अमर उजाला ब्यूरो
झज्जर। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने चंडीगढ़ से वीडियो कांफ्रेंसिंग द्वारा रविवार को झज्जर जिले की पांच परियोजनाओं का उद्घाटन तथा सैनिक स्कूल मातनहेल व बहादुरगढ़ शहर में 100 बेड के नए ईएसआई अस्पताल व उत्तरी बाईपास सहित 11 परियोजनाओं की आधारशिला रखी। गांव मातनहेल में सैनिक स्कूल की आधारशिला रखे जाने के साथ ही हरियाणा देश का ऐसा पहला राज्य बन गया है, जिसमें सैनिक स्कूलों की संख्या तीन होगी। वहीं पहले से एक सैनिक स्कूल करनाल के कुंजपुरा में और दूसरा रेवाड़ी में है। राजकीय नेहरू कॉलेज सभागार में जिले में 247.30 करोड़ रुपये की 16 नई परियोजनाओं के उद्घाटन व आधारशिला कार्यक्रम के दौरान कृषि मंत्री ओपी धनखड़ ने संबोधित किया। इस अवसर पर हिसार के प्रबंधन बोर्ड सदस्य आनंद सागर, खरहर सरपंच अशोक राठी, किसान मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष बिजेंद्र मांडोठी मौजूद रहे।
विपक्ष ने ठंडे बस्ते में डाल दिया था सैनिक स्कूल : धनखड़
ओमप्रकाश धनखड़ ने कहा कि जिले के गांव मातनहेल में सैनिक स्कूल खोले जाने की परियोजना पर काम पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न स्व. अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार के समय में हुआ था। अटल सरकार के समय रक्षा मंत्री जार्ज फर्नांडीस ने इस स्कूल की आधारशिला रखी थी लेकिन दस साल तक विपक्षी दल की सरकार ने इस परियोजना को ठंडे बस्ते में डाल दिया था। उन्होंने बताया कि इस स्कूल के लिए वे स्वयं एक बार रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर तथा दो बार वर्तमान रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण से मिले थे।
19.69 करोड़ रुपये की पांच परियोजनाओं का हुआ उद्घाटन
साल्हावास के खंड विकास एवं पंचायत कार्यालय (80 लाख रुपये), छुछकवास माइनर आरडी 0 से 20000 का जीर्णोद्धार (1.13 करोड़ रुपये), गांव याकुबपुर में स्वतंत्र जलघर (2.22 करोड़ रुपये), 33 केवी सब स्टेशन गांव गिजाड़ोद (3.54 करोड़ रुपये) तथा सिविल अस्पताल मातनहेल (12 करोड़ रुपये) पांच परियोजनाओं का उद्घाटन हुआ।
227.61 करोड़ की 11 परियोजनाओं की रखी आधारशिला
सैनिक स्कूल मातनहेल (50 करोड़ रुपये), गांव डीघल राष्ट्रीय राज मार्ग 71 से गांव गांगटान की फिरनी (2.62 करोड़ रुपये), जेएनएल नहर फीडर नहर का जीर्णोद्धार (16.43 करोड़ रुपये), 100 बेड वाले ईएसआई अस्पताल बहादुरगढ़ (70 करोड़ रुपये), सेक्टर 10 बहादुरगढ़ में 33 केवी सब स्टेशन (3.85 करोड़ रुपये), छुछकवास-मातनहेल-बहु-करोली सड़क (9.49 करोड़ रुपये), पाटौदा से नूरगढ़ तक सड़क का पुर्ननिर्माण (2.19 करोड़ रुपये), बहादुरगढ़ में सैनिक रेस्ट हाउस (6.47 करोड़ रुपये), बहादुरगढ़ में अमरूत योजना के तहत पंजीकृत 32 कॉलोनियों में नई पाइप लाइन बिछाने, बहादुरगढ़ का उत्तरी बाईपास (वेस्ट जुआं ड्रेन से होता हुआ खरखौदा-आसौदा सड़क से नाहरा-नाहरी रोड तक-लागत 59.95 करोड़ रुपये), रेवेन्यू कॉलोनी में अधिकारियों व कर्मचारियों के आवासीय परिसर का निर्माण (6.61 करोड़ रुपये) परियोजनाओं की आधारशिला रखी गई।