अमर उजाला ब्यूरो
झज्जर।
सामान्य अस्पताल में हर रोज कुछ न कुछ ऐसा घटित होता है। जोकि सामान्य नहीं होता। मरीजों को टेस्ट के लिए भटकाया जाता है ताकि वे बाहर का रुख करें। अल्ट्रासाउंड के लिए तो कभी एक्सरे के लिए मरीज हर रोज परेशान होते हैं। वीरवार को एक्सरे कक्षा के बाहर मरीजों की भीड़ लगी थी। लोगों के नंबर को काटकर पहले स्टाफ के परिचितों को भेजा जा रहा था। इसी से नाराज मरीजों ने हंगामा करना शुरू कर दिया। जिस पर घबराए हुए एक्सरे रूम के कर्मचारियों ने सही से करना शुरू कर दिया। संदेश साफ है कि अब अगर कहीं भी हमारे साथ कुछ गलत होता है तो ऐसा करने वालों के खिलाफ आवाज उठाना ही होगी। अगर हमने ऐसा नहीं किया तो नाइंसाफी चलती रहेगी।
बोले मरीज
1. मुझे कंधे के एक्सरे करवाना था। सुबह करीब 10 बजे ही एक्सरे रूम के आगे पहुंच गई थी। लेकिन कर्मचारी बार-बार उनका नंबर काट कर अपने जानकारों को भेज रहा था। उन्होंने कुछ देर बाद विरोध किया तो उन्हें भेज दिया गया।
- ममता, बेरी निवासी।
2. मुझे अपने बेटे मानव का एक्सरे करवाना था। उसका बेटा करीब 8 माह का है लेकिन फिर भी उसके नंबर की जगह दूसरों को भेजा गया। जिस पर उसने दूसरों के साथ विरोध किया तो उसके बेटे का एक्सरे किया गया।
- पूजा, किरड़ौद निवासी।
3. एक्सरे करवाने के लिए वह एक्सरे रूम के बाहर काफी देर तक बैठा रहा। लेकिन जब उसने अंदर जाकर देखा तो कर्मचारी फ्री बैठे थे और उन्हें बुलाया ही नहीं जा रहा था। जिस पर उन्होंने टोका तो एक्सरे हो गया।
- रामबीर, दिल्ली गेट निवासी।
वर्जन
ऐसा कोई मामला उनके संज्ञान में नहीं है। अगर कोई मरीज इसकी शिकायत करता है तो जांच करवाई जाएगी। जांच में दोषियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
- एनके गर्ग, एसएमओ, झज्जर।