अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी।
सीवरेज और पेयजल सेवाओं की बदहाली से लोगों का गुस्सा रविवार को फूट पड़ा। शहरवासी दोनों मूलभूत सुविधाओं में लापरवाही का दंश झेल रहे हैं। शहर के किसी वार्ड में सीवरेज व्यवस्था ठप पड़ी है तो कहीं नियमित पेयजल आपूर्ति नहीं हो पा रही। वार्ड पार्षदों के इन जनसमस्याओं के खिलाफ मोर्चा खोलने के बाद भी लोगों को इनसे छुटकारा नहीं मिल पाया है। इससे खफा लोग अब खुद आंदोलन करने की चेतावनी जन स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन को दे रहे हैं। रविवार को इन समस्याओं पर वार्ड नंबर-21 और झज्जर घाटी के लोगों को गुस्सा फूट पड़ा। वार्ड नंबर-21 के लोगों ने पेयजल सप्लाई में सीवरेज मिक्स दूषित पानी आने से नाराज होकर विभाग के खिलाफ नारेबाजी की। दूसरी तरफ, झज्जर घाटी के लोगों ने सीवरेज बैक ओवरफ्लो होने पर अपनी नाराजगी जाहिर की। दोनों ही वार्डों के लोगों ने जन स्वास्थ्य विभाग से समस्याओं का समाधान कराने की गुहार लगाते हुए सकारात्मक परिणाम न मिलने पर आंदोलन की चेतावनी भी दी है।
छह माह से हो रही दूषित पेयजल सप्लाई
वार्ड-21 में दूषित पानी की समस्या को लेकर लोगों ने विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। छह माह से दूषित पानी आने के कारण लोगों परेशानी झेल रहे हैं। पानी की समस्या से लोगों ने एसडीओ और एक्सईन को अवगत कराया है। इसके बाद भी समाधान नहीं किया गया। दूषित पानी के कारण लोगों को दूर-दराज और टैंकर का सहारा लेना पड़ रहा है। वार्डवासी रोहतास, संजय किन्हा, सत्यबीर, सीताराम, प्रेम, संतोष ने बताया कि पेयजल सप्लाई में गंदा पानी होने के कारण घरेलू काम में भी प्रयोग नहीं कर सकते है। गली के 15 घरों में दूषित पानी आ रहा है। घरेलू प्रयोग के लिए लोगों को टैंकर के जरिए आपूर्ति करनी पड़ रही है। पीने के पानी के लिए महिलाओं को रेलवे लाइन पार कर चंपापुरी से पानी लाना पड़ता है। वार्डवासियों ने बताया कि दूषित पानी की शिकायत जनस्वास्थ्य विभाग अधिकारियों से कर चुके हैं लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं हुआ है।
पेयजल के इंतजामात में बिगड़ा घरेलू बजट
दूषित पानी के कारण प्रतिमाह 1500 रुपये का आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। घरेलू काम भी टैंकर के पानी में ही करने पड़ रहे हैं। विभाग को शिकायत देने के बाद भी कोई समाधान नहीं कर रहे है। पेयजल समस्या ने घरेलू बजट बिगाड़ दिया है।
प्रमिला, वार्ड 21 निवासी
जनस्वास्थ्य कर्मचारी किसी भी समय पानी छोड़ देता है। पिछले छह माह से दूषित पानी घरों में पहुंच रहा है। पेयजल संकट गहराने से आर्थिक नुकसान झेल कर पानी के टैंकर डलवा कर काम चला रहे हैं। कई बार विभाग को अवगत करा चुके हैं।
निर्मला, वार्ड 21 निवासी
पीने के पानी के लिए सभी महिलाएं रेलवे लाइन पार कर चंपापुरी स्थित हैंडपंप से पानी लाती हैं। शाम को घर के काम छोड़ कर एक घंटे का समय एक मटका पानी लानी में गुजर जाता है। विभाग अधिकारियों को जल्द समस्या का समाधान करना चाहिए।
कुसुभ, वार्ड 21 निवासी
पानी की लाइन काफी समय से कंडम हाल में पड़ी है जिसके कारण दूषित पानी आ रहा है। विभाग के अधिकारियों ने पिछले कई सालों से पेयजल लाइन की सुध नहीं ली है। जल्द ही पानी की लाइन को बदलवा देना चाहिए।
रोहताश, वार्ड 21 निवासी
गली व घरों में पहुंचा सीवरेज का दूषित पानी, रोड जाम की चेतावनी
झज्जर घाटी में पिछले दो सालों से सीवरेज ओवर फ्लो की समस्या है। इस वजह से लोगों का गली से गुजरना भी मुश्किल हो गया है। सीवरेज व्यवस्था ठप होने के चलते लाइन बैक मार रही है और दूषित पानी गली और घरों तक पहुंच रहा हैं। सीवरेज ओवरफ्लो होने से लोगों को दुर्गंधमय वातावरण में रहना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि एक्सईएन मौके पर पहुंच कर समस्या का जायजा ले चुके हैं। इसके बाद भी समस्या का समाधान नहीं किया गया है। वार्ड आठ स्थित झज्जर घाटी क्षेत्र के आधा दर्जन मकानों में सीवरेज का दूषित पानी जमा है। इस संबंध में जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारी से लेकर डीसी तक को अवगत कराया जा चुका है, लेकिन कोई हल नहीं निकाला गया। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही समस्या का समाधान नहीं हुआ तो मुख्यमार्ग जाम कर देंगे।
सीवरेज की समस्या पिछले दो साल से बनी हुई है। जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारी को शिकायत करने के लिए फोन करते है, लेकिन समस्या के समाधान का जवाब दिए बिना ही फोन काट देते हैं। इस बार हम रोड जाम करेंगे।
रिंकू, झज्जर घाटी निवासी
घरों की दीवारें सीवरेज के दूषित पानी से कंडम होने लगी हैं। पिछले कई माह से लगातार अधिकारियों को समस्याओं से अगवगत करवा रहे हैं लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं हुआ है। गली से गुजरना भी दुर्भर हो गया है।
आनंद, झज्जर घाटी निवासी
गली से गुजरने के लिए भी ईंटों पर चलना पड़ता है। कई बार महिलाएं ईंटों से फिसलने के चलते गिरकर चोटिल भी हो चुकी हैं। डीसी साहब के सामने भी समस्या रखी थी, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं हुआ है।
संतरा, झज्जर घाटी निवासी
सीवरेज की गंदगी सड़क तक पहुंचने के कारण आने-जाने में दिक्कतें होती हैं। सीवरेज के पानी के कारण बच्चों के बीमारी की चपेट में आने का अंदेशा बना हुआ है। हालात बदतर हैं लेकिन विभाग कोई सुध ही नहीं ले रहा है।
राजदेवी, झज्जर घाटी निवासी