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पहली स्वीपिंग मशीन और 20 ई-रिक्शा खरीदने के लिए नप को मिला बजट

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अमर उजाला ब्यूरो
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चरखी दादरी। स्वच्छता सर्वेक्षण सर्वे 2019 में रैंकिंग चमकाने के लिए हेड ऑफिस ने नगर परिषद की डिमांड मंजूर कर बजट भी जारी कर दिया है। नप की प्लानिंग के मुताबिक अब शहर में स्वीपिंग मशीन के जरिए सफाई कराई जाएगी। इसके अलावा वार्डों की तंग गलियों में कूड़ा उठान के लिए ई-रिक्शा भेजी जाएंगी। शहरी स्थानीय निकाय के मुख्य सचिव आनंद मोहन शरण के निर्देशों पर ही नगर परिषद ने यह प्लान तैयार किया है। वहीं, नगर परिषद 14 टिपर, 30 डस्टबिन और एक डंपर प्लेसर भी खरीदेगी। नप अधिकारियों का कहना है कि प्रशासनिक और तकनीकी स्वीकृति लेकर जल्द ही खरीद प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
गांधी जयंती पर एसीएस आनंद मोहन शरण चरखी दादरी के वार्ड-18 में मिनी पार्क का उद्घाटन करने आए थे। उस दौरान उन्होंने नप अधिकारियों को स्वच्छता सर्वेक्षण सर्वे-2019 के लिए पूरी ताकत लगाने के निर्देश दिए थे। उन्होंने जब दादरी को टॉप-10 नगर परिषद में लाने की बात कही तो उनके सामने नगर परिषद के संसाधनों की कमी होने की बात आई थी। कुछ पार्षदों का कहना था कि उनके वार्डों की तंग गलियों से कचरा उठान नहीं किया जाता चूंकि ट्रैक्टर और टिपर इन गलियों में नहीं पहुंच पाते। इस पर एसीएस ने ई-रिक्शा और एक स्वीपिंग मशीन खरीदने का प्रपोजल तैयार करने के निर्देश दिए थे। नप सूत्रों की मानें तो नवंबर माह के अंत में यह प्रपोजल हेड ऑफिस भेजा गया था जिसे कि अब मंजूरी मिल गई है। इसके अलावा हेड ऑफिस से 91 लाख 50 हजार रुपये की राशि भी जारी की गई है और जिला प्रशासन की संसाधनों की खरीद के लिए मंजूरी ली जाएगी। नप सूत्रों की मानें तो इस प्रक्रिया में लंबा समय नहीं लगेगा क्योंकि जिला उपायुक्त अजय सिंह तोमर इस संदर्भ में पहले ही गंभीर है और उनके प्रयास भी मंजूरी और बजट दिलाने में अहम है।
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किस संसाधन की खरीद पर कितनी है अनुमानित लागत
हेड ऑफिस से नगर परिषद को पांच संसाधनों की खरीद करने के लिए बजट और मंजूरी मिल चुकी है। इसके मुताबिक कूड़ा उठान के लिए 20 लाख से 20 ई-रिक्शा खरीदी जाएंगी। वहीं, दो क्यूम क्षमता के 14 टिपर करीब साढ़े 37 लाख रुपये से खरीदे जाएंगे। साढ़े 12 लाख की लागत से एक स्वीपिंग मशीन खरीदी जाएगी। वहीं, ढाई क्यूम के दो डस्टबिनों की सुविधायुक्त एक डंपर प्लेसर भी साढ़े 12 लाख से खरीदा जाएगा जो बड़े डस्टबिनों को खाली करने के काम आएगा। इसके अलावा ढाई क्यूम क्षमता के 30 बड़े डस्टबिन भी करीब नौ लाख रुपये की लागत से खरीदे जाएंगे।

चार गुना होगी टिपरों की संख्या, 30 फीसदी बढ़ेगा संसाधनों का दायरा
इस समय नगर परिषद के पास वार्डों से कचरा उठाने के लिए पांच टिपर हैं। ये इस समय करीब 15 वार्डों को ही कवर कर पा रहे हैं। खरीद प्रक्रिया के बाद नप के बेड़े में टिपरों की संख्या मौजूदा की अपेक्षा चार गुना हो जाएगी। इससे जो छह वार्ड डोर-टू-डोर कचरा उठान सेवा से अछूते हैं, उन्हें भी आसानी से कवर किया जा सकेगा। नप अधिकारियों का कहना है कि नई खरीद प्रक्रिया के बाद संसाधनों में 30 फीसदी तक इजाफा हो जाएगा।

जिला उपायुक्त के प्रयासों से डिमांड की सेंशन के साथ बजट भी हमें मिल गया। अब जल्द ही खरीद प्रक्रिया के लिए प्रशासनिक और तकनीकी स्वीकृति ले ली जाएगी। इसके लिए कागजी कार्रवाई हमने शुरू कर दी है। - विजयपाल, ईओ, नगर परिषद
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डिमांड को स्वीकृति के साथ हमारे पास 91 लाख 50 हजार का बजट पहुंच चुका है। जल्द ही शहर की सफाई के लिए स्वीपिंग मशीन के साथ वार्डों की तंग गलियों से कचरा उठान के लिए 20 ई-रिक्शा खरीदी जाएंगी। - संजय छपारिया, चेयरमैन, नगर परिषद
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