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114 करोड़ बढ़ा मुआवजा, किसान संतुष्ट नहीं, रेल रोकने की अभी भी चेतावनी

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चरखी दादरी। एनएच-152 डी के लिए अधिगृहीत की जाने वाली भूमि की दो संशोधित अवार्ड राशि तय कर डीआरओ ने रिपोर्ट राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को भेज दी हैं। जिला प्रशासन का तर्क है कि किसानों की मुआवजा राशि में 114 करोड़ का इजाफा किया गया है। वहीं, धरने पर बैठे किसानों ने संशोधित अवार्ड राशि को नकार दिया है। किसान नेता रमेश दलाल का कहना है कि मार्केट रेट में बेहद कम बढ़ोतरी की गई है और इससे किसान संतुष्ट नहीं है। अगर इसमें और बढ़ोतरी नहीं की गई तो समिति अगले 48 घंटे के अंदर रेल रोको आंदोलन शुरू कर देगी और इसकी रणनीति मंगलवार को तैयार कर ली जाएगी। वहीं, सोमवार को रेल रोको आंदोलन के मद्देननजर सात ड्यूटी मजिस्ट्रेट की तैनाती फोर्स सहित अलग-अलग नाकों पर की गई।
नई अवार्ड राशि के मुताबिक दादरी के किसानों की मुआवजा राशि एक करोड़ 27 लाख 33 हजार तय की गई है जो 17 गांवों में सबसे अधिक है। पांच गांवों की मुआवजा राशि 45 लाख 84 हजार जबकि आठ गांवों की मुआवजा राशि 45 लाख 70 हजार तय की गई है। ये जिला प्रशासन द्वारा तय मार्केट रेट की ढाई गुना राशि है। उपायुक्त मुकेश कुमार आहूजा के मार्गदर्शन में नगराधीश की अध्यक्षता में गठित कमेटी ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। गांव रामनगर के समीप 17 गांवों के किसान जमीन की मुआवजा दरों में संशोधन को लेकर पिछले काफी समय से धरने पर बैठे हुए हैं। किसानों की मांग पर उपायुक्त मुकेश कुमार आहूजा ने 18 जनवरी और 26 फरवरी को घोषित हुए अवार्ड में संशोधन की रूपरेखा सरकार को भिजवाई थी। उपायुक्त ने अपनी रिपोर्ट सभी तथ्यों और कानूनी प्रावधान को ध्यान में रखते हुए विस्तार से एक-एक गांव के अनुसार तैयार की थी। सरकार ने इसे मानते हुए जिला राजस्व अधिकारी को संशोधन दरों का दायित्व सौंपा था।। कमेटी की रिपोर्ट अब आ गई है और उपायुक्त ने भी इस पर अपनी सहमति प्रकट की है। जिला राजस्व अधिकारी ने इसे अवार्ड घोषित करने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को भेज दिया है।
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पहले घोषित हुए दोनों अवार्ड के मुकाबले किसानों को 114 करोड़ की राशि अधिक मिलने की संभावना है। पहले किसानों का मुआवजा 295 करोड़ 39 लाख बनता था, अब ये बढ़कर करीब 409 करोड़ हो गया है। प्रति एकड़ मुआवजा राशि 45 लाख 70 हजार से एक करोड़ 27 लाख 33 हजार तक हो गई है।
ये हैं 18 जनवरी को घोषित अवार्ड की संशोधित दरें
संशोधित दरों के अनुसार 18 जनवरी को घोषित हुए पहले अवार्ड की दरें अब लगभग दोगुनी हो गई हैं। संशोधन दरों के मुताबिक गांव बौंदकलां, बौंद खुर्द, मौड़ी, खातीवास व बलकरा के किसानों को 45 लाख 84 हजार 33 रुपये, गांव रानीला, भागेश्वरी, झिंझर, मकड़ानी, मकड़ाना, दातौली व चिड़ियों के किसानों को 45 लाख 70 हजार 27 रुपये, गांव समसपुर व कपूरी में 68 लाख 76 हजार 49 रुपये, गांव टिकान कलां में 63 लाख 66 हजार 712 रुपये, गांव ढाणी फौगाट में 76 लाख 40 हजार 55 रुपये और दादरी क्षेत्र के किसानों को एक करोड़ 27 लाख 33 हजार 425 रुपये की राशि प्रति एकड़ के हिसाब से दी जाएगी।
26 फरवरी को घोषित अवार्ड की ये हैं संशोधित दरें
जिला राजस्व अधिकारी की रिपोर्ट के अनुसार दूसरा अवार्ड 26 फरवरी को घोषित किया गया था। इसकी संशोधित संशोधित दरें भी तय कर दी गई हैं। इनमें गांव बौंदकलां, बौंद खुर्द, खातीवास, बलकरा में प्रति एकड़ 45 लाख 30 हजार, 773 रुपये, मौड़ी में 45 लाख 30 हजार 772 रुपये, रानीला, सांजरवास, भागेश्वरी, झिंझर, मकड़ाना में 45 लाख 25 हजार 644 रुपये, गांव चिड़िया में 45 लाख 25 हजार 645 रुपये, मकड़ानी में 45 लाख 25 हजार 649 रुपये, दादरी के किसानों एक करोड़ 25 लाख 85 हजार 479 रुपये, समसपुर में 67 लाख 96 हजार 157 रुपये, ढाणी फौगाट में 75 लाख 51 हजार 288 रुपये, टिकान कलां में 62 लाख 92 हजार 740 रुपये, कपूरी में 67 लाख 96 हजार 159 रुपये मुआवजा देने की अनुशंसा की गई है।
डीसी ने लागू की धारा-144 लागू
जिलाधीश मुकेश कुमार आहूजा ने दादरी जिले में कानून एवं सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए धारा 144 लागू कर दी है। जिलाधीश के आदेशानुसार यह धारा एक जुलाई से प्रभावी रहेगी। जिला प्रशासन ने एहतियात के तौर पर यह धारा लगाई है। इसके अनुसार कोई भी व्यक्ति जिला की शांति व कानून व्यवस्था को भंग नहीं करेगा और न ही हथियार लेकर चल सकेगा।
किसान धरनास्थल पर तो पुलिस डटी रेलवे ट्रैक पर
रामनगर के समीप किसानों का धरना लगातार जारी है। सोमवार को भी धरनास्थल पर काफी तादाद में किसान पहुंचे। किसान नेता रमेश दलाल को धरनास्थल पर मौजूद किसानों ने एक आदेश पर रेलवे ट्रैक जाम करने का आश्वासन दिया है। वहीं, सोमवार को भी जिले में अन्य चार जिलों से पुलिस कंपनी बुुलाई गईं। दादरी स्टेशन से लेकर ढाणी फौगाट तक पुलिस तीन जगह रेलवे ट्रैक पर डेरा डाले रही। इसके अलावा धरनास्थल के आस-पास भी पुलिस फोर्स तैनात रखी गई।
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दो करोड़ नहीं तो रोड नहीं : रमेश दलाल
किसान नेता रमेश दलाल ने कहा कि प्रशासन ने बेहद कम रेट बढ़ाया है और किसान इससे सहमत नहीं है। अब पूरे हरियाणा के किसानों को साथ लेकर लड़ाई लड़ी जाएगी और रेल रोकने की रणनीति अगले 24 घंटे में तैयार कर ली जाएगी। किसानों की मांग उनका नारा- दो करोड़ नहीं तो रोड नहीं हैॎ। उन्होंने बताया कि किसानों ने प्रशासन की चोरी पकड़ी थी और इसके चलते मार्केट रेट में थोड़ी वृद्घि की गई है।
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