अमर उजाला ब्यूरो
बहादुरगढ़। माडौठी और मौगांव के प्रधानों व अन्य नागरिकों के साथ शनिवार को एक बैठक हुई। जिसमें निर्णय लिया गया कि अब दोनों गांव में रिश्ते हो सकते हैं। 150 साल से चली आ रही परंपरा को तोड़ कर लिए गए इस फैसले का दोनों गांव के लोगों ने स्वागत किया।
गांव माडौठी में बनिया वाली चौपाल में गांव की पंचायत तस्वीर राठी, प्रधान नोगांव भूप सिंह दलाल खाप 84 की अध्यक्षता में पंचायत बुलाई गई। पंचायत ने दोनों गांव भी मौजूद रहें। तस्वीर राठी ने बताया कि 150 साल पहले से माडौठी और मौगांव के लड़का और लड़की की शादी आपस में नहीं होती थी। परंपरा को तोड़ते हुए पंचायत में फैसला लिया कि अब दोनों के गांव के परिजनों की सहमति के बाद लड़का और लड़की की शादी हो सकती है। इस फैसले को पूरे गांववासियों को पढ़कर सुनाया गया। इसके बाद पंचायत ने इसे स्वीकार कर लिया। इससे दोनों गांव में खुशियों की लहर है। इससे पहले पुलगांव में शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर प्रधान भरव सिंह, पूनम राठी मापडौदा पंचायत, दयाराम उपप्रधान समेत कई लोग मौजूद रहें।