अमर उजाला ब्यूरो
बहादुरगढ़। मॉडल टाउन की गली नंबर दो की अप्रोच गली नंबर-5 वर्ष 1980 के बाद से अब तक नहीं बनी है। गली में रहने वाले लोगों का ऐसा कहना है। लोगों ने बताया कि गली बनवाने के लिए कई जगह गुहार लगाई लेकिन कोई भी समाधान नहीं किया गया।
शहर के मॉडल टाउन की हालत उस समय और दयनीय हो जाती है जब किसी भी कारण से वहां की गली में पानी भर जाता है। स्थानीय लोगों की मानें तो अगर एक बार पानी गली में भर जाता है तो कई दिनों तक भरा ही रहता है। इससे आने जाने वाले लोग गिरते तो हैं ही साथ ही पानी के भरे होने से बीमारियों के फैलने का भी डर बना रहता है।
1999 में लोगों ने आधी गली खुद ही बनवाई
गली में रहने वाले लोगों की मानें तो 1999 में आधी गली को खुद ही बनवाई गई थी। गली बनवाने में जो भी खर्च आया उसको सबने आपस में बांट लिया। उन्होंने कहा कि ऐसा वह समय-समय पर करते रहते हैं। जब किसी के घर में कोई निर्माण कार्य होता हैं तो वहां से मसाला लेकर गली के बड़े गढ्डों पर भर दिया जाता है। ताकि गली में कोई बड़ा गढ्डा न होने पाए। लोगों का कहना है कि इतना करने के बाद भी गली में गढ्डों की तादात बढ़ गई है।
पार्षद से लेकर अधिकारियों को कई बार लिखा पत्र
मॉडल टाउन की मेन गली नंबर दो की अप्रोच गली नंबर 5 में रहने वाले विजय गुप्ता ने बताया कि यह गली 1980 के बाद से बनी ही नहीं है। गली बनवाने के लिए कई बार पार्षद और नगर परिषद के चेयरमैन से भी मिले है। गली बनवाने के लिए कई बार तो लिखकर भी दिया गया, लेकिन उसकी कोई भी सुनवाई नहीं हुई। इतना ही नहीं उनका दावा है कि बाबत उन्होंने सीएम विंडो पर भी शिकायत की है। उसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई।
शिवकुमार पराशर ने बताया कि पार्षद पति सुरेंद्र चुध उर्फ रिंकू को कई बार शिकायत दी गई लेकिन उन्होंने इस कोई भी कार्रवाई नहीं की है। जिस कारण से यहां के लोगों में रोष उत्पन्न है। जिस तरह से पार्षद और नगर परिषद की ओर से केवल आश्वासन दिया जा रहा है और काम नहीं किया जा रहा है। उसी तरह हम कॉलोनीवासी भी चुनाव के समय केवल आश्वासन ही देंगे।
महेश शर्मा ने बताया कि अभी हाल ही में वह इस समस्या को लेकर पार्षद से भी मिले थे, पार्षद ने उन्हें आश्वासन दिया था कि गली का निर्माण जल्द करवा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि वह पार्षद को मौके पर लाकर गली की हालत को दिखा चुके हैं। लेकिन पार्षद ने केवल आश्वासन दिया कार्रवाई के नाम कोई भी अधिकारी या कर्मचारी यहां झांकने तक नहीं आया।
विशंभर वाधवा ने बताया कि गली में गड्ढे होने से पानी भर जाता है। इससे यहां से निकलना भी मुश्किल हो जाता है। गली में बुजुर्ग भी रहते हैं। अगर वह शाम को बाहर टहलने निकलते हैं तो डर बना रहता है कि कहीं कीचड़ में फिसल कर चोटिल न हो जाएं। गली की हालत बहुत खराब है जल्द सुधार की जरूरत है।
देवकीनंदन ने बताया कि गली की समस्या के लिए वह पार्षद को साथ लेकर नगर परिषद के चेयरमैन से भी मिले थे, उस दौरान उन्होंने कहा कि समस्या का जल्द समाधान करवाया जाएगा। मौके पर अधिकारियों को भेज कर सर्वे करवाएंगे और गली का निर्माण कार्य भी जल्द करवा जाएगा।