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Jhajjar-Bahadurgarh News: जिले में 160 डॉक्टर रहे हड़ताल पर, टले ऑपरेशन, मरीज परेशान

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झज्जर। हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन के आह्वान पर वीरवार को जिले के लगभग 160 सरकारी चिकित्सक अपनी चार मांगों को लेकर हड़ताल पर रहे। इसके चलते पूरी ओपीडी नहीं चली, पोस्टमार्टम और ऑपरेशन तक रूक गए। मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। हड़ताल को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने जिले में 55 डॉक्टरों की वैकल्पिक व्यवस्था की थी, लेकिन वह हड़ताल के असर को बेअसर नहीं कर सकी।
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हड़ताल का असर सबसे अधिक हड्डी रोग व बच्चों की ओपीडी को पड़ा। रोजाना 60 से 70 ऑपरेशन होते थे, इन सभी को आगे की डेट दी गई। हड्डी व बच्चों के डॉक्टर न मिलने से मरीजों को निजी अस्पताल जाना पड़ा। जिले में प्रतिदिन लगभग 5 हजार की ओपीडी होती है, लेकिन वीरवार को पूरे जिले में लगभग 2300 की ओपीडी हुई। झज्जर के सरकारी अस्पताल में 800, बहादुरगढ़ में 700 व अन्य सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर लगभग 800 ओपीडी में पंजीकरण हुआ। स्वास्थ्य विभाग की तरफ से झज्जर के सरकारी अस्पताल में डेंटल, आयुर्वेदिक, एनएचएम के 35 डॉक्टरों की ड्यूटी लगाई गई थी। सिविल अस्पताल में हड्डी, बंधीकरण के ऑपरेशन नहीं हुए।


सीएमओ ने किया अस्पताल का निरीक्षण, खुद जांच भी की
सिविल सर्जन डॉ. ब्रह्मदीप सिंह ने वीरवार दोपहर को सरकारी अस्पताल का निरीक्षण किया। उन्होंने आपातकालीन, वार्ड, ओपीडी का दौरा किया। उन्होंने आपातकालीन विभाग में खुद भी मरीजों की जांच की। यहां तक की आए हुए मरीजों की दवा भी पर्ची पर लिखने का काम किया।
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मांगों को पूरा करे सरकार
हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन की जिला प्रधान डॉक्टर ममता चहल व महासचिव डॉ. संदीप ने बताया एसोसिएशन की चार मुख्य मांगें हैं। इसमें पीजी बांड राशि घटाकर 50 लाख करना, डॉक्टर्स को सेंटर के समान वेतन लाभ दिया जाए, इसमें चौथे एसीपी का लाभ और अलाउंस भी शामिल है। एचसीएमएस कैडर में डायरेक्ट एसएमओ की सीधी भर्ती पर रोक लगाकर इस बारे में गजट नोटिफिकेशन जारी किया जाए और स्पेशलिस्ट कैडर का गठन किया जाए। इन चारों मांगों को सरकार ने 6 महीने पहले जायज मानकर अपनी सहमति जताई थी, लेकिन अभी तक एक भी डिमांड के बारे में सरकार की तरफ से कोई नोटिफिकेशन जारी नहीं हुआ है। इसको लेकर हरियाणा के सभी सरकारी डॉक्टर्स में भारी रोष है। सरकार उनकी मांग को पूरा करे।
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