चरखी दादरी। जिले की नहरों में 11 जून को छोड़ा गया बंद हो गया है। अब अगली टर्न 15 दिन बाद आएगी। इस बार पानी कम मिलने के कारण नहरों के आखिरी छोर सूखे ही रहे। विभाग के अनुसार पानी चोरी में भी कमी आई है। 18 दिन नहरों में 650 क्यूसेक पानी ही चला। जिले मेें नहरी पानी की किल्लत बनी रहती है। इस वजह से सिंचाई और पेयजल के लिए भी पानी का संकट बना रहता है।
जिले की नहरों में बाकरा हेड से पानी छोड़ा जाता है। इस बार हेेड से ही पानी कम मात्रा में छोड़ा गया। इस कारण पूर्ति नहीं हो सकी है। इस समय धान की रोपाई का सीजन चल रहा है। ऐेसेे में पीछे हेड से ही पानी चोरी का सिलसिला शुरू हो गया था। नहरों से शहर के जलघरों में भी पानी की जरूरत पूरी नहीं हो सकी है। इसके अलावा आखिरी छोर पर पड़ने वाले गांवों में भी पानी नहीं पहुंच सका है। हालांकि सिंचाई विभाग अधिकारियों की टीमों ने छापे मारी की। किसानों के नहरों से साइफन पंप और इंजन भी हटवाए गए। इस दौरान अधिकारियों के साथ ग्रामीणों द्वारा हाथापाई भी की गई। अब 15 दिन बाद फिर पानी का टर्न आएगा। अगर इस दौरान मानसून की अच्छी बारिश हो जाती है तो नहरी पानी की कम जरूरत पड़ेगी। सिंचाई के लिए पानी का संकट नहीं बढ़ेगा। पेयजल की समस्या का भी तीन- चार माह तक संकट नहीं रहेगा। गत मानसून सीजन में जिले की नहरों मेें 77 दिनों तक पानी चला था। इससे जिले की 37 माइनर व सब माइनरों की टेल फीड हो गई थी। जिले के रेतीले बाढड़ा, कादमा, झोझू कलां क्षेत्रों में भी माइनरों से नहरी पानी पहुंच गया था। इस संबंध में सिंचाई विभाग के एसडीओ राहुल छिल्लर का कहना है कि जलघरों में पानी पहुंचा दिया गया है। इस बार पानी पीछे से ही कम मात्रा में मिला था।