अमर उजाला ब्यूरो
बादली। ईस्माइलपुर-बादली मार्ग स्थित खेतों में सोमवार की सुबह चार बैल मृत मिले। इस घटना से लोगों में रोष पनप गया। लोगों के रोष को देखते हुए प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों की देखरेख में शवों का पोस्टमार्टम हुआ। पोस्टमार्टम के बाद शवों को खेतों में दफना दिया गया। पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार सोमवार की सुबह ग्रामीण खेतों की ओर घूमने गए तो उन्हें चार बैल मृत पड़े दिखाई दिए। बादली के खेतों में मिले शव को देखकर ग्रामीणों ने गांव के सरपंच को जानकारी दी। सूचना मिलने पर सरपंच और पुलिस मौके पर पहुंची। ग्रामीणों के बढ़ते गुस्से को देखते हुए डीएसपी अशोक कुमार, बीडीपीओ रामकरण शर्मा, एसएसओ सोमबीर सहित पशुपालन विभाग से पशु चिकित्सक जयदीप बेनीवाल, डॉ. सुरेंद्र चौहान, गजेसिंह और संदीप नरवाल पहुंचे। पुलिस ने चिकित्सकों की टीम से पोस्टमार्टम करवाया। ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस और चिकित्सकों ने पोस्टमार्टम के लिए केवल खानापूर्ति की है जबकि पुलिस का दावा है कि चिकित्सकों ने पैनल से पोस्टमार्टम करवाया गया है। डीएसपी अशोक कुमार के अनुसार गांव के सरपंच की शिकायत पर अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बैलों की मौत के कारणों का पता चल सकेगा। फिलहाल बैलों के शव को जेसीबी मशीन से दफना दिया गया।
नहीं थे चोट के निशान
बैलों के शरीर पर कोई चोट के निशान नहीं मिले। कहीं खून भी नहीं लगा था। ऐसे में अनुमान लगाया जा रहा है कि बैलों का गला घोंटकर मारा गया होगा। बैलों के सींगों में रस्सी भी मिली है जबकि नाक पर नाथ (छोटी रस्सी) भी मिली जिससे लग रहा है कि बैल छुट्टे होने की बजाए घरेलू हैं। पुलिस ने जांच में पशुपालकों से सहयोग मांगा है। पुलिस ने गायब हुए पशुओं की जानकारी भी जुटाने का प्रयास किया। पुलिस के लिए सवाल है कि आखिर चारों बैल कहां से आए और इनकी मौत का कारण क्या रहे। क्षेत्र में अराजकता फैलाने का प्रयास है या कोई हादसा। पुलिस सभी पहलुओं से जांच कर रही है।
पहले भी मिले थे शव
ईस्माइलपुर और बादली क्षेत्र में 5 साल पहले विधानसभा चुनाव के दौरान भी गायों के शव मिलने का सिलसिला शुरू हुआ था। उस समय धड़ कटे दर्जनों गायों के शव और खेतों में अवशेष मिले थे। ग्रामीणों का रोष भी बढ़ा और कई दिनों से जाम लगाया गया। पूरा क्षेत्र सड़कों पर उतरकर कार्रवाई की मांग को लेकर जाम पर बैठ गया। विधानसभा चुनाव से पहले हुई घटनाओं को अब एक बार फिर से राजनीतिक दिशा से देखा जा रहा है। राजनीतिक लोगों ने मामले की जांच करवाने की मांग की है। जन नायक जनता पार्टी के प्रवक्ता अजय गुलिया कहना है कि पूरे मामले की सीबीआई जांच की जाए। चुनाव के दौरान ही गोभक्तों की भावनाओं से खिलवाड़ किया जाता है।