अमर उजाला ब्यूरो
बहादुरगढ़।
दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम से शुक्रवार को जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विद्यार्थियों को परीक्षा के तनाव से मुक्त होने का संदेश दे रहे थे। वहीं बहादुरगढ़ के ग्रामीण क्षेत्र के कई सरकारी स्कूलों में एजुसेट सिस्टम चालू हालत में न होने के कारण विद्यार्थी इससे वंचित रहे। अनेक स्कूलों के विद्यार्थियों ने पीएम द्वारा दिए गए गुरुमंत्र सुने।
शुक्रवार को देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एजुसेट के माध्यम से देश के विद्यार्थियों को बताया कि कैसे परीक्षा के तनाव को दूर किया जाए, कैसे आत्मविश्वास बढ़ाया जाए, कैसे पढ़ाई एकाग्र हो। इसे अनेक स्कूलों के विद्यार्थियों ने ध्यान से सुना और उस पर अमल करने की बात भी कही।
बहादुरगढ़ उपमंडल के गांव आसौदा के राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में एजुसेट सिस्टम चालू हालत में नहीं था। इससे यहां की छात्राएं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण को नहीं सुन पाई और न ही यहां के अध्यापकों ने छात्राओं को रेडियो के माध्यम से पीएम के मन की बात सुनाने का प्रयास किया।
यहां पर विद्यार्थियों ने सुना मोदी का भाषण
बहादुरगढ़ शहर के रेलवे रोड पर स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, ग्रामीण क्षेत्र के रोहद के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, माजरी स्कूल, खरहर के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, सौलधा के राजकीय स्कूल में छात्र-छात्राओं ने एजुसेट के माध्यम से विद्यार्थियों ने मोदी के भाषण को सुना और परीक्षाओं के दौरान किसी भी तरह का तनाव न लेने की बात कही।
क्या कहते हैं अधिकारी
सवाल : क्या शुक्रवार को स्कूलों में प्रधानमंत्री मोदी के मन की बात विद्यार्थियों को सुनाई गई है?
जवाब : सभी स्कूल प्रमुखों को इसके लिए व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए थे।
सवाल : आसौदा के सरकारी स्कूल में एजुसेट नहीं था। इसके चलते छात्राएं मोदी के मन की बात नहीं सुन पाई।
जवाब : जहां पर एजुसेट सिस्टम चल रहा था, वहां पर सभी जगह सुनाया गया।
सवाल : जिन स्कूलों में एजुसेट नहीं था, क्या वहां रेडियो या ट्रांजिस्टर की व्यवस्था की गई?
जवाब : जहां एजुसेट नहीं था, वहां पर एफएम के जरिये मोदी के मन की बात छात्र-छात्राओं को सुनाई गई है।
सवाल : बच्चों ने प्रधानमंत्री की बात में कितनी रुचि दिखाई?
जवाब : प्रधानमंत्री की बात बहुत प्रेरक रही। प्रतिभाशाली विद्यार्थियों पर इसका काफी सकारात्मक असर पड़ता है।