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ईस्ट-वेस्ट कारिडोर परियोजना में आई बाधा

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अमर उजाला ब्यूरो
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बहादुरगढ़।
टीकरी बार्डर से आनंद विहार रेलवे स्टेशन तक प्रस्तावित ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर प्रोजेक्ट के रास्ते में बड़ी बाधा खड़ी हो गई है। रेल विभाग ने इस परियोजना के लिए जमीन देने से इंकार कर दिया है। इस कॉरिडोर को सिगनल फ्री एलिवेडिट वे के रूप में बनाना प्रस्तावित है।
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दरअसल, करीब 39 किलोमीटर लंबे ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर के रास्ते में तीन जगह रेलवे लाइन आती है। दिल्ली सरकार के लोक निर्माण विभाग की योजना के मुताबिक कॉरिडोर के सही रूट के लिए इन लाइनों के पास जमीन की जरूर है। इसलिए विभाग ने रेलवे से रेल लाइनों के साथ कम से कम तीन स्टेशनों के पास जमीन मांगी थी। लेकिन रेलवे ने इन प्रस्तावित स्थानों पर जमीन देने में असमर्थता जता दी है। नाम न छापने की शर्त पर एक अधिकारी ने कहा कि रेल लाइनों की संख्या बढ़ाने के लिए यह जमीन बेहद जरूरी है। यह जमीन नहीं रहेगी तो रेल सेवा का विस्तार नहीं हो सकता। इन स्थानों पर लोक निर्माण विभाग कॉरिडोर के लिए पिलर बनाना चाहता है। लगभग 39 किलोमीटर के आनंद विहार-टीकरी बार्डर कॉरिडोर के निर्माण पर कई हजार करोड़ रुपये लागत आनी है। इसके लिए दिल्ली सरकार को जखीरा, नई दिल्ली रेलवे स्टेशन, प्रगति मैदान, आईटीओ, प्रगति मैदान व आनंद विहार के स्टेशन के पास रेलवे की भूमि चाहिए। दरअसल, एलिवेटिड कॉरिडोर आनंद विहार से शुरू करके अक्षरधाम, आईटीओ, नई दिल्ली रेलवे स्टेशन, जखीरा व पंजाबी बाग होते हुए रेलवे लाइन के साथ-साथ बनाया जाना प्रस्तावित है। अब रेलवे ने फिलहाल तो जमीन देने से इंकार कर दिया है। मगर दिल्ली सरकार के निवेदन पर कॉरिडोर परियोजना से जुड़े दिल्ली सरकार के अधिकारी व रेलवे अधिकारियों की टीम उन जगहों का एक फिर जायजा लेगी जिनकी कॉरिडोर के लिए जरूरत है।
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- रेलवे ने अपनी जमीन देने से किया इंकार
- टीकरी बार्डर से आनंद विहार तक प्रस्तावित है एलिवेटिड वे
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