने के आदेश जारी करें। ग्रामीणों ने बताया कि इस संबंध में एनजीटी में याचिका भी दायर की जा चुकी है। पंचायत एवं प्रदेश सरकार द्वारा स्टेडियम बनाने की अनुमति प्रदान किए जाने को युवाओं ने अच्छा कदम बताया है तो साथ ही चयनित जगह तुरंत बदलने की मांग भी की है। नंबरदार अंकित, सतबीर, दिनेश, इनसो प्रधान अजय बलाली, सचिन ने बताया कि कई बार स्थान को बदलने की मांग उठाते हुए ग्रामीण वन मंत्री व सीएम विंडो पर भी शिकायत दर्ज करा चुके हैं और अब इस मामले को एनजीटी में ले जाया गया है।
युवाओं ने नारेबाजी कर जताया रोष
सुधीर बंटी, ठेकेदार महेश व नितिन सांगवान की अगुवाई में युवाओं और ग्रामीणों ने वीरवार सुबह नारेबाजी कर रोष जताया। उन्होंने कहा कि इस प्रोजेक्ट के लिए गलत जगह का चयन करने से ग्रामीणों में रोष व्याप्त है। वर्तमान स्थल को बदलकर कुश्ती हॉल का निर्माण अन्य जगह करवाया जाए। ग्रामीणों ने कहा कि अगर सरकार और विभाग अपना फैसला नहीं बदलता है तो आगामी दिनों में आसपास के गांवों के ग्रामीणों को भी साथ लेकर इस मांग को बड़े स्तर पर उठाया जाएगा।
पंचायत ने बढ़ाई है हरियाली, ऐतराज है तो बताएं ग्रामीण : सरपंच
इस संबंध में बलाली सरपंच अमित ने बताया कि ग्राम पंचायत हरियाली बढ़ाने के लिए 2000 से अधिक पौधे लगा चुकी है। उन्होंने कहा कि अगर किसी ग्रामीण को जगह पर ऐतराज है तो वह पंचायत को आकर बताए। अगर कोई अन्य विकल्प किसी ग्रामीण के जहन में है तो वह भी अपना सुझाव दे सकता है।