अमर उजाला ब्यूरो
झज्जर। रन फॉर कंट्री-वोट फॉर कंट्री कार्यक्रम में कई बार अव्यवस्थाएं फैल गई। कृषि मंत्री ओपी धनखड़ जहांआरा बाग स्टेडियम में पहुंचे तो उससे पहले टी-शर्ट को लेकर युवाओं की भीड़ बेकाबू हो गई। मंत्री के आने के बाद जब उन्होंने अपना भाषण खत्म किया और भारत माता के जयकारे लगवाएं तो युवा उसी समय वहां से दौड़ पड़े। आयोजक माइक में बोलते रहे कि अभी दौड़ शुरू नहीं हुई है। मंत्री ओपी धनखड़ दौड़ को झंडी दिखाएंगे। लेकिन उनकी बात को अनसुना करते हुए करीब 400 युवक दौड़ लगाते हुए आधे रास्ते तक पहुंच गए थे और बाद में उन्हें पुलिस की जिप्सी भेजकर वापस बुलाया गया। इसके बावजूद कुछ युवा तो कॉलेज तक पहुंच गए। हालांकि उस समय तक मंत्री सड़क पर झंडी दिखाने के लिए बनाए गए स्टेज पर ही खड़े रहे। जब काफी युवा वापस आ गए तो कृषि मंत्री ने दौड़ को झंडी दिखाई। जब युवक नेहरू कॉलेज में दौड़ पूरी करने के बाद वहां पहुंचे तो कॉलेज में जमकर हंगामा हुआ। पहले इनाम के लिए चुने गए युवक पर आरोप लगाया गया कि वह बीच में आकर रेस में शामिल हुआ है। जबकि झामरी गांव का युवक विजेता रहा है। इस मामले को लेकर काफी समय तक कॉलेज में युवाओं ने हंगामा किया। आयोजकों ने उन्हें शांत करने के काफी प्रयास किए लेकिन वे जब शांत नहीं हुए तो कृषि मंत्री ने विजेता लड़कियों को इनाम वितरित करने शुरू कर दिए। उसके बाद कुलासी गांव के बीएसएफ के जवान सुनील खत्री को ही बुलेट मोटरसाइकिल भेंट की गई। जबकि आरोप लगाने वाले मुनेश को स्पोर्ट्स साइकिल से ही संतुष्ट होना पड़ा।
टी-शर्ट वितरण को लेकर हुआ हंगामा
कार्यक्रम शुरू होने से पहले जहांआरा बाग स्टेडियम में टी-शर्ट वितरण को लेकर अव्यवस्थाएं फैली। जब स्थिति बेकाबू होती दिखी तो वहां पर पुलिस पहुंची। उसके बाद पुलिस ने स्थिति पर काबू करने का प्रयास किया। पहले तो पुलिस के जवानों ने उन्हें एक तरफ भगाया और बाद में लाइनों में लगाकर टी-शर्ट वितरित की गई। यहां पर मंत्री के आने से पहले ही मामला शांत हो चुका था।