अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी।
सरसों खरीद न होने से खफा किसानों ने सोमवार सुबह करीब साढ़े नौ बजे अनाज मंडी के मुख्य गेट पर बाहर बवाल काटते हुए ताला जड़ दिया। बीते चार दिनों में अनाज मंडी के गेट पर तीसरी दफा तालाबंदी हुई है। किसानों ने तालाबंदी के साथ-साथ धरना भी शुरू कर दिया। तालाबंदी के करीब साढ़े पांच घंटे बाद मौके पर पहुंचे नायब तहसीलदार को किसानों ने खरीद शुरू होने के बाद ही ताला खोलने की चेतावनी दी है। इतना ही नहीं किसानों का कहना है कि अगर मंगलवार को समस्या का समाधान नहीं हुआ तो रोड जाम करने को विवश होंगे और इसकी जिम्मेवारी जिला प्रशासन की होगी। वहीं, मौके पर पहुंचे अधिकारियों का जल्द खरीद शुरू कराने का आश्वासन मानने से भी किसानों ने इंकार कर दिया। समाचार लिखे जाने तक किसान मंडी के गेट पर ताला जड़कर अपनी मांग पर अड़े रहे।
सुबह करीब आठ बजे ही किसान चिड़िया रोड स्थित अनाज मंडी के मुख्य गेट पर पहुंचना शुरू हो गए। एक घंटे के इंतजार के बाद भी जब सरसों खरीद संबंधी किसानों को सूचना नहीं मिली तो किसानों ने नारेबाजी कर रोष जाहिर किया। इसके बाद किसानों ने बैठक आयोजित कर मंडी के गेट को ताला जड़ने का फैसला लिया। करीब साढ़े नौ बजे किसान मंडी के मेन गेट पर पहुंचे और ताला जड़कर धरने पर बैठ गए। इस दौरान किसानों ने मंडी में वाहनों की आवाजाही भी बंद कर दी। इससे मंडी में खरीदी गई सरसों और गेहूं का उठान कार्य भी प्रभावित हुआ। तालाबंदी की सूचना मिलते ही सिटी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और किसानों को समझा-बुझाकर ताला खुलवाने का प्रयास किया। किसानों ने पुलिस कर्मियों को मौके पर प्रशासनिक अधिकारियों को बुलाकर समस्या का समाधान कराने का तर्क दिया।
साढ़े पांच घंटे बाद मौके पर पहुंचे नायब तहसीलदार
करीब तीन बजे नायब तहसीलदार जगदीश चंद्र मौके पर पहुंचे। उन्होंने किसानों से बातचीत की और समझाने का प्रयास किया। नायब तहसीलदार ने कहा कि इस संबंध में उच्च स्तर पर बैठक चल रही है और इसमें सरकार ही कोई हल निकाल सकती है। उनके इस तर्क पर किसानों ने कहा कि जब तक उनकी सरसों नहीं खरीदी जाती, तब तक अनाज मंडी के गेट से ताला नहीं खोलेंगे। किसानों ने कहा कि मंगलवार को अगर सरसों की खरीद शुरू नहीं हुई तो वे रोड जाम करने को भी विवश होंगे।
विधायक फौगाट भी किसानों के समर्थन में आए
तालाबंदी की सूचना मिलते ही इनेलो विधायक राजदीप फौगाट भी मौके पर पहुंचे गए। उन्होंने किसानों से बातचीत की। इसके बाद मौके पर पहुंचे नायब तहसीलदार को समस्या के समाधन की मांग की। इस दौरान विधायक ने कहा कि जिले के करीब चार हजार किसानों की सरसों खरीद एजेंसियां नहीं कर रही है और ये सब सरकार की गलत नीतियों का ही नतीजा है।
ट्रैक्टरों का लग रहा किराया, कर्जदार कर रहे परेशान
- मुझे टोकन मिले एक सप्ताह हो चुका है और हर रोज 500 रुपये ट्रैक्टर का किराया देकर मंडी आ रहा हूं। खरीद न होने से बैरंग लौटना पड़ता है। परेशानियां बढ़ती जा रही हैं।
सज्जन सिंह, पैंतावास खुर्द निवासी
- चार मई को अनाज मंडी में सरसों लेकर आया था और खरीद के लिए मंडी में ढेरी डाल दी। 10 दिन बीतने के बाद भी सरसों नहीं खरीदी गई। जेब में घर खर्च चलाने के लिए भी पैसे नहीं है।
रोहताश, मंदोला निवासी
- मैंने केवल सरसों की ही बिजाई की थी। खाद व बीज उधार लिए थे और अब कर्जदार का पैसे चुकाने के लिए फोन आ रहा है। सरसों खरीद न होने से रुपये नहीं दे पा रहा हूं।
जगदीश, रासीवास निवासी
- पहले बारदाना की कमी से मेरी सरसों नहीं खरीदी गई थी। इसके बाद दोबारा से प्रक्रिया पूरी कर टोकन लिया और पिछले चार दिनों से सरसों बेचने आ रहा हूं लेकिन खरीद नहीं हो पा रही।
सतबीर सिंह, झीझर निवासी
वर्जन::
किसानों की जो समस्याएं थीं उनकी जानकारी उच्चाधिकारियों को दे दी है। सरसों खरीद की समस्या कई मंडियों में है। सरकार की ओर से जल्द इसका समाधान होने की उम्मीद है।
जगदीश चंद्र, नायब तहसीलदार।