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पंप ऑपरेटर ने तोड़ा दम, सरपंच पति और पार्षद पति सहित चार के खिलाफ केस दर्ज

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अमर उजाला ब्यूरो
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बेरी।
सुसाइड नोट लिखकर जहर निगलने वाले मदाना गांव निवासी पंप ऑपरेटर ओमप्रकाश ने तीन दिनों तक जिंदगी और मौत के बीच जूझने के बाद 14 जून की रात को रोहतक के निजी अस्पताल में दम तोड़ दिया। ओमप्रकाश ने तीन दिन पूर्व गांव की महिला सरपंच किरण देवी के पति लिलहड़, जिला पार्षद लक्ष्मी देवी के पति सवीन सहित गांव के ही सतपाल व सीटू पर उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगाया था और घटना के दौरान ही मौके पर एक सुसाइड नोट भी छोड़ा था। हालांकि इन तीन दिनों में ओमप्रकाश की स्थिति सामान्य न होने के चलते बेरी पुलिस ओमप्रकाश का बयान तो नहीं ले पाई लेकिन पुलिस ने मौके पर छोड़े सुसाइड नोट व उसके बेटे सोनू की शिकायत पर उक्त सभी लोगों के खिलाफ बेरी थाने में केस दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी के लिए दो टीमों का गठन किया है।
घटना के बाद आरोपी फरार
मामला दर्ज होने के बाद से ही सभी आरोपी फरार बताए जाते हैं। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दो टीमों का गठन किया गया है, जोकि निरंतर दबिश भी दे रही हैं। गौरतलब है कि मृतक ओमप्रकाश दलित जाति से संबंध रखता था और वह गांव के ही पंप हाउस पर ऑपरेटर था। लेकिन पिछले दिनों उसका तबादला पास के ही गांव महराना में करा दिया गया। मृतक का आरोप था कि उक्त सभी आरोपियों ने उसकी झूठी शिकायत कर पहले तो उसका तबादला कराया और बाद में उस पर निरंतर ताने देकर उसे मानसिक रूप से परेशान करते रहे। उसी के चलते उसे सल्फास खाने को मजबूर होना पड़ा।
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शव लेने से मना किया तो छूटे पुलिस के पसीने
अस्पताल में दम तोड़ने के बाद ओमप्रकाश के परिजनों का कहना था कि जब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो जाती, तब तक शव को नहीं लेंगे और अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। जब पुलिस को मदाना चौक पर जाम लगाने की भनक लगी तो पुलिस उप अधीक्षक जितेंद्र कुमार ने मोर्चा संभाला और खुद ही पीजीआई में जाकर परिजनों से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने परिजनों को आश्वासन दिया कि आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पुलिस के आश्वासन के बाद परिजन ओमप्रकाश के शव का अंतिम संस्कार करने को राजी हुए और दोपहर बाद ओमप्रकाश का गांव में अंतिम संस्कार कर दिया।
मृतक पर ही आश्रित था परिवार
ओमप्रकाश के भतीजे रमेश ने बताया कि ओमप्रकाश की तीन लड़की और 2 लड़के हैं और तीनों लड़कियां शादीशुदा हैं और दो लड़कों में बड़ा लड़का सोनू दिल्ली प्राइवेट कंपनी में काम करता है। छोटा लड़का प्रदीप अपने पिता के साथ ही थोड़ा बहुत काम कर लेता था और परिवार का खर्चा ओमप्रकाश ही चलाता था।
पांच दिन पूर्व झज्जर में भी हुई थी घटना
पैसे को लेकर दबाव बनाए जाने के मामले में 10 जून को झज्जर के विकास नगर निवासी प्रदीप ने भी सल्फास निगल लिया था जिसमें उसने गवालीसन गांव निवासी एक व्यक्ति पर आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया था। आत्महत्या का प्रयास करने वाले प्रदीप ने आरोप लगाया था कि हुडा के प्लॉटों में लगाने के लिए उसने किसी से कुछ पैसे लिए थे, जो बाद में लौटा दिए लेकिन इसके बावजूद भी उक्त व्यक्ति उसे परेशान कर रहा था। जिसके चलते उसने सल्फास निगला है।
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तीन दिन पहले गांव मदाना जलघर में पंप ऑपरेटर ओमप्रकाश ने जहर निगल लिया था और मौके से सुसाइड नोट भी मिला था। बुधवार देर रात को ओमप्रकाश ने दम तोड़ दिया और ओमप्रकाश से मिले सुसाइड नोट की राइटिंग की जांच की जा रही है और मामले में तफ्तीश करने के बाद ही आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी। मृतक ओमप्रकाश के बेटे की शिकायत पर चार लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए 2 टीमें गठित कर दी गई हैं। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
-सुरेश कुमार, डीघल, चौकी इंचार्ज।

पंप ऑपरेटर ने तोड़ा दम, सरपंच पति और पार्षद पति सहित चार के खिलाफ केस दर्ज
-आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने किया दो टीमों का गठन


फोटो संख्या-11
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