अमर उजाला ब्यूरो
बेरी।
बहादुरगढ़ के लाइनपार इलाके में 2 जनवरी को पुराने खंडहर मकान का छज्जा गिरने से बाप-बेटे की हुई मौत से बेरी नगरपालिका ने भी सबक लिया है। बेरी नगरपालिका ने भी अब ऐसे पुराने भवनों का सर्वे करवाने का निर्णय लिया है जो बुरी तरह से जर्जर स्थिति में कंडम हो चुके हैं। नपा ने इस सर्वे के लिए बाकायदा टीम भी तैयार कर दी है जो अगले 15 दिनों के भीतर ऐसे भवनों की सूची तैयार करेगी। बाद में नपा अधिकारियों द्वारा इन भवन मालिकों को नोटिस जारी किये जायेंगे। नगरपालिका अधिकारियों की मानें तो प्राचीन कस्बा होने के कारण यहां ऐसे भवनों की तादाद काफी है। अधिकारियों के अनुसार छाजयान पाना, स्वराज गंज, देवीमंदिर वाली गली सहित अन्य कई क्षेत्रों में ऐसे भवनों के ज्यादा होने की संभावना है। यहां खास बात यह भी है कि ऐसे पुराने मकानों और हवेलियों के मालिक पीढ़ी दर पीढ़ी अन्य शहरों में भी शिफ्ट हो चुके हैं। बेरी के इन पुराने निवासियों ने व्यापार के चलते अन्य शहरों में शिफ्ट तो कर लिया लेकिन मकानों में लंबे समय से किसी के न रहने के कारण अब ये मकान व हवेलियां खंडहर होने लगे हैं। और अब यही पुराने मकान यहां रहने वाले लोगों के लिए जी का जंजाल बनने लगे हैं। कई वर्षों पूर्व भी बेरी में इसी कारण एक हवेली ढह गई थी और बड़े हादसे को अंजाम भी दिया था। इस घटना में तीन बच्चों समेत गाय के एक बछड़े की दबने से मौत भी हुई थी।
बीते वर्ष भी चला था अभियान
स्थानीय निवासियों की सीएम विंडो पर शिकायत किये जाने पर बीते वर्ष भी नपा ने यह अभियान छेड़ा था। प्रशासन के आदेशों पर नपा ने सर्वे करवाकर दो हवेलियों को ध्वस्त भी किया था और कई लोगों को नोटिस भी जारी किये हैं, लेकिन नोटिस दिये जाने के बाद लोगों ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया। अब बीते दिनों बहादुरगढ़ में हुए हादसे से सबक लेते हुए नपा ने दोबारा फ्रेश सर्वे करवाकर ऐसे भवनों के मालिकों को नोटिस थमाने तथा समय रहते कार्रवाई न करने पर कानूनी कार्रवाई करने का मन बनाया है।
वर्जन
हालांकि बेरी मे कंडम हो चुके भवनों और हवेलियों के सर्वे का काम पिछले दिनों से जारी है, लेकिन बहादुरगढ़ में हुए हादसे के बाद सर्वे का काम तेज कर जल्द रिपोर्ट भेजने को कहा गया है। रिपोर्ट मिलते ही भवन मालिकों को नोटिस जारी किये जाएंगे।
-मनदीप धनखड़, एमई, नपा बेरी।