चरखी दादरी। मौसम साफ होते ही मंडी में अधूरे इंतजामों से भीगे करीब 60 हजार क्विंटल गेहूं और सरसों को सूखाने की कवायद युद्ध स्तर पर चल रही है। वीरवार को मंडी में आढ़ती करीब 800 श्रमिकों और जेसीबी से अनाज को सूखाने में जुटे रहे। हालांकि जो शेड से बाहर सरसों की ढेरियां पड़ी थीं उसे भी बारदानों में भरा जा रहा है। वहीं, मार्केटिंग बोर्ड के अधिकारियों का इस तरफ कोई ध्यान ही नहीं है जबकि आढ़तियों का कहना है कि ढेरी में सूखी हुई सरसों को ही बारदानों में डाला जा रहा है। वीरवार को दादरी अनाज मंडी में खरीद प्रक्रिया बंद रही। भराई और लिफ्टिंग की प्रक्रिया ही जोर पकड़े रही।
सुबह खिली धूप, अधिकारियों व आढ़तियों को मिली राहत
तीन दिन से मौसम खराब ही रहा है जबकि मंडी में सरसों और गेहूं की आवक लगातार जारी रही है। ऐसे में पांच टीन शेड के अलावा खुले आसमान के नीचे ही आढ़तियों ने खरीदी सरसों की ढेरियां लगवा रखी हैं। इन्हें ढकने के लिए तिरपाल पर्याप्त नहीं है। वीरवार को धूप खिलने से मार्केटिंग बोर्ड के अधिकारियों और आढ़तियों ने राहत की सांस ली है। मंडी में हजारों क्विंटल अनाज बारिश के कारण भीग गया और इसकी जवाबदेही के लिए कोई तैयार नहीं है। मार्केटिंग बोर्ड के अधिकारियों का कहना है कि दादरी मंडी में कुछ अनाज ही भीगा है जो अब धूप खिलने पर सूख जाएगा।
कृषि मंत्री ने दिए चार बार आश्वासन, फिर भी नहीं बने टीन शेड
मंडी में इस समय पांच टीन शेड हैं जबकि आढ़ती चार शेड और बनाने की मांग चार साल से कर रहे हैं। मंडी प्रधान रामकुमार रिटोलिया ने बताया कि अगर मंडी में चार नए शेड और बना दिए जाएं तो फिर अनाज की ढेरियां खुले में नहीं रखनी पड़ेगी। इस संबंध में कृषि मंत्री ओपी धनखड़ चार बार आश्वासन दे चुके हैं लेकिन टीन शेड का अब तक निर्माण शुरू नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि मंडी में पांचवें शेड की निर्माण प्रक्रिया तीन साल से रुकी हुई है। लोहे के पिलर लगाने के बाद निर्माण प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाई और इसके चलते अब आढ़तियों को दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं।
गोदामों पर दिनभर लगी रही ट्रकों की लाइन, दो ही प्वाइंट से बनी समस्या
वीरवार को खरीद प्रक्रिया बंद होने के चलते अनाज मंडी में लिफ्टिंग प्रक्रिया जोर पकड़े रही। मंडी में सुबह से शाम तक बारदानों में भराई और फिर इसे ट्रक और ट्रालों में लोड कराने का काम चला। वहीं, पीएनबी के सामने वाली गली में स्थित सीडब्ल्यूसी के गोदाम पर ट्रकों की लाइन लगी रही। यहां दो ही प्वाइंट पर ट्रकों को खाली किया गया। ड्रॉप प्वाइंट की संख्या कम होने से गाड़ियों को खाली होने का इंतजार करना पडा। ड्रॉप प्वाइंटों की संख्या नहीं बढ़ाने से इसका सीधे तौर पर असर लिफ्टिंग पर पड़ रहा है। आढ़तियों ने बताया कि एक ट्रक को भरने और खाली करने में एक-एक घंटे का समय लगता है।
मार्केटिंग बोर्ड ने धीमी लिफ्टिंग पर हैफेड को लिखा पत्र
धीमी लिफ्टिंग की जानकारी मार्केटिंग बोर्ड अधिकारियों को भी है। मंगलवार शाम और बुधवार को मार्केटिंग बोर्ड के अधिकारियों ने खरीदे अनाज को भीगने से बचाने के लिए आढ़तियों को नोटिस जारी किए थे लेकिन इसका कोई असर व्यवस्थाओं पर नजर नहीं आया। वीरवार को मार्केटिंग बोर्ड ने हैफेड के अधिकारियों को भी पत्र लिख दिया जिसमें लिफ्टिंग प्रक्रिया तुरंत प्रभाव से तेज कराने के निर्देश दिए हैं। वहीं, हैफेड के अधिकारी का कहना है कि मंडी से तो लिफ्टिंग सही हो रही है लेकिन गोदाम में गाड़ी खाली होने में समय लग रहा है। इसके वजह से परेशानी हो रही है।
22 व 23 को बेच सकेंगे सरसों और गेहूं
बुधवार दोपहर बाद हुई बारिश से अनाज मंडी में खरीद प्रक्रिया पर भी ब्रेक लगा है। मार्केटिंग बोर्ड ने मौसम को देखकर 18 व 19 अप्रैल के शेड्यूल को स्थगित कर दिया है। मंडी सुपरवाइजर रामकिशन का कहना है कि जिन गांवों के किसानों को 18 व 19 अप्रैल का शेड्यूल था वो अब 22 व 23 अप्रैल को मंडी आकर अपनी सरसों बेच सकते हैं। उन्होंने बताया कि आगामी दो दिन भीगे अनाज को सूखाने और फिर लिफ्टिंग कराने की कार्रवाई मंडी में चलेेगी।
टीन शेड की कमी के चलते कुछ अनाज मंडी में भीगा है। अगर यहां चार शेड और बना दिए जाएं तो फिर आढ़तियों को अनाज खुले में नहीं डालना पड़ेगा। चार बार हमें शेड निर्माण का आश्वासन ओपी धनखड़ दे चुके हैं लेकिन धरातल पर कुछ नहीं हुआ। आज करीब 800 श्रमिक लिफ्टिंग और अनाज को सूखाने की कवायद में जुटे हैं। - रामकुमार रिटोलिया, मंडी प्रधान
गेहूं और सरसों भीगने के कारण लिफ्टिंग प्रक्रिया धीमी है। हमने वीरवार को हैफेड को भी पत्र लिखा है। इसमें लिफ्टिंग प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए हैं। गेहूं और सरसों को भीगने से बचाने के प्रबंध करने के लिए आढ़तियों को भी नोटिस जारी किए थे। खरीद प्रक्रिया 22 से शुरू होगी और तब तक लिफ्टिंग करवा देंगे। - रामकिशन, मंडी सुपरवाइजर