अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी।
सरकारी खरीद न होने से जिले के करीब 4000 किसानों ने अपनी सरसों मंगलवार रात सस्ते दामों पर बेच दी। इस मुद्दे पर विपक्ष ने भाजपा को घेरने का प्रयास किया तो वहीं, भाजपा प्रतिनिधि खरीद एजेंसियों पर इसका ठीकरा फोड़ अपना दामन बचाते नजर आए। किसानों को सरसों बेचने में हुए नुकसान का ठीकरा विपक्ष नेताओं ने प्रदेश सरकार के सिर फोड़ा है। वहीं, भाजपा दिग्गजों का कहना है कि किसानों की सरसों खरीदने में एजेंसियों ने अनियमितताएं बरतीं हैं और इस बारे सीएम को पत्र लिखा जाएगा।
भाजपा जिला अध्यक्ष रामकिशन शर्मा का कहना है कि इस मामले पर वो सीएम को पत्र लिखेंगे। साथ ही तीनों खरीद एजेंसियों पर कार्रवाई करने और किसानों के नुकसान की भरपाई कराने की मांग भी करेंगे। वहीं, इनेलो विधायक राजदीप फौगाट का कहना है कि किसानों के साथ भाजपा ने यह अन्याय किया है। भूमिपुत्र की आय दोगुनी करने के सपने दिखाने वाली सरकार ने उनको नुकसान की गर्द में धकेला है। पूर्व कैबिनेट मंत्री सतपाल सांगवान का कहना है कि भाजपा सरकार को तो किसान नाम से ही नफरत है। एजेंसियों ने चहेतों से सरसों खरीद ली और किसानों को कतार में रखा। सबकुछ जानते हुए भी भाजपा हाथ पर हाथ धरे बैठी रही।
प्रत्येक किसान हुआ 15 हजार रुपये तक नुकसान : विधायक राजदीप
इनेलो विधायक राजदीप फौगाट ने कहा कि किसान को सरकार ने निजी तौर पर सरसों बेचने के लिए मजबूर कर दिया था। पिछले दस दिनों से किसान मंडी में ठहरे हुए थे और एक किसान एक दिन का 1000 रुपये ट्रैक्टर का किराया दे रहा था। किसान ने 500 से 600 रुपये प्रति क्विंटल कम दाम में अपनी सरसों बेची है। एक किसान को करीब 15 हजार रुपये का नुकसान हुआ है। सरकार को इसकी भरपाई करनी चाहिए।
अन्नदाता बुरे हाल में, सीएम कर रहे विदेशी दौरा: सांगवान
पूर्व कैबिनेट मंत्री सतपाल सांगवान ने कहा कि सरकार ने सरसों खरीद में किसान की जमकर उपेक्षा की है। लाचार होकर ही किसान ने आढ़तियों व मिलों में सस्ते दामों पर अपनी सरसों बेची है। प्रदेश सरकार को किसान वर्ग से कोई सरोकार नहीं है। अन्नदाता इतने बुरे हाल में है और सीएम विदेशी दौरा करने में मशगूल हैं। किसान को जो नुकसान हुआ है सरकार को इसकी भरपाई करनी चाहिए।