डिफॉल्टर उपभोक्ताओं के साथ आउट ऑफ कोर्ट सेटलमेंट करेगा निगम
बिजली चोरी करते पकड़े करीब 4800 उपभोक्ताओं पर निगम ने रेवाड़ी में दर्ज करा रखी है एफआईआर
जुर्माना राशि भरते ही कोर्ट में जाए बिना ही एफआईआर हो जाएगी खारिज
30 नवंबर 2017 से पहले दर्ज एफआईआर का स्कीम के तहत होगा निपटान, कोर्ट में चल रहे बिल डिस्पुट के मामले भी होेंगे खत्म
अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी।
बिजली चोरी के मामले में उपभोक्ताओं के खिलाफ दर्ज एफआईआर और कोर्ट में विचाराधीन बिल डिस्पुट के मामले अब बिजली निगम आउट ऑफ कोर्ट सेटलमेंट कर निपटाएगा। बशर्ते उपभोक्ता को लगाए गए जुर्माने की 50 फीसदी राशि निगम के खाते में जमा करानी होगी। इसके लिए उपभोक्ता को लंबी-चौड़ी कार्रवाई से नहीं गुजरना पड़ेगा। महज एक पत्र लिखकर निगम अधिकारियों को देना होगा। इसके बाद एफआईआर खारिज कराने की जिम्मेदारी निगम अधिकारियों की होगी। ये स्कीम 31 मार्च तक लागू रहेगी। इस समय रेवाड़ी में जिले के करीब 4800 उपभोक्ताओं के खिलाफ रेवाड़ी में मामला दर्ज है। 30 नवंबर 2017 से पहले जो एफआईआर दर्ज हुई हैं उन्हें इस स्कीम में शामिल किया गया है।
निगम अधिकारियों के पास हैड ऑफिस से इस स्कीम को लागू करने संबंधी पत्र पहुंच चुका है। इससे पहले भी निगम बिल डिस्पुट के कोर्ट में विचाराधीन मामलों का निपटान करता था लेकिन इस बार इसमें बिजली चोरी के ऐसे मामले भी शामिल किए गए हैं जो कोर्ट नहीं पहुंचे हैं। इनके संबंध में रेवाड़ी थाने में एफआईआर दर्ज है। गौरतलब है कि बिजली निगम के स्थानीय अधिकारियों की टीमें व विजिलेंस की टीमें बिजली चोरी पकड़ने के बाद उपभोक्ता पर जुर्माना लगाती हैं। इसके बाद जुर्माना राशि 48 घंटे के अंदर जमा नहीं कराने पर रेवाड़ी में एफआईआर भी दर्ज कराई जाती हैं। जिले में ऐसी एफआईआर की संख्या काफी अधिक है। निगम अधिकारियों की मानें तो दादरी बिजली निगम अधिकारियों ने अब तक करीब 4800 एफआईआर दर्ज कराई हैं और इनमें से 20 फीसदी मामले ही अब तक सुलझ पाए हैं। इनमें से कुछ मामले कोर्ट में भी विचाराधीन हैं। कागजी कार्रवाई व कोर्ट-कचहरी के चक्कर काटने से उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए बिजली निगम ने आउट ऑफ कोर्ट सेटलमेंट स्कीम शुरू की है। निगम अधिकारियों के पास इस संबंध में पत्र पहुंचा है। अप्रैल 2017 से दिसंबर 2017 तक निगम ने जिले में बिजली चोरी के करीब 1153 मामले पकड़े हैं। इन उपभोक्ताओं पर करीब 4.40 करोड़ का जुर्माना निगम की तरफ से लगाया गया था। इनमें से अब तक करीब ढाई करोड़ की जुर्माना राशि उपभोक्ता निगम के खजाने में जमा करा चुके हैं।
2017 में दर्ज हुई 450 एफआईआर
वर्ष 2017 में निगम की टीमों ने जिले में करीब 1153 बिजली चोरी के मामले पकड़े। इनमें से 55 फीसदी ने तो तय समयावधि में जुर्माना राशि भरकर पिंड छुड़ा लिया, लेकिन ऐसा न करने पर करीब 450 उपभोक्ताओं के खिलाफ रेवाड़ी में एफआईआर दर्ज कराई गई। गत अप्रैल माह में छह, जून माह में 119, जुलाई माह में 114, अगस्त माह में 63, अक्तूबर माह में 55, नवंबर माह में 71 एफआईआर निगम अधिकारियों ने दर्ज कराई।
बिना कोर्ट में जाएगी मिलेगी राहत
निगम के एसडीओ विक्रम परमार ने बताया कि निगम की इस स्कीम के तहत उपभोक्ता की एफआईआर का निपटान कोर्ट में जाए बिना ही हो जाएगा। इससे पहले बिल डिस्पुट के कोर्ट में विचाराधीन करीब 20 मामलों का निपटान निगम कर चुका है लेकिन नए निर्देशों के मुताबिक 30 नवंबर से पहले जो एफआईआर दर्ज हुई हैं और अभी कोर्ट की शरण नहीं ली गई है उन्हें भी इस स्कीम के तहत निपटाने का प्रयास रहेगा। इसके लिए उपभोक्ता को लगाए गए जुर्माने की 50 फीसदी राशि निगम कार्यालय में जमा करानी है। उन्होंने बताया कि पत्र मिलते ही यह स्कीम लागू कर दी गई है जो 31 मार्च तक रहेगी।
यूं करवा सकते हैं उपभोक्ता मामले का निपटान
ऐसे उपभोक्ता जिनके खिलाफ निगम ने बिजली चोरी की एफआईआर दर्ज करवा रखी है वो बिना कोर्ट बमें पहुंचे इसे खारिज करवा सकते हैं। एसडीओ विक्रम परमार ने बताया कि इसके लिए उक्त उपभोक्ताओं का लंबी-चौड़ी कागजी कार्रवाई से गुजरने की जरूरत नहीं है। इसके लिए उपभोक्ता एक पत्र लिखकर जुर्माना राशि की भुगतान रसीद सहित जमा करा दे। इसके बाद निगम अधिकारी रेवाड़ी थाने में दर्ज कराई एफआईआर को खारिज कराने की प्रक्रिया शुरू कर देंगे। उन्होंने बताया कि उपभोक्ता महज एक दिन में ही मामला रफा-दफा करवा सकता है।
थाने से मांगा बिजली निगम ने डाटा
ऐसे उपभोक्ता जो बिजली चोरी करते पकड़े गए और उन्होंने अब तक जुर्माना राशि निगम के खाते में जमा नहीं कराई, उनका डाटा खंगालने के बाद अब निगम अधिकारियों ने रेवाड़ी थाने में दर्ज मामलों का डाटा भी मांगा है। यह डाटा संबंधित क्षेत्र के अधिकारियों को भेजा जाएगा ताकि उपभोक्ता को समीपवर्ती बिजली कार्यालय में ही इस स्कीम का लाभ मिल सके।
वर्जन::
हैड ऑफिस से हमारे पास इस संबंध में पत्र पहुंच चुका है। यह स्कीम 31 मार्च तक लागू रहेगी। आउट ऑफ कोर्ट सेटलमेंट नामक स्कीम के तहत 50 फीसदी जुर्माना राशि लेकर निगम अधिकारी मामले का निपटान करेंगे। 30 नवंबर से पहले दर्ज कराई गई एफआईआर इस स्कीम के तहत सुलझाई जाएंगी।
विक्रम परमार, एसडीओ, बिजली निगम
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रेलवे रोड स्थित बिजली निगम कार्यालय का फोटो।
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एसडीओ विक्रम परमार का फोटो।