अमर उजाला ब्यूरो
बहादुरगढ़।
बरसाती सीजन के तीसरे महीने के आखिरी दिन इलाके में बेशक मेघा जमकर बरसे, मगर इस सीजन में पिछले दो साल की तुलना में धरती को कम पानी मिला। 2015 तथा 2016 में जहां जून, जुलाई और अगस्त माह में क्रमश: 572 और 524 एमएम बरसात हुई थी। जबकि वर्ष 2017 में केवल 408 एमएम बरसात हुई है।
जून के महीने में इस बार सीजन की जबरदस्त शुरू हुई ही। लगभग 150 एमएम बरसात हुई थी, जिसने पिछले कई वर्षों का रिकार्ड तोड़ दिया था। मगर इसके बाद उतनी बरसात नहीं हुई, जितनी औसतन होती है। जुलाई और अगस्त के महीनों में पिछले 2 वर्षों के मुकाबले आधी भी बरसात नहीं हो पाई। हालांकि इलाके में सितंबर और अक्तूबर के मध्य तक भी बरसात हो जाती है। अहम बात ये कि 2015 में साल भर में 746 एमएम तो 2016 में 614 एमएम बरसात हुई थी। इस लिहाज से भी देखें तो इस साल 490 एमएम ही बरसात हो पाई है। इसलिए मौसम विभाग को उम्मीद है कि अगले डेढ़ महीने में अच्छी बरसात होगी, जिससे कमी की पूर्ति हो जाएगी।
कृषि विभाग के एसडीआओ डॉ. सुनील कौशिक ने कहा कि लगातार दो-तीन दिन बरसात होने से आंकड़ों में बदलाव हो जाते हैं। बेशक इस बार तीन महीनों में कम बरसात हुई। मगर जितनी भी हुई, अच्छी हुई है। भूमि को पानी की कमी महसूस नहीं हुई। अगले कुछ दिनों और बरसात होगी। इस बरसात से धान, बाजरा, कपास आदि फसलों को लाभ मिलेगा। फसलों में लगा कीड़ा भी झड़ जाएगा।
9 साल बाद जून में हुई रिकॉर्ड तोड़ बरसात
वर्ष 2008 में जून के महीने में 199 एमएम बरसात हुई थी। इसके बाद 2009 में 19 एमएम, 2010 में कुल छह एमएम, 2011 में 83 एमएम, 2012 में 0 एमएम, 2013 में 78, 2014 में 51, 2015 में 117, 2016 में कुल 41 एमएम बरसात दर्ज की गई थी। इस बार जून के महीने में रिकार्ड 150 एमएम बरसात दर्ज की गई। यानी 2008 के बाद इलाके में जून के महीने में अच्छी बरसात हुई।
2011 से 2017 तक इन तीन महीनों में इतनी हुई बरसात
वर्ष जून जुलाई अगस्त कुल
2011 83 14 80 177
2012 0 89 371 460
2013 78 121 129 328
2014 51 133 112 296
2015 117 297 158 572
2016 41 323 160 524
2017 150 168 090 408